_*श्री गणेश स्वच्छ सेवा सम्मान-2026*_
*“स्वच्छ भंडारा-स्वस्थ मेला”: स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट भंडारों को मिलेगा सम्मान*
*जिला कलक्टर काना राम की अपील, भंडारा संचालक स्वच्छता को सेवा का हिस्सा बनाएं, श्रद्धालु कचरा केवल डस्टबिन में डालें*
*सवाई माधोपुर, 11 सितम्बर।*
त्रिनेत्र गणेश लक्खी मेला-2026 को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, सवाई माधोपुर द्वारा “श्री गणेश स्वच्छ सेवा सम्मान-2026” पहल की जा रही है। “स्वच्छ भंडारा-स्वस्थ मेला” थीम पर रणथम्भौर दुर्ग स्थित श्री त्रिनेत्र गणेश जी का तीन दिवसीय मेला 12 से 14 सितम्बर तक आयोजित होगा। मुख्य मेला 14 सितम्बर को होगा। जिला कलक्टर काना राम ने मेले में भंडारे लगाने वाले सभी सामाजिक संगठनों, समितियों, धार्मिक समूहों एवं सेवा भावी श्रद्धालुओं से इस पहल में उत्साहपूर्वक सहभागी बनने का आह्वान किया है।
जिला कलक्टर ने कहा कि भंडारा श्रद्धालु सेवा एवं परोपकार की समृद्ध परंपरा का हिस्सा है। श्रद्धालुओं को भोजन कराने के साथ स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और व्यवस्थित सेवा उपलब्ध कराना भी सेवा का महत्वपूर्ण रूप है। इसी भावना से उत्कृष्ट कार्य करने वाले भंडारों को “श्री गणेश स्वच्छ सेवा सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा।
*श्रेष्ठ भंडारों को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार:-* उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भंडारों को प्रथम पुरस्कार 21,000 रूपए, द्वितीय पुरस्कार 11,000 रूपए तथा तृतीय पुरस्कार 5,100 रूपए प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट प्रयास करने वाले पांच भंडारों को 1,100 रूपए प्रत्येक के सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे। सभी विजेता एवं सम्मानित भंडारा संचालकों को प्रशस्ति-पत्र/सम्मान-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
*अंकों के आधार पर होगा मूल्यांकन:-* प्रतियोगिता में भंडारों का मूल्यांकन 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसमें भंडारा परिसर की स्वच्छता एवं साफ-सफाई, खाद्य स्वच्छता एवं सुरक्षा, गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण एवं निस्तारण, सिंगल यूज प्लास्टिक का निषेध एवं पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का उपयोग, भोजन निर्माण एवं वितरण स्थल की स्वच्छता, खाद्य सामग्री एवं पेयजल की सुरक्षा, नियमित कचरा संग्रहण, भोजन बनाने एवं परोसने वाले कार्मिकों की व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छता संबंधी जनजागरूकता तथा भंडारा परिसर की समग्र व्यवस्थाओं का आकलन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित कतार, स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने के लिए साबुन-पानी, महिला, वरिष्ठ एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं, भीड़ प्रबंधन तथा स्वयंसेवकों का अनुशासन एवं व्यवहार भी मूल्यांकन का हिस्सा रहेगा। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभिनव प्रयासों एवं समग्र सेवा व्यवस्था को भी विशेष महत्व दिया जाएगा।
*अनुमति वाले भंडारे ही होंगे पात्र:-* प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक भंडारे के पास संबंधित ग्रामीण अथवा नगरीय निकाय की अनुमति होना अनिवार्य है। बिना सक्षम निकाय की अनुमति संचालित भंडारे प्रतियोगिता के लिए पात्र नहीं होंगे। जिला प्रशासन द्वारा गठित निरीक्षण दल भंडारों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेगा तथा आवश्यकता के अनुसार पूर्व सूचना के बिना भी निरीक्षण किया जा सकेगा। अनुमति का भी सत्यापन किया जाएगा।
*श्रद्धालु भी निभाएं स्वच्छता की जिम्मेदारी:-* जिला कलक्टर ने मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भंडारा स्थलों एवं मेला परिसर में कचरा इधर-उधर न डालें और भोजन एवं प्रसादी के बाद बचा कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। उन्होंने श्रद्धालुओं से भंडारा संचालकों एवं सफाई कर्मियों का सहयोग करने तथा स्वच्छता बनाए रखने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
जिला कलक्टर ने कहा कि भक्ति, सेवा और स्वच्छता एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रशासन, भंडारा संचालकों, स्वयंसेवकों एवं श्रद्धालुओं की सामूहिक भागीदारी से त्रिनेत्र गणेश मेला स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सकता है।
“भक्ति भी-सेवा भी-स्वच्छता भी।
स्वच्छ भंडारा-स्वस्थ मेला।
गणेश जी की सेवा में, स्वच्छता का संकल्प।”
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