#बालाघाट
सीतापठोर और सुकली के 09 किसानों ने सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति से की 45 एकड़ में धान की बोनी
नई तकनीक अपनाकर लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में किसानों का कदम
बालाघाट जिले के विकासखंड कटंगी अंतर्गत ग्राम पंचायत सुकली के ग्राम सीतापठोर एवं सुकली में किसानों द्वारा धान की खेती में आधुनिक डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) तकनीक को तेजी से अपनाया जा रहा है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में अब तक 09 प्रगतिशील किसानों ने सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कर आधुनिक खेती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
कृषि विस्तार अधिकारी श्री विशेष बागड़े के मार्गदर्शन में ग्राम सीतापठोर के उन्नत कृषक श्री राकेश सूर्यवंशी ने विभागीय धान किस्म जेआर-21 की 10 एकड़ में सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति द्वारा बुवाई की। इस तकनीक का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, पानी की बचत करना तथा उत्पादन में वृद्धि करना है।
श्री सूर्यवंशी ने अपने खेत पर अन्य किसानों को भी डीएसआर तकनीक के लाभों की जानकारी दी। इससे प्रेरित होकर श्री वेंकट/हरिकिशन चौधरी ने 10 एकड़, श्री प्रवीण सिंगारे ने 2 एकड़ तथा राहंगडाले परिवार ने भी अपने खेतों में डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई की तैयारी की है।
इसी क्रम में कृषि विस्तार अधिकारी श्री विशेष बागड़े के मार्गदर्शन में श्री वैभव पालिवाल ने 5 एकड़, श्री मुन्नालाल जैसवाल ने 5 एकड़, श्री तुकाराम राहंगडाले ने 4 एकड़, श्री आत्माराम सोनी ने 5 एकड़, श्री मुरलीधर सोनगड़े ने 2 एकड़ तथा श्री नरेंद्र जैतवार ने 2 एकड़ क्षेत्र में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर तकनीक अपनाकर धान की बुवाई की है।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को खेत पर ही डीएसआर तकनीक के व्यावहारिक लाभों की जानकारी दी जा रही है। इस तकनीक से बीज एवं श्रम लागत में कमी, सिंचाई जल की बचत, समय पर बुवाई तथा बेहतर उत्पादन की संभावना बढ़ती है। किसानों की बढ़ती रुचि को देखते हुए क्षेत्र के अन्य कृषक भी डीएसआर पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
कृषि विभाग ने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की अपील की है।
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70 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 26, 2026