प्रेस रिलीज
दिनाँक- 17/07/26
स्थान- नालंदा
राजगीर के विकास का विजन-2045 तैयार, कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई मसौदे पर चर्चा
● मसौदे में चार नए बस टर्मिनल का प्रावधान*
● तीन एग्रो बेस्ड स्पेशल इकोनॉमिक जोन और फूड पार्क की स्थापना का भी इसमें प्रावधान
● चार स्थानों पर मल्टी लेवल कार पार्किंग की भी बात*
● पीपीपी मोड पर राजगीर और नालंदा में फाइब स्टार होटल भी बनाए जाएंगे
नालंदा समाहरणालय स्थित हरदेव भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त श्री मयंक वरवड़े द्वारा की गई। बैठक की शुरुआत आयुक्त महोदय को 'ग्रीन प्लांट' (हरित पौधा) भेंट कर उनका स्वागत करने के साथ हुई । इस उच्चस्तरीय बैठक में नालंदा के जिला पदाधिकारी , पुलिस अधीक्षक, माननीय सांसद, स्थानीय विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे । बैठक का मुख्य उद्देश्य नालंदा आयोजना क्षेत्र के अंतर्गत "राजगीर रीजनल प्लानिंग एरिया (आरआरपीए) मास्टर प्लान-2045" का स्टेज-5 पर गहन विमर्श तथा तथा संबंधित हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करना था। गौरतलब हैं यह मास्टर प्लान अभी मसौदे के स्तर पर है।
मसौदे पर बात करते हुए नालंदा जिलाधिकारी श्रीमती
उदिता सिंह ने सभागार में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बताया कि इस मसौदे में पांच नगरों की अलग-अलग पहचान विकसित करने का प्रावधान है। इसके अनुसार राजगीर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन एवं संस्थागत हब बनाया जाएगा। नालंदा को विश्व धरोहर और वेलनेस टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। सिलाव को क्षेत्रीय व्यापार एवं थोक वाणिज्य केंद्र बनाया जाएगा। पावापुरी को शिक्षा एवं उच्च स्तरीय सेवाओं का केंद्र बनाया जाएगा। गिरियक को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त पटना सह अध्यक्ष नालंदा आयोजना क्षेत्र प्राधिकार, नालंदा
श्री मयंक वरवड़े ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती फंडिंग का है।
आप लोग के राय काफ़ी मायने रखती है जिसे हम लोग अंतिम ड्राफ्ट में निश्चित रूप से शामिल करेंगे।
वहीं, मसौदे पर चर्चा करते हुए नालंदा लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद श्री कौशलेन्द्र कुमार ने कहा कि इस मसौदे में हवाई अड्डे का भी प्रावधान होना चाहिए। जन प्रतिनिधियों के साथ विमर्श करके ही अंतिम मसौदे का अंतिम खाका तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो मसौदा है उसमें थोड़ी बहुत सुधार की जरूरत है लेकिन ओवरऑल बहुत अच्छा है।
वहीं माननीय विधान पार्षद श्रीमती रीना यादव ने कहा कि राजीर का तो विकास हो ही रहा है। साथ ही साथ सिलाव का भी विकास होना चाहिए।
श्री श्रवण कुमार, माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार के प्रतिनिधि ने संबोधित करते हुए कहा कि राजगीर में जब भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर का मैच होता है तो स्थानीय लोगों के लिए गाड़ियों का परिचालन बंद कर दिया जाता है जिससे स्थानीय लोगों को दिक्कत होती है और इसका निराकरण निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कई नए निर्माणों से पहाड़ों से आने वाले पानी का स्वतंत्र प्रवाह रुक गया है। इसका अध्ययन किया जाना चाहिए और समुचित समाधान निकाला जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि राजगीर में एक वेंडर जोन का भी स्थापना किए जाने की आवश्यकता है।
सभागार में बैठक को संबोधित करते हुए श्रीमती जीरो देवी, मुख्य पार्षद, नगर परिषद राजगीर ने कहा की पूरे क्षेत्र का विकास स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। रोड के किनारे छोटे-मोटे व्यापार करने वालों का भी ध्यान रखना चाहिए ताकि उनके आजीविका में कोई दिक्कत न आए।
भगवान बुद्ध की तपोस्थली, भगवान महावीर की निर्वाण स्थली और विश्व प्रसिद्ध नालंदा महाविहार की धरती आने वाले बीस वर्षों में देश के सबसे आधुनिक और सुनियोजित क्षेत्रों में शामिल हो सकती है। बिहार सरकार ने राजगीर रीजनल प्लानिंग एरिया (आरआरपीए) मास्टर प्लान-2045 के तहत ऐसा विजन तैयार किया है, जिसमें पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़कर पूरे क्षेत्र के विकास की व्यापक रणनीति बनाई गई है। यह योजना केवल राजगीर नगर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नालंदा, सिलाव, पावापुरी, गिरियक और आसपास के 100 से अधिक गांवों को भी शामिल किया गया है। मास्टर प्लान का उद्देश्य अगले दो दशकों में इस पूरे क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन एवं ज्ञान केंद्र बनाना है।
