12 हजार क्यूसेक पानी में ही कमजोर पड़ने लगा तटबंध, ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
जहानाबाद :
फल्गु नदी में पानी छोड़े जाने के साथ ही तटबंधों की मजबूती को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नंदन गांव के समीप पिछले वर्ष क्षतिग्रस्त हुए तटबंध की कराई गई मरम्मत के बाद भी नदी में महज 12 हजार क्यूसेक पानी आने पर मिट्टी का कटाव शुरू हो गया है। इससे आसपास के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
मंगलवार को फल्गु नदी के उद्गम क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई थी। इसके बाद बुधवार को उदेरा स्थान बराज से नदी में करीब 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। लंबे समय से कम बारिश और गिरते जलस्तर के कारण परेशान किसानों को नदी में पानी आने से सिंचाई और भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद जगी थी। हालांकि, तटबंध में कटाव दिखाई देने के बाद संभावित बाढ़ को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बरसात से पहले बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, एकंगरसराय की ओर से जिले में 35 कमजोर तटबंधों की पहचान की गई थी। इनमें 25 तटबंध फल्गु नदी से संबंधित थे। विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर मरम्मत कार्य पूरा कराने का दावा किया था। अधिकारियों के अनुसार, तटबंधों को सामान्य जलप्रवाह के साथ-साथ संभावित बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए दुरुस्त किया गया है।
नंदन गांव के समीप तटबंध में पानी आने के बाद मिट्टी कटने से ग्रामीणों को आशंका है कि यदि नदी का जलस्तर पिछले वर्ष की तरह बढ़ा तो कमजोर हिस्सों पर दबाव बढ़ सकता है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के एसडीओ हलदर कुमार ने बताया कि पानी के बहाव से कुछ मिट्टी का कटाव हुआ है, लेकिन फिलहाल स्थिति चिंताजनक नहीं है। पिछले वर्ष फल्गु नदी में अधिकतम करीब 1.21 लाख क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था, जबकि वर्तमान में 12 हजार क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया है। विभाग तटबंधों की लगातार निगरानी कर रहा है। फिलहाल नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है और कहीं भी खतरे की स्थिति नहीं है।