नए घर में शिफ्ट होने से ठीक पहले ही उजड़ा परिवार, मुंबई में इमारत ढहने से बस्ती के 5 लोगों की मौत
मुंबई के मानखुर्द इलाके में जर्जर तीन मंजिला मकान ढहने सेबस्ती जिले के एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में महिला और उसके चार बच्चे मलबे में दब गए, जबकि पति सब्जी लेने बाहर गया था, जिससे उसकी जान बच गई।
मुंबई के मानखुर्द इलाके में 5 जुलाई की रात तीन मंजिला मकान ढहने से बस्ती जिले के रहने वाले एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला और उसके चार बच्चे शामिल हैं। हादसे के समय पति घर से बाहर होने के कारण सुरक्षित बच गया। सभी शव बुधवार को बस्ती लाए जाएंगे। इस दर्दनाक हादसे से गांव और आसपास के इलाके में शोक की लहर है।
पुरानी बस्ती क्षेत्र के रसूलपुर गांव का रहने वाला मोइनुद्दीन करीब 20 वर्षों से मुंबई में रहकर मेहनत मजदूरी करता था। शादी के दो महीने बाद ही वह अपनी पत्नी अख्तरजहां को साथ लेकर मुंबई चला गया था। वर्तमान में वह अपनी पत्नी और चार बच्चों 14 साल के कैसर, 7 साल के जलालुद्दीन, 6 साल के सेराजुद्दीन और 3 वर्षीय अनामिया के साथ मानखुर्द इलाके में रहता था। जिस चॉल में मोइनुद्दीन का परिवार रहता था, उसके बगल का एक मकान काफी जर्जर हो चुका था और उसके गिरने का खतरा बना हुआ था। इसी वजह से रविवार बारिश होने के कारण उसकी पत्नी अख्तरजहां चारों बच्चों के साथ पड़ोसी के घर चली गई थी। पूरे दिन बच्चे वहीं खेलते रहे। शाम को अख्तरजहां खाना बनाने के लिए अपने घर लौटी। इसी दौरान पड़ोस की छह वर्षीय एक बच्ची भी खेलने के लिए वहां आ गई। उधर, मोइनुद्दीन सब्जी लेने बाजार गया हुआ था।
तभी अचानक पड़ोस का तीन मंजिला जर्जर मकान भरभराकर उनके घर पर गिर पड़ा। मलबे में दबने से अख्तरजहां, उसके चारों बच्चों और पड़ोस की छह वर्षीय बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मोइनुद्दीन मंगलवार को अपने गांव लौट आया। उसकी पत्नी और बच्चों के शव बुधवार को बस्ती पहुंचेंगे।
नए घर में जाने से पहले उजड़ गया पूरा परिवार
सिर्फ एक दिन बाद मोइनुद्दीन का पूरा परिवार एक नए घर में जाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही एक हादसे ने पूरे परिवार की जिंदगी छीन ली। मोइनुद्दीन अपने परिवार संग जनता नगर के टिन-शीट वाले छोटे से घर में रहता था। उसने बताया कि जिस तीन मंजिला इमारत का हिस्सा ढहा, उसमें पिछले कई दिनों से दरारें पड़ रही थीं। दीवारों और छत से टाइलें गिर रही थीं और पूरी इमारत एक ओर झुकती दिखाई दे रही थी। खतरे को भांपते हुए मोइनुद्दीन ने रविवार सुबह ही परिवार के साथ मकान खाली करने का फैसला कर लिया था। घर का सामान पैक किया जा चुका था और सोमवार को नए घर में पूरे परिवार संग शिफ्ट होने की तैयारी थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। रविवार रात इमारत ढह गई और पूरा परिवार मलबे में दब गया।
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