पांच नगरों की अलग-अलग पहचान विकसित होगी
**मास्टर प्लान के अनुसार प्रत्येक नगर की अपनी विशेष पहचान बनाई जाएगी—**
☆ राजगीर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन एवं संस्थागत हब बनाया जाएगा।
☆ नालंदा को विश्व धरोहर और वेलनेस टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
☆सिलाव को क्षेत्रीय व्यापार एवं थोक वाणिज्य केंद्र बनाया जाएगा।
☆पावापुरी को शिक्षा एवं उच्च स्तरीय सेवाओं का केंद्र बनाया जाएगा।
☆गिरियक को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
मास्टर प्लान के अनुसार वर्ष 2045 तक इस पूरे क्षेत्र की आबादी लगभग दोगुनी हो जाएगी। बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए अभी से आवास, सड़क, जलापूर्ति, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है।
सरकार का मानना है कि यदि अभी योजनाबद्ध विकास नहीं किया गया तो भविष्य में अव्यवस्थित निर्माण, यातायात जाम, जल संकट और पर्यावरणीय समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं। इसलिए विकास और विरासत संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए यह मास्टर प्लान तैयार किया गया है।
सबसे अधिक जोर पर्यटन क्षेत्र पर दिया गया है। राजगीर, नालंदा और पावापुरी में विश्वस्तरीय पर्यटन पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों में आधुनिक होटल, रिसॉर्ट, सांस्कृतिक केंद्र, थिएटर, आर्ट गैलरी, हस्तशिल्प संग्रहालय, रेस्तरां, ओपन एयर थिएटर तथा स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां संचालित होंगी।
धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मेडिटेशन सेंटर, वेलनेस रिसॉर्ट और इको-टूरिज्म परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। राजगीर महोत्सव और मलमास मेले जैसे आयोजनों के लिए स्थायी आधारभूत संरचना तैयार होगी ताकि पूरे वर्ष पर्यटकों का आगमन बना रहे।
पर्यटकों की सुविधा के लिए राजगीर-नालंदा पर्यटन सर्किट में विशेष ई-बस सेवा, गोल्फ कार्ट, साइकिल ट्रैक, पैदल भ्रमण मार्ग, डिजिटल गाइड सिस्टम और आधुनिक पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर, ह्वेनसांग स्मारक, पावापुरी जल मंदिर तथा अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर लेजर लाइट एंड साउंड शो, डिजिटल म्यूजियम और एआर-वीआर तकनीक आधारित अनुभव विकसित किए जाएंगे। इससे विदेशी पर्यटकों का आकर्षण और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
यातायात व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक बनाने की तैयारी है। क्षेत्र की प्रमुख सड़कों को 45 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। कई नई संपर्क सड़कें बनाई जाएंगी। राजगीर, पावापुरी और ह्वेनसांग स्मारक के पास मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण होगा।
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बाईपास के पास नया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाया जाएगा, जबकि सिलाव में ट्रांसपोर्ट नगर और ट्रक टर्मिनल विकसित होगा। राजगीर, सिलाव और नालंदा रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। जाम वाले प्रमुख चौराहों का पुनर्विकास, रेल ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण तथा आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली भी लागू की जाएगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं में भी बड़े बदलाव का प्रस्ताव है। वर्ष 2045 तक चार अत्याधुनिक 500 बेड वाले अस्पताल, पांच 200 बेड वाले अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, आधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर, पशु चिकित्सालय तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना की जाएगी। महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर, आधुनिक फायर स्टेशन, पुलिस सुविधाएं तथा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी विकसित किए जाएंगे ताकि नागरिक सेवाएं अधिक प्रभावी बन सकें।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े निवेश की योजना है। नए प्राथमिक विद्यालय, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, विशेष विद्यालय, कॉलेज और उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना होगी। नालंदा विश्वविद्यालय के आसपास अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित संस्थानों का विकास किया जाएगा। नए आवासीय क्षेत्रों में नर्सरी स्कूल, आंगनबाड़ी, खेल मैदान और सामुदायिक केंद्र भी विकसित होंगे। इससे क्षेत्र शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।
