जमुई: IMA के एलान के बाद जमुई के सभी प्राइवेट क्लीन रहा बंद
जमुई: सदर अस्पताल में एक गर्भवती और एक प्रसूता की मौत से जुड़े मामले को लेकर जिला प्रशासन द्वारा रजिस्ट्रेशन नहीं रहने व मानक नियम का पालन नहीं करने का हवाला देते हुए डा. शालिनी सिंह के क्लिनिक को सील किए जाने का मामला दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है। अब आर-पार की लड़ाई के लिए आईएमए ने कमर कस ली है और क्लीनिक सील की कार्रवाई को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार की सुबह से 24 घंटे के लिए सभी प्राइवेट हास्पिट, क्लिनिक व नर्सिंग होम को बंद करने का एलान जारी कर दिया गया। जिस वजह से कई प्राइवेट अस्पताल में दिनभर ताला लटका रहा तो अधिकांश क्लिनिक व अस्पतालों में सन्नाटा पसरा रहा। इस दौरान पूरी तरह स्वास्थ्य सेवा प्रभावित रही।
सभी प्राइवेट अस्पताल बंद रहने की वजह से माहौल अस्त- व्यस्त बना रहा। हड़ताल के दौरान आईएमए के सदस्यों ने एक निजी विवाह भवन में बैठक कर क्लिनिक सील से संबंधित विषय व कानून पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई और अहम निर्णय लिया गया। इधर एक गर्भवती और एक प्रसूता की मौत के बाद शुरू हुई प्रशासनिक कार्रवाई अब डाक्टरों की हड़ताल तक पहुंच गई है। एक तरफ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अपनी कार्रवाई को नियमों के तहत किए जाने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आईएमए कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है।
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-सील की कार्रवाई वापस नहीं लिया गया तो जारी रह सकता है विरोध
आईएमए के सदस्यों ने कहा कि डा. शालिनी सिंह की निजी क्लीनिक को जिस तरीके से सील किया गया है, उस कार्रवाई को वापस लिया जाए। 24 घंटे तक उनकी मांग पर प्रशासन की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रह सकता है।
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-जानकारी के आभाव में जिला प्रशासन ने क्लिनिक किया सील
आईएमए की ओर से डा. ललित कुमार सिंह ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। उनके अनुसार सरकार के प्रावधान के तहत अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया निर्धारित है, लेकिन इसके लिए पहले संबंधित मानकों को स्पष्ट किया जाना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक अस्पतालों के लिए आवश्यक मानक निर्धारित नहीं किए जाते, तब तक रजिस्ट्रेशन और सीलिंग जैसी कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी चिकित्सा संस्थान के खिलाफ कार्रवाई से पहले निर्धारित नियम और प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई की प्रक्रिया में नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है, लेकिन जिला प्रशासन को नियम और स्वास्थ्य से संबंधित कानून की जानकारी नहीं है।
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-दूर- दराज से पहुंचे मरीजों का नहीं हो सका इलाज, हुई परेशान
चिकित्सकों के हड़ताल का सीधा असर मरीजों पर पड़ा। जमुई के अलावा पड़ोसी जिला लखिसराय की दुर्घटना में घायल गर्भवती पिंकी देवी, व अन्य जगहों से आए शांति देवी, रामप्रवेश यादव, रुक्मणि देवी सहित अन्य मरीजों को चिकित्सकों के हड़ताल का दंश झेलना पड़ा। इलाज की उम्मीद लेकर दूर-दराज के इलाकों से जमुई पहुंचे कई मरीजों और उनके स्वजन को प्राइवेट अस्पताल में चिकित्सकीय सेवा नहीं मिलने के कारण परेशानी उठानी पड़ी। कुछ मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ा।
स्वास्थ्य सेवा जैसी आवश्यक व्यवस्था के बाधित होने से मरीज और उनके स्वजन दिनभर असमंजस की स्थिति में रहे।
Jamui, Jamui | Oct 8, 2026