राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने किया नागरिक अस्पताल, जिला जेल, बालकुंज चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट में निरीक्षण
यमुनानगर, 28 जून- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल ने जिला में नागरिक अस्पताल, जिला जेल और बच्चों के देख रेख के लिए चल रहे संस्थान बाल कुंज में औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नागरिक अस्पताल में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का आकलन किया जिसमें पंजीकरण की सेवाएं, हॉस्पिटल में दी जा रही दवाइयां और संबंधित उपचारों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आम आदमी के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए नागरिक अस्पताल के संबंधित डॉक्टर को निर्देश दिए कि वे नागरिकों को अच्छी प्रकार से सेवाएं प्रदान करें।
इस मौके पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल ने सिविल सर्जन दिव्या मंगला के साथ-साथ अस्पताल के सभी डॉक्टर व नर्स की मीटिंग ली और निर्देश दिए कि वे मरीजों के साथ सही व्यवहार करें। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि मरीजों के अधिकारों के साथ-साथ नागरिक अस्पताल के सभी डॉक्टरों और नर्सों के अधिकारों का भी ध्यान रखा जाए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर ने जिला जेल महिला बंदियों को दी जा रही है सुविधाएं, जेल में चल रहे क्रैच सेंटर, बंदियों को सही खाना दवाई उनके साथ व्यवहार आदि का निरीक्षण किया गया। जिला जेल अधीक्षक सत्येंद्र कुमार ने बताया कि इस समय जेल में लगभग 1100 बंदी है। उन्होंने बंदियों से संबंधित सभी रिकॉर्ड बारे आयोग के स्पेशल मॉनिटर को जानकारी दी और यह विश्वास दिलाया कि बंदियों को दी जा रही सभी सुविधाएं उनके अधिकारों के अनुरूप हैं।
जेल के निरीक्षण के बाद बालकृष्ण गोयल चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन बालकुंज में पहुंचे और वहां पर रह रहे बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का आंकलन किया, बच्चों से संबंधित सभी रिकॉर्ड देखे गए और मौके पर मौजूद बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक रोहिल्ला, सदस्य सुशील कुमार गुलाटी और जिला बाल संरक्षण समिति से मौजूद गुरप्रीत सिंह और प्रीति प्रोटेक्शन ऑफिसर से संस्था की गतिविधियों और बच्चों की दी जा रही सुविधाओं की रिपोर्ट ली।
आयोग के स्पेशल मॉनिटर ने बताया कि सभी संस्थाओं के कार्य संतोषजनक है फिर भी सुविधाओं को और दुरुस्त करने के लिए उन्हें निर्देश जारी किए गए हैं और उचित रिकॉर्ड तैयार करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन इन सब कार्यों में बड़ी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है जो उचित है और उम्मीद की जाती है कि दी जा रही सुविधाओं को और अच्छे से किया जाएगा।
जिला बाल कल्याण अधिकारी एवं प्रभारी सुखमिंदर सिंह ने बताया कि चिल्ड्रन होम फॉर गर्ल्स चिल्ड्रन होम फॉर बॉयज में दोनों की सैंक्शन क्षमता 50- 50 बच्चों की है और इस समय दोनों बाल गृहों में लगभग 30- 30 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों की दी जा रही सुविधाओं में काउंसलिंग, कंप्यूटर शिक्षा, लाइब्रेरी, होम वर्क कार्य, योग और खेल की सुविधा, चिकित्सा की सुविधा आदि बारे गहन निरीक्षण किया।
इस मौके पर सीडीपीओ छछरौली, अधीक्षक मोना चौहान अधीक्षक बलविंदर सिंह मायाराम काउंसलर सचिन कुमार सहायक प्रोबेशन ऑफिसर और सभी स्टाफ मौजूद रहा।