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HIMWANT PRADESH NEWS

@bhanunegi.ht
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: थराली में फर्जी वोटर आईडी का मामला उजागर, पूर्व बीएलओ पर गंभीर आरोप

थराली, चमोली (उत्तराखंड)
 विनोद पांडे

थराली। जनपद चमोली की तहसील थराली में मतदाता सूची से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि पूर्व बीएलओ (BLO) द्वारा एक बाहरी व्यक्ति का नाम कथित रूप से स्थानीय मूल निवासी के पुत्र के रूप में दर्ज कर उसकी वोटर आईडी बनवाई गई। मामला उस समय उजागर हुआ जब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआर) के तहत मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा था।

वर्तमान बीएलओ रोशन ने सत्यापन के दौरान दस्तावेजों में विसंगति मिलने पर मामले को चिन्हित किया। जानकारी के अनुसार संबंधित व्यक्ति क्षेत्र में सुनार की दुकान संचालित करता था और स्थानीय लोगों के लगभग 20 लाख रुपये से अधिक मूल्य के आभूषण लेकर करीब एक वर्ष पूर्व फरार हो गया था। बताया जा रहा है कि हाल ही में उक्त व्यक्ति ने फोन कर अपना नाम मतदाता सूची में बनाए रखने का अनुरोध भी किया।

प्रथम दृष्टया मामला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का प्रतीत हो रहा है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है।

वर्तमान बीएलओ रोशन ने पूरे प्रकरण की जानकारी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने की बात कही है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करते हैं।

नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप प्रारंभिक जानकारी पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष और प्रशासनिक जांच की रिपोर्ट आना अभी शेष है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
आपके विचारों को आधार बनाकर एक सुव्यवस्थित लेख तैयार किया है।

उत्तराखंड की जैविक खेती की असली पहचान हैं बैल

उत्तराखंड के पर्वतीय जनपद अपनी जैविक एवं परम्परागत कृषि प्रणाली के लिए पूरे देश में विशेष पहचान रखते हैं। यहां की जलवायु, उपजाऊ भूमि, प्राकृतिक जलस्रोत और किसानों की पारंपरिक खेती की पद्धति आज भी कृषि को प्रकृति के सबसे करीब बनाए हुए हैं। भले ही पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि उत्पादन मैदानी इलाकों की तुलना में कम हो, लेकिन यहां उगाए जाने वाले लगभग 12 प्रकार के पारंपरिक मोटे अनाज—जिनमें मंडुवा, झंगोरा, चौलाई, कौणी, जौं, गेहूं, गहत, भट्ट, राजमा, मसूर, उड़द और अन्य स्थानीय फसलें शामिल हैं—अपनी शुद्धता, पौष्टिकता और गुणवत्ता के कारण देश-विदेश तक अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।

समय के साथ कृषि क्षेत्र में आधुनिक उपकरणों का प्रयोग बढ़ा है। पावर टिलर, मिनी ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्रों ने खेती के कई कार्यों को पहले की अपेक्षा सरल अवश्य बनाया है, लेकिन उत्तराखंड की पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों में आज भी बैलों का महत्व कम नहीं हुआ है। संकरी सीढ़ीनुमा खेतों, दुर्गम भूभाग और छोटे-छोटे खेतों में बैल आज भी सबसे भरोसेमंद कृषि साथी हैं।

बैल केवल खेत जोतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे पारंपरिक कृषि व्यवस्था की आधारशिला हैं। इनके माध्यम से खेतों की जुताई होती है और इनके गोबर व गोमूत्र से तैयार होने वाली जैविक खाद भूमि की उर्वरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही कारण है कि उत्तराखंड की खेती आज भी रासायनिक उर्वरकों की तुलना में प्राकृतिक संसाधनों पर अधिक निर्भर है।