स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन के साथ-साथ उद्योगों के विकास पर भी जोर दिया गया है। घोसरावां, सैदी और आसपास के क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योग, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, मत्स्य पालन, फल एवं सब्जी प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। नालंदा विश्वविद्यालय के पास आईटी पार्क तथा सिलाव में एकीकृत मत्स्य पालन और कृषि कोल्ड चेन हब विकसित करने का प्रस्ताव है। पर्यटन क्षेत्र में होटल, रेस्तरां, हस्तशिल्प, परिवहन और स्थानीय सेवाओं के माध्यम से भी बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
मास्टर प्लान में किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। लगभग 46.7 प्रतिशत क्षेत्र को कृषि उपयोग के लिए सुरक्षित रखने का प्रस्ताव है ताकि अनियंत्रित शहरीकरण के कारण खेती की जमीन कम न हो। आहर-पईन प्रणाली के पुनर्जीवन, तालाबों की सफाई, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देकर कृषि उत्पादन बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। किसानों को कृषि प्रसंस्करण उद्योगों और बेहतर बाजार से जोड़ने का भी प्रस्ताव है।
हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए गंगा जलापूर्ति योजना का विस्तार किया जाएगा। नए जलाशय, जल शोधन संयंत्र और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण, कंपोस्ट प्लांट, बायोगैस संयंत्र और वैज्ञानिक लैंडफिल विकसित किए जाएंगे ताकि क्षेत्र स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बन सके।
पर्यावरण संरक्षण को विकास का आधार बनाया गया है। राजगीर वन क्षेत्र, प्राकृतिक जल स्रोतों, नदियों, तालाबों और विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। ग्रीन बेल्ट विकसित होंगे, वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा और ईको-सेंसिटिव जोन में निर्माण कार्य पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप ही किए जाएंगे। विकास के साथ प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता मानी जा रही है।
हालांकि यह अभी प्रारूप (ड्राफ्ट) मास्टर प्लान है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक संशोधन कर अंतिम मास्टर प्लान लागू किया जाएगा।
यह महत्वाकांक्षी योजना आने वाले वर्षों में नालंदा को धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन का केंद्र से आगे ले जाकर, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधुनिक उद्योग, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार के क्षेत्र में भी देश के सबसे विकसित क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान देगा।
इस अवसर पर श्रीमती उदिता सिंह, जिलाधिकारी, नालन्दा, श्री भारत सोनी, पुलिस अधीक्षक, नालन्दा, श्री कृत्यानंद रंजन, नगर आयुक्त, नगर निगम, बिहारशरीफ, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, श्री कौशलेन्द्र कुमार, माननीय सांसद, नालन्दा लोकसभा क्षेत्र, श्री श्रवण कुमार, माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार के प्रतिनिधि, श्रीमती रीना यादव, विधान परिषद सदस्य, नालन्दा, श्रीमती जीरो देवी, मुख्य पार्षद, नगर परिषद राजगीर, श्रीमती मुन्नी देवी, उप मुख्य पार्षद, नगर परिषद राजगीर,माननीय सभापति एवं उप सभापति, नगर परिषद्, राजगीर, माननीय सभापति एवं उप सभापति नगर पंचायत, सिलाव/ नालन्दा गिरियक एवं अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारीगण उपस्थित थें।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
General Administration Department, Govt. of Bihar
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
District Administration Patna
Divisional Commissioner Office, Patna
Department of Tourism, Government of Bihar
Department of Environment, Forest & Climate Change, Govt. of Bihar
Road Construction Department, Government of Bihar
Nalanda University, Rajgir
Nalanda, Bihar | Jul 17, 2026