चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद,गोपेश्वर गद्दीस्थल के लिए कल रवाना होगी उत्सव डोली।
चमोली:-पंचकेदारों में से एक चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट आज शनिवार को शाम 7 बजकर45 मिनिट पर शीतकाल के लिए विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंद होने के शुभअवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु इस पावन और भावुक पल के साक्षी बने। कपाट बंद होने के साथ ही रुद्रनाथमंदिर परिसर भगवान रुद्रनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। अब आगामी छह महीनों तक भगवान रुद्रनाथ के दर्शन उनके शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिरगोपेश्वर में होंगे।
पौराणिकपरंपरा के अनुसार कपाट बंद होने की प्रक्रिया आज दोपहर से ही शुरू हो गई थी। मुख्य पुजारी द्वारा भगवानरुद्रनाथ के विग्रह की विशेष पूजा-अर्चना की गई। आज शाम ठीक 7 बजकर 45मिनट पर जैसे ही मुख्य गर्भगृह के कपाट बंद हुए, वहां मौजूद श्रद्धालुओं और हक-हकूकधारियों की आंखें नम हो गईं। कपाट बंद होने के बाद भगवानरुद्रनाथ की भव्य उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थलगोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर के लिए कल यानी रविवार 18अक्टूबर को सुबह प्रस्थान करेगी। भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेगी,18अक्टूबर रविवार को डोली रुद्रनाथ धाम से प्रस्थान कर अपनी यात्रा के पहले पड़ाव पनार पहुंचेगी उसके बाद पितृधार,ल्यूंठी होते हुए ज्वाल्पा मंदिर देवलधार में रात्रि विश्राम करेगी।
अगले 6 महीनों तक गोपेश्वर में होंगे चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के दर्शन।
19 अक्टूबर सोमवार को उत्सव डोली भक्तों को आशीर्वाद देते हुए गोपेश्वर स्थित गोपीनाथमंदिर पहुंचेगी।19अक्टूबर को गोपीनाथ मंदिर के गर्भगृह में भगवान रुद्रनाथ की डोली को धार्मिक परंपराओं के साथ स्थापित कर दिया जाएगा।इसके बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अगले छह महीनों तक भगवान रुद्रनाथ के के दर्शन और पूजा-अर्चना गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर में कर सकेंगे। स्थानीय प्रशासन ने डोली यात्रा के मार्गों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।