यदि वास्तव में जैविक खेती को बढ़ावा देना है तो केवल जैविक प्रमाणपत्र या योजनाएं पर्याप्त नहीं होंगी। इसके लिए पशुपालन, विशेषकर बैलों और देशी पशुधन का संरक्षण एवं संवर्धन भी उतना ही आवश्यक है। बैलों के बिना जैविक खेती की परिकल्पना अधूरी है, क्योंकि जैविक कृषि केवल रसायनों से दूरी का नाम नहीं, बल्कि प्रकृति, पशुधन और किसान के बीच संतुलित संबंध का नाम है।

आज आवश्यकता इस बात की है कि सरकार और समाज मिलकर पारंपरिक कृषि और पशुपालन को प्रोत्साहित करें। यदि बैलों की संख्या लगातार घटती रही तो भविष्य में उत्तराखंड की पारंपरिक जैविक खेती भी प्रभावित होगी। इसलिए खेती की आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उत्तराखंड की जैविक खेती केवल कृषि का माध्यम नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति, लोकजीवन और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की जीवंत विरासत है। इस विरासत को सुरक्षित रखने के लिए बैलों और पारंपरिक कृषि व्यवस्था का संरक्षण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
-भानुप्रकाश नेगी पत्रकार
हरीश चमोली जी को शुभकामनाए
नकली नोटो का खुलासा <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=haridwar nis:value=haridwar nis:enabled=true nis:link/>
🙏 विनम्र श्रद्धांजलि 🙏

पूर्व आईएएस अधिकारी एवं जनपद चमोली के पूर्व जिलाधिकारी परम आदरणीय  चंद्र सिंह जी के गोलोकधाम गमन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उनके निधन से ऐसा प्रतीत होता है मानो परिवार का कोई अपना सदस्य बिछड़ गया हो।

चंद्र सिंह जी अपने सरल स्वभाव, दृढ़ निश्चय, निष्कलंक ईमानदारी और जनसरोकारों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के लिए सदैव याद किए जाएंगे। वे हर व्यक्ति की बात धैर्यपूर्वक सुनते थे और समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करते थे। यही कारण है कि आज उनके प्रति सोशल मीडिया पर उमड़ रहा जनस्नेह उनके विराट व्यक्तित्व का प्रमाण है।

 उनके जाने से केवल एक पूर्व जिलाधिकारी नहीं, बल्कि एक प्रेरणास्रोत, एक संवेदनशील प्रशासक और एक महान व्यक्तित्व हमसे दूर हो गया है। हिमवंत कवि चन्द्र कुवंर बर्तवाल शोध संस्थान देहरादून के संरक्षक के रूप में आपका मार्गदर्शन सदैव चिरस्मरीय रहेगा।

ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार और उनके असंख्य शुभचिंतकों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
चमोली: बिरही–निजमुला मोटर मार्ग बंद

लगातार हो रही बारिश के चलते सेंजीधार के पास भारी मलबा और बोल्डर आने से बिरही–निजमुला मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गया है।

मार्ग बंद होने से गौंडा, गाड़ी, निजमुला, सैनजी, ईरानी पाणा और पगना सहित कई गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने मार्ग खोलने के लिए संबंधित विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया है।

जिला प्रशासन ने खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।यदि चाहें, मैं इसे फेसबुक, व्हाट्सऐप या न्यूज़ पोर्टल के लिए और भी आकर्षक फॉर्मेट में तैयार कर सकता हूँ।
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फौजी भाई राहुल नेगी जी को बहुत बहुत शुभकामनाए
चमोली: जब व्यवस्था नहीं पहुँची, तो ग्रामीण खुद बन गए उम्मीद

विकासखंड जोशीमठ के डुमक–कलगोठ क्षेत्र में सड़क अवरुद्ध होने के बाद स्थानीय ग्रामीण स्वयं सड़क खोलने में जुटे हुए हैं। हाथों में फावड़े और औजार लेकर लोग मलबा हटाकर आवाजाही बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं।

यह तस्वीर पहाड़ के लोगों के जज्बे, एकजुटता और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग भी जल्द मौके पर पहुंचकर सड़क को पूरी तरह सुचारु करेगा, ताकि क्षेत्र की आवाजाही सामान्य हो सके।

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देवाल में भूस्खलन से पैदल मार्ग बना खतरे का सबब, ग्रामीणों ने लगाई समाधान की गुहार

