✅ ‘ना बाल विवाह, ना बाल शोषण’ थीम पर विद्यालयों में जागरूकता शिविरों का हुआ आयोजन
✅ बाल विवाह एवं बाल शोषण जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को किया गया जागरूक
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा प्रारंभ किए गए ‘‘सुरक्षित बचपन अभियान’’ के तहत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष श्री अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा द्वारा नालसा थीम- ‘ना बाल विवाह, ना बाल शोषण’ के आधार पर जिले के विभिन्न स्कूलों में गुरूवार को विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में हरदा स्कूल ऑफ एजुकेशन में आयोजित कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री प्रेमदीप शाह ने बताया कि ‘‘सुरक्षित बचपन अभियान’’ के अंतर्गत आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बाल विवाह, बाल शोषण जैसी सामाजिक बुराईयों से सुरक्षित रखने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा समाज में बाल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होने उपस्थित बच्चों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, बाल अधिकारों, बाल शोषण के विभिन्न स्वरूपों तथा बच्चों के प्रति होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं अन्य प्रकार के शोषण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी विस्तारपूर्वक प्रदान की। विद्यार्थियों को बताया गया कि बाल विवाह, बच्चों की शिक्षा स्वास्थ्य, स्वतंत्रता एवं सर्वांगीण विकास के अधिकारों को प्रभावित करता है तथा बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी एवं बच्चों के अन्य प्रकार के शोषण एवं उत्पीड़न की पहचान करने, ऐसी घटनाओं की जानकारी मिलने पर उचित माध्यम से शिकायत करने तथा जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता एवं संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
तक्षशिला एकेडमी, हरदा में आयोजित कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हरदा श्री संजीव रहांगडाले ने बताया कि प्रत्येक बच्चे को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने, सम्मानपूर्वक जीवन जीने, सुरक्षा एवं संरक्षण प्राप्त करने का अधिकार है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि विद्यालय, समाज एवं प्रशासन की भी है। विद्यार्थियों को बाल विवाह एवं बाल शोषण के विरूद्ध आवाज उठाने, स्वयं जागरूक रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सौरभ कुमार दुबे ने उपस्थित बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता, बाल संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं तथा विभिन्न आपातकालीन एवं सहायता हेल्पलाईन नंबरो की जानकारी देते हुए उनके उपयोग के बारे में जागरूक किया। उन्होने बताया कि बाल शोषण अथवा संकटग्रस्त बच्चों की सहायता एवं शिकायत के लिए चाईल्ड हेल्पलाईन नंबर 1098, साइबर अपराध की शिकायत हेतु हेल्पलाईन नंबर 1930 और निशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाईन नंबर 15100 पर सपंर्क किया जा सकता है।
कार्यक्रमों के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग एवं साईबर विभाग से उपस्थित हुए प्रतिनिधियों ने भी विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, बच्चों के अधिकारों, ऑनलाईन सुरक्षा और सायबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इसी क्रम में तहसील विधिक सेवा समिति खिरकिया के माध्यम से गुर्जर बालविद्या पीठ खिरकिया तथा सूर्याेदय पब्लिक स्कूल मुहालकलां में भी विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में बाल विवाह एवं बाल शोषण के दुष्परिणामों, बाल अधिकारों एवं ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए उपलब्ध कानूनी एवं संस्थागत व्यवस्थाओं के संबंध में जागरूक किया गया।
Jansampark Madhya Pradesh Department of Law & Legislative Affairs, Madhya Pradesh
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