श्रीराम मंदिर चढ़ावा मामले पर कांग्रेस का हल्लाबोल: गया से अयोध्या तक आंदोलन का ऐलान, छह सूत्री मांगों के समर्थन में विशाल धरना, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
गया: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठाए जा रहे अनियमितताओं के मुद्दे पर गया जिला कांग्रेस कमिटी एवं श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी उजागर कराओ संघर्ष समिति ने शनिवार को गया के गांधी मैदान गेट संख्या-7 के समीप विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित कर केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की। धरना के दौरान नेताओं ने सरकार से छह सूत्री मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। कार्यक्रम के समापन के बाद महामहिम राष्ट्रपति के नाम छह सूत्री ज्ञापन ई-मेल, ट्वीट एवं डाक के माध्यम से भेजा गया।
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता गया जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुना ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी उजागर कराओ संघर्ष समिति के संयोजक प्रो. विजय कुमार मिट्ठू ने किया।
धरना प्रदर्शन के माध्यम से कहा कि भगवान श्रीराम मंदिर विश्व के करोड़ों सनातनियों की आस्था एवं विश्वास का सबसे बड़ा केंद्र है। ऐसे में मंदिर में दान, चढ़ावा, जमीन एवं अन्य संसाधनों के प्रबंधन को लेकर सामने आ रहे कथित घोटाले, भ्रष्टाचार और चोरी के आरोपों ने श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश पैदा किया है। नेताओं ने कहा कि आस्था के केंद्र से जुड़े इस विषय की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रो. विजय कुमार मिट्ठू ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास की रक्षा के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले में पारदर्शिता अपनाए और जनता के सामने सच्चाई रखे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संघर्ष समिति और कांग्रेस तब तक अपना आंदोलन जारी रखेंगी, जब तक सरकार उनकी सभी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती। धरना को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष गगन मिश्रा ने सरकार के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग किया जाए, चंपत राय एवं अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए, मंदिर में शुरू से प्राप्त सभी चढ़ावे का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ऑडिट कराया जाए, पूरे कथित मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए तथा प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए श्रद्धालुओं से माफी मांगें।
सभा को पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, डॉ. गगन मिश्रा, मुरारी प्रसाद, खिजीर हयात, बाबूलाल प्रसाद सिंह, शशि किशोर शिशु, राम प्रमोद सिंह, युगल किशोर सिंह, जिला पार्षद सुमंत्र कुमार, विद्या शर्मा, अमित कुमार सिंह उर्फ रिंकू सिंह, टिंकू गिरी, धर्मेंद्र कुमार निराला, सुनील कुमार पासवान, प्रदीप शर्मा, राजीव कुमार उर्फ लबी सिंह, अर्जुन प्रसाद, शिव कुमार चौरसिया, ओंकार शक्ति, चंदन कुशवाहा, कुमार गौरव, अभिषेक शर्मा, शिवनाथ प्रसाद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि आंदोलन का दूसरा चरण पूरा हो चुका है और अब तीसरे चरण की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत गया जिले के सभी 24 प्रखंडों, 332 ग्राम पंचायतों, गांवों और मोहल्लों में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। बिहार के चार रामायण सर्किटों में शामिल सीता कुंड मंदिर एवं भगवान विष्णुपद मंदिर से अयोध्या तक श्रद्धालुओं की आवाज बुलंद करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों को साथ लेकर आंदोलन को और मजबूत बनाया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर अयोध्या कूच का भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
धरना समाप्त होने के बाद आंदोलनकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम छह सूत्री ज्ञापन ई-मेल, ट्वीट और डाक के माध्यम से भेजा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को राज्यव्यापी और फिर राष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
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