#सिर्फ_आरोप_लगाने_में_अव्वल_कांग्रेस!
कितनी मजेदार बात है कि धौलपुर में निर्दलीय गिरीश गर्ग निर्विरोध सभापति निर्वाचित हुए हैं। और यह कितना मजेदार है कि धौलपुर के 60 वार्डों में 27 पर कांग्रेस, 19 पर निर्दलीय, 11 पर भाजपा और तीन पर बसपा उम्मीदवार जीते थे। मतलब कांग्रेस 4 पार्षद नहीं जुटा पाई और इससे भी ज्यादा मजेदार ये है कि गिरीश गर्ग ने पार्षद का चुनाव भी नहीं लड़ा था। मज़ेदार यह भी कम नहीं है कि कांग्रेस 27 सीटों के बावजूद यहां सभापति का चुनाव भी नहीं लड़ रही थी।
👉 ये सत्यदेव कसाना धौलपुर से कांग्रेस के ही पार्षद हैं। कह रहे हैं कि कांग्रेस ने अपने पार्षदों को बेच दिया। खुद सत्यदेव ने सभापति के लिए निर्दलीय पर्चा भरा लेकिन अपनी ही पार्टी से न सिंबल मिला, न समर्थन। क्या ऐसा हो सकता है कि कोई पार्टी जीती हुई बाजी अपने ही हाथों हार जाए? आरोप लगाने में अव्वल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को इसका जवाब देना चाहिए।