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जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित पर्यटन स्थलों के आसपास दृश्यमान स्वच्छता सुनिश्चित करने, ऐतिहासिक बावड़ियों के जीर्णोद्धार का एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश @followers @top fans District Collector & Magistrate - Udaipur #environment #SafeEnvironment #udaipur #nonfollowers #viralpost उदयपुर, 17 अगस्त। जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट मिनी सभागार में जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभिन्न विषयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर द्वारा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान शहर में वेटलैंड क्षेत्रों के चिन्हीकरण, सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई, पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा एवं समीक्षा हुई। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियों में आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बावड़ियों का चिन्हीकरण कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर जोर जिला कलेक्टर अग्रवाल ने शहर में स्थित ऐतिहासिक बावड़ियों का चिन्हीकरण करने तथा उनकी स्थिति का आंकलन कर जीर्णोद्धार की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक एवं पारंपरिक जल संरचनाएं शहर की विरासत होने के साथ-साथ जल संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे स्थलों को आवश्यक संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के साथ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी योजना तैयार की जाए। उन्होंने शहर के पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि पर्यटकों के बीच शहर की स्वच्छ एवं सुंदर छवि सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग नियमित निगरानी करें। फतहसागर झील के आसपास स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश कलेक्टर ने विशेष रूप से फतहसागर झील से सटे विभिन्न क्षेत्रों में दृश्यमान स्वच्छता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि झील एवं इसके आसपास के क्षेत्र शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं, इसलिए यहां स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने इन क्षेत्रों में संचालित वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को बेहतर एवं नियमित बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कचरे के उचित निस्तारण, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलने देने तथा स्वच्छता व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने की भी बात कही। विद्यार्थियों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने पर जोर जिला कलेक्टर ने विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने के लिए नियमित रूप से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। साथ ही विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े स्थलों की एक्सपोजर विजिट आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि वे पर्यावरण संरक्षण के महत्व को व्यवहारिक रूप से समझ सकें। बैठक में औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा वाहनों से होने वाले प्रदूषण तथा मेडिकल वेस्ट के उचित संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण से संबंधित व्यवस्थाओं की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, डीसीएफ नॉर्थ डीके तिवारी, प्रशिक्षु आईएएस मणिमाला एन., एसई एवीवीएनएल के आर. मीणा, सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य सहित विभिन्न विभागों के पर्यावरण समिति सदस्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Girwa, Udaipur | Aug 17, 2026
जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित पर्यटन स्थलों के आसपास दृश्यमान स्वच्छता सुनिश्चित करने, ऐतिहासिक बावड़ियों के जीर्णोद्धार का एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश @followers @top fans District Collector & Magistrate - Udaipur #environment #SafeEnvironment #udaipur #nonfollowers #viralpost उदयपुर, 17 अगस्त। जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट मिनी सभागार में जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभिन्न विषयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर द्वारा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान शहर में वेटलैंड क्षेत्रों के चिन्हीकरण, सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई, पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा एवं समीक्षा हुई। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियों में आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बावड़ियों का चिन्हीकरण कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर जोर जिला कलेक्टर अग्रवाल ने शहर में स्थित ऐतिहासिक बावड़ियों का चिन्हीकरण करने तथा उनकी स्थिति का आंकलन कर जीर्णोद्धार की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक एवं पारंपरिक जल संरचनाएं शहर की विरासत होने के साथ-साथ जल संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे स्थलों को आवश्यक संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के साथ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी योजना तैयार की जाए। उन्होंने शहर के पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि पर्यटकों के बीच शहर की स्वच्छ एवं सुंदर छवि सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग नियमित निगरानी करें। फतहसागर झील के आसपास स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश कलेक्टर ने विशेष रूप से फतहसागर झील से सटे विभिन्न क्षेत्रों में दृश्यमान स्वच्छता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि झील एवं इसके आसपास के क्षेत्र शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं, इसलिए यहां स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने इन क्षेत्रों में संचालित वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को बेहतर एवं नियमित बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कचरे के उचित निस्तारण, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलने देने तथा स्वच्छता व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने की भी बात कही। विद्यार्थियों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने पर जोर जिला कलेक्टर ने विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने के लिए नियमित रूप से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। साथ ही विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े स्थलों की एक्सपोजर विजिट आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि वे पर्यावरण संरक्षण के महत्व को व्यवहारिक रूप से समझ सकें। बैठक में औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा वाहनों से होने वाले प्रदूषण तथा मेडिकल वेस्ट के उचित संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण से संबंधित व्यवस्थाओं की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, डीसीएफ नॉर्थ डीके तिवारी, प्रशिक्षु आईएएस मणिमाला एन., एसई एवीवीएनएल के आर. मीणा, सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य सहित विभिन्न विभागों के पर्यावरण समिति सदस्य अधिकारी उपस्थित रहे। - Girwa News