सिमडेगा में कचरा संकट: डंपिंग यार्ड में जगह खत्म, कभी भी ठप हो सकती है शहर की सफाई व्यवस्था
सिमडेगा:
आने वाले दिनों में सिमडेगा शहर की पूरी सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। नगर परिषद के पास अब शहर का कचरा डंप करने के लिए एक इंच भी उपयुक्त जमीन शेष नहीं बची है। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पूरा शहर कचरे के ढेर और संक्रामक बीमारियों के मुहाने पर खड़ा हो जाएगा।
करोड़ों खर्च कर पंडरीपानी में ली गई जमीन पर लगा ताला
नगर परिषद ने ठोस कचरा प्रबंधन के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर पंडरीपानी में जमीन खरीदा गया था। योजना बड़े स्तर पर कचरा निस्तारण की थी, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के आगे प्रशासन को कदम पीछे खींचने पड़े। करोड़ों का फंड और योजना ठंडे बस्ते में चली गई और वहां डंपिंग का काम पूरी तरह बंद करना पड़ा।
गुलजार गली कचरा ट्रांसपोर्टिंग स्टेशन में भी खत्म हो रही है जगह
गुलजार गली में प्रशासनिक दबाव से फेंका गया कचरा, अब वहां भी जगह खत्म
पंडरीपानी का विकल्प बंद होते ही नगर परिषद ने शहर के बीचों-बीच स्थित घनी आबादी वाली गुलजार गली को डंपिंग ग्राउंड बना दिया। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य संबंधी खतरों और दुर्गंध को लेकर पुरजोर विरोध दर्ज कराया, लेकिन नागरिकों की सेहत को नजरअंदाज कर प्रशासनिक हनक के बल पर वहां कचरा गिराया जाता रहा। अब स्थिति यह है कि गुलजार गली का डंपिंग प्वाइंट भी कचरे के ऊंचे अंबार से पूरी तरह पट चुका है। वहां अब 10 15 दिनों के बाद अतिरिक्त कचरा फेंकने की रत्ती भर भी गुंजाइश नहीं रहेगी।
महामारी और सफाई संकट की दहलीज पर शहर
रोजाना निकलने वाले कचरे को खपाने के लिए फिलहाल नगर परिषद के पास कोई वैकल्पिक जमीन उपलब्ध नहीं है। यदि नगर परिषद ने तत्काल प्रभाव से किसी नई और उपयुक्त डंपिंग साइट का चयन नहीं किया, तो घरों और गलियों से कचरा उठना बंद हो जाएगा। सिमडेगा सीधे तौर पर बड़े स्वच्छता संकट और स्वास्थ्य आपातकाल की ओर बढ़ रहा है।
Simdega, Simdega | Oct 29, 2026