शहर में रातों-रात AI कैमरे एक्टिव कर दिए गए और बिना किसी पूर्व सूचना के लोगों के फोन पर धड़ाधड़ चालान के मैसेज आने लगे। सबसे बड़ा सवाल यह है कि RTO या ट्रैफिक पुलिस ने 'डबल हेलमेट' को लेकर शहर में कोई बड़ा जागरूकता अभियान कब चलाया? जनता को अलर्ट करने के लिए कोई कैंपेन नहीं, कोई लाउडस्पीकर अनाउंसमेंट नहीं—बस सीधे हजारों के चालान!
ट्रैफिक सुधार जरूरी है, लेकिन क्या नियमों के बारे में जागरूक करना प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं? देखिए देहरादून की सड़कों से यह ग्राउंड रिपोर्ट और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं—क्या प्रशासन का यह तरीका सही है? वीडियो को शेयर कर अपनी आवाज उठाएं! 📢
#DehradunTraffic #RTODehradun #DehradunNews #TrafficChallan #UttarakhandPolice