UP के पहले ग्लास स्काईवॉक ब्रिज का काम जल्द पूरा करने के निर्देश, ACS वी. हेकाली ज़ीमोमी ने लिया जायजा"
चित्रकूट। उत्तर प्रदेश सरकार की अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग) वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वी. हेकाली ज़ीमोमी ने चित्रकूट जनपद का महत्वपूर्ण दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आगामी वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों को परखने के साथ-साथ जिले की पर्यटन और पर्यावरण परियोजनाओं की जमीनी हकीकत जानी।
प्रधान सचिव के इस सघन दौरे की विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है:
1. वृहद वृक्षारोपण अभियान की मंडलीय समीक्षा
दौरे की शुरुआत में अपर मुख्य सचिव वी. हेकाली ज़ीमोमी ने आगामी वृहद वृक्षारोपण अभियान को लेकर वन विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय मंडलीय समीक्षा बैठक की।
रणनीति और लक्ष्य
बैठक में उन्होंने रोपे जाने वाले पौधों की सुरक्षा, जियो-टैगिंग और समयबद्ध तैयारियों को लेकर कड़े निर्देश दिए।
अधिकारियों को हिदायत:
उन्होंने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण केवल कागजों पर न दिखे, बल्कि धरातल पर पौधों का जीवित रहना (सर्वाइवल रेट) सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्थानीय समुदायों को भी साथ जोड़ने की बात कही गई।
2. रानीपुर टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी और सुरक्षा का जायजा
मंडलीय बैठक के बाद प्रधान सचिव सीधे भारत के 53वें और उत्तर प्रदेश के चौथे रानीपुर टाइगर रिजर्व (RTR) पहुचीं। उन्होंने रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था, वन्यजीवों के पेयजल स्रोतों और ट्रैकिंग कैमरों की स्थिति का जायजा लिया। वी. हेकाली ज़ीमोमी ने खुद रानीपुर के घने जंगलों के बीच 'चौरी' नामक स्थान तक जंगल सफारी की। इस दौरान उन्होंने सफारी ट्रैक की स्थिति और पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की। वन्यजीवों के संरक्षण को मजबूत करने के लिए उन्होंने वन विभाग को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।
3. यूपी के पहले ग्लास स्काईवॉक ब्रिज का औचक निरीक्षण
दोपहर के वक्त प्रधान सचिव चित्रकूट के मारकुंडी रेंज स्थित टिकरिया (तुलसी जलप्रपात) पहुंचीं। वहां उन्होंने उत्तर प्रदेश के पहले और बहुप्रतीक्षित ग्लास स्काईवॉक ब्रिज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ चित्रकूट के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) भी मौजूद रहे।
सुरक्षा और मानकों की जांच:
उन्होंने ब्रिज की मजबूती, पर्यटकों की सुरक्षा और वहां आने-जाने वाले रास्तों का बारीकी से निरीक्षण किया। काम में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए प्रधान सचिव ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि "बचे हुए सभी फिनिशिंग कार्यों को युद्धस्तर पर जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।"
जल्द खुलेगा पर्यटकों के लिए रास्ता
प्रधान सचिव ने स्पष्ट किया कि इस ग्लास ब्रिज का काम अंतिम चरण में है और जैसे ही बचे हुए काम पूरे होते हैं, इसे तुरंत आम पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इससे चित्रकूट में ईको-टूरिज्म को एक नई ऊंचाई मिलेगी और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वी. हेकाली ज़ीमोमी के इस औचक और विस्तृत दौरे से साफ है कि शासन स्तर पर चित्रकूट के विकास और पर्यावरण संतुलन को लेकर बड़ी तैयारी है। ग्लास ब्रिज के जल्द शुरू होने की उम्मीद से अब स्थानीय निवासियों और पर्यटकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
Manikpur, Chitrakoot | Jun 27, 2026