देवाल (चमोली)। विकासखंड देवाल की ग्राम पंचायत ओडर के अंतर्गत एरेठा बाउल्य तोक से देवशाली झूला पुल होते हुए एरेठा गांव को जोड़ने वाला पैदल मार्ग लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण बेहद जोखिम भरा हो गया है। पहाड़ी से लगातार भारी बोल्डर और मलबा गिरने से ग्रामीणों की आवाजाही खतरे में पड़ गई है।

ग्राम प्रधान प्रेमा देवी ने बताया कि यह मार्ग एरेठा गांव के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। भूस्खलन के चलते हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं।

उन्होंने बताया कि यदि समय रहते सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्राम पंचायत की ओर से शासन और जिला प्रशासन से तत्काल भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा कार्य, मलबा हटाने तथा पैदल मार्ग को सुरक्षित बनाने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अपील की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए इस समस्या का शीघ्र स्थायी समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके और किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। @bhupal
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💐 सम्मानित सेवानिवृत्ति पर हार्दिक शुभकामनाएँ 💐

राजकीय इंटर कॉलेज उड़ामाण्डा में 37 वर्षों तक अपनी सेवाएँ पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ देने वाले श्री नंदन सिंह पंवार जी के सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

आपने अपने कर्तव्यनिष्ठ कार्य, सरल व्यक्तित्व और उत्कृष्ट सेवाभाव से विद्यालय परिवार एवं समाज में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। आपकी कर्मनिष्ठा और विनम्रता सदैव सभी के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

भगवान श्री बद्रीविशाल से प्रार्थना है कि आपका सेवानिवृत्ति जीवन उत्तम स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि, दीर्घायु एवं परिवार के साथ आनंदमय बीते।

आपके उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखद भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएँ।

🌹 सेवानिवृत्ति की हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन! 🌹
💐 सम्मानित सेवानिवृत्ति पर हार्दिक शुभकामनाएँ 💐

राजकीय इंटर कॉलेज उड़ामाण्डा में 37 वर्षों तक अपनी सेवाएँ पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ देने वाले श्री नंदन सिंह पंवार जी के सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

आपने अपने कर्तव्यनिष्ठ कार्य, सरल व्यक्तित्व और उत्कृष्ट सेवाभाव से विद्यालय परिवार एवं समाज में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। आपकी कर्मनिष्ठा और विनम्रता सदैव सभी के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

भगवान श्री बद्रीविशाल से प्रार्थना है कि आपका सेवानिवृत्ति जीवन उत्तम स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि, दीर्घायु एवं परिवार के साथ आनंदमय बीते।

आपके उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखद भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएँ।

🌹 सेवानिवृत्ति की हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन! 🌹
चमोली, 

उप प्रधान पद के निर्वाचन की अधिसूचना जारी, 15 जुलाई को होगा निर्वाचन

जनपद चमोली में उप प्रधान पंचायत सामान्य निर्वाचन-2026 की अधिसूचना जारी, 608 उप प्रधान पद हेतु होगा निर्वाचन

उप प्रधान चुनाव: 8 से 14 जुलाई तक मिलेंगे नाम निर्देशन पत्र

जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) चमोली गौरव कुमार द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड की अधिसूचना के क्रम में जनपद की ग्राम पंचायतों में रिक्त उप प्रधान पदों के सामान्य निर्वाचन की समय-सारणी जारी कर दी गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचन की समस्त कार्यवाही संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर संपन्न कराई जाएगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 जुलाई, 2026 को प्रातः 10:00 बजे से 11:00 बजे तक नामांकन पत्र जमा किए जाएंगे। इसके उपरांत 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।

दोपहर 12:00 बजे से 12:30 बजे तक नाम वापसी का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद अपराह्न 12:30 बजे से 1:00 बजे तक निर्वाचन चिन्हों का आवंटन किया जाएगा। 

अपराह्न 1:30 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक मतदान कराया जाएगा तथा अपराह्न 4:00 बजे से कार्य समाप्ति तक मतगणना एवं परिणाम घोषित किए जाएंगे।

जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गौरव कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश पंचायती राज (सदस्यों, प्रधानों और उप प्रधानों का निर्वाचन) नियमावली, 1994 (उत्तराखण्ड राज्य में यथावत प्रवृत्त) के प्रावधानों तथा राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होगी। 

उन्होंने बताया कि नामांकन पत्रों की बिक्री 08 जुलाई से 14 जुलाई, 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक संबंधित क्षेत्र पंचायत मुख्यालयों पर की जाएगी। वहीं निर्वाचन दिवस 15 जुलाई, 2026 को प्रातः 8:00 बजे से 9:30 बजे तक भी संबंधित ग्राम पंचायत में निर्धारित स्थान पर नामांकन पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।

उप प्रधान पंचायत सामान्य निर्वाचन-2026 के अंतर्गत जनपद चमोली में विकासखंडवार उप प्रधान ग्राम पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्रों का विवरण जारी कर दिया गया है। जनपद की कुल 608 उप प्रधान पद के लिए निर्वाचन संपन्न कराया जाएगा।

जारी विवरण के अनुसार विकासखंड ज्योतिर्मठ में 58, दशोली में 67, नन्दानगर (घाट) में 54, कर्णप्रयाग में 94, पोखरी में 73, गैरसैंण में 95, नारायणबगड़ में 75, थराली में 46 तथा देवाल विकासखंड में 46 उप प्रधान पदों के लिए निर्वाचन कराया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार उप प्रधान पंचायत सामान्य निर्वाचन-2026 की सभी आवश्यक निर्वाचन प्रक्रियाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराई जाएंगी। निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। निर्वाचन से संबंधित समस्त जानकारी संबंधित विकासखंड कार्यालयों एवं जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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देहरादून

प्रमोद नौटियाल के खिलाफ FIR दर्ज, पहले निलंबन अब पुलिस जांच का सामना

चढ़ावे से जुड़े मामले में बीकेटीसी की शिकायत पर बदरीनाथ थाने में मुकदमा दर्ज, BNS की धारा 306 और 316(5) के तहत कार्रवाई श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभागीय जांच और निलंबन की कार्रवाई के बाद अब उनके खिलाफ पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बीकेटीसी के मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की लिखित तहरीर पर थाना बदरीनाथ में 8 जुलाई 2026 को FIR संख्या 0006 दर्ज की गई है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 306 और 316(5) का उल्लेख है।

तहरीर के मुताबिक, 2 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से बदरीनाथ मंदिर में हुई कथित वित्तीय अनियमितता की सूचना मिलने के बाद मंदिर समिति ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। प्रारंभिक जांच में संबंधित कार्मिक प्रमोद नौटियाल द्वारा प्रथम दृष्टया मंदिर धनराशि को सुबह करीब 9 बजे से 9:30 बजे के बीच कथित रूप से अनधिकृत तरीके से धनराशि उठाए जाने की पुष्टि होने का उल्लेख किया गया है।

इसके बाद 7 जुलाई को बीकेटीसी ने प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। समिति ने माना था कि उन्हें पद पर बनाए रखने से निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की आशंका है।
अब बीकेटीसी की ओर से पुलिस में तहरीर दिए जाने के बाद मामला विभागीय जांच से आगे बढ़कर आपराधिक जांच के दायरे में पहुंच गया है।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
हालांकि, एफआईआर दर्ज होना आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं है। मामले में दोष या निर्दोषता का निर्धारण पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
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🚨 बद्रीनाथ नेशनल हाईवे अपडेट | 06 जुलाई 2026 | प्रातः 06:00 बजे

बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भनेरपानी एवं गुलाबकोटी के पास मलबा और पत्थर आने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है।

मार्ग को सुचारु करने के लिए संबंधित एजेंसियों द्वारा युद्धस्तर पर मलबा हटाने और सड़क खोलने का कार्य लगातार जारी है।

यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों से अनुरोध है कि यात्रा पर निकलने से पहले मार्ग की ताज़ा स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।
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