#एक_डॉक्टर_ऐसा_भी..
भरतपुर। संभाग के सबसे बड़े सरकारी आरबीएम अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अस्पताल के ही एक रेडियोलॉजिस्ट डॉ. हरिचरण सोनोग्राफी सेंटर के बाहर धरने पर बैठ गए। डॉ. हरिचरण का आरोप है कि अस्पताल में करीब 6 महीने पहले चीन में बनी खराब क्वालिटी की सोनोग्राफी मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें डायग्नोसिस के दौरान कुछ साफ दिखाई नहीं देता। इससे मरीजों की रिपोर्ट गलत आने और गंभीर बीमारी मिस होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि इन मशीनों के हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और डिजाइन में भी खराबी है, जिससे डॉक्टरों को काम करने में परेशानी होती है और उनके हाथों में दर्द होने लगता है। सरकार ने इन मशीनों को करीब 30-30 लाख रुपए में खरीदा है, लेकिन इसके बावजूद अच्छी क्वालिटी की मशीनें नहीं ली गईं, जिससे डॉक्टर भी जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हो पाते। रेडियोलॉजिस्ट ने दावा किया कि उन्होंने 21 मई को ही अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर 15-20 दिनों में मशीनें ठीक न होने पर काम बंद करने की चेतावनी दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर उन्हें मरीजों के बीच धरने पर बैठना पड़ा। इस मामले में अस्पताल के पीएमओ डॉ. नगेंद्र भदौरिया ने बताया कि फिलहाल शिकायत के बाद दोनों विवादित मशीनों को बंद कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच के लिए 5 डॉक्टरों की एक कमेटी बना दी गई है। अस्पताल प्रशासन द्वारा मशीनों को ठीक कराने या नई मशीनें लगाने के आश्वासन के बाद डॉक्टर ने अपना धरना खत्म कर दिया है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि अगर दो दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे दोबारा धरने पर बैठ जाएंगे।