गोवंश सेवा के लिए आगे आए महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन — शेड निर्माण हेतु एक लाख रुपए का सहयोग
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक
भीलवाड़ा-जहां आज के दौर में लोग अपने स्वार्थ में व्यस्त नजर आते हैं, वहीं कुछ संत ऐसे भी हैं जो निस्वार्थ भाव से सेवा का दीप जलाए हुए हैं। सीताराम गोशाला काइन हाउस में गोवंश की सेवा और संरक्षण के लिए बनाए जा रहे 100×40 वर्गफीट के विशाल शेड निर्माण कार्य में एक ऐसी ही प्रेरणादायक पहल देखने को मिली।
“सुख चाहो तो सेवा करो, सुख चाहो तो सुमिरन करो”- इस दिव्य संदेश को जीवन में उतारते हुए पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज ने करुणा और सेवा की मिसाल पेश की। उन्होंने टीम मुस्कान को 1 लाख रुपए की सहयोग राशि भेंट की। इससे पूर्व भी वे सहयोग कर चुके हैं, जिससे उनका कुल योगदान साढ़े तीन लाख रुपए तक पहुंच चुका है। यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि गोमाता के प्रति श्रद्धा, संवेदना और संरक्षण का जीवंत उदाहरण है। इस शेड के निर्माण से असहाय गोवंश को भीषण गर्मी की तपिश, मूसलाधार बारिश और अन्य प्राकृतिक विपरीत परिस्थितियों से राहत मिलेगी। उनके लिए यह शेड एक सुरक्षित आश्रय बनेगा।एक ऐसा घर, जहां उन्हें स्नेह और संरक्षण दोनों मिलेगा। इस पुनीत अवसर पर गोशाला प्रबंधन और टीम मुस्कान के सभी पदाधिकारियों की आंखों में कृतज्ञता झलक उठी। उन्होंने महाराज श्री के इस सेवा भाव को समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया। गौमाता का पूजन कर आरती की गई एवं लापसी का भोग लगाया गया। कार्यक्रम में जबलपुर से पधारे स्वामी अशोकानंद जी महाराज सहित संत ईशान राम, संत सुयज्ञ राम, चांदमल सोमानी, रविंद्र जाजू, कन्हैयालाल जगतयानी, जय गुरनानी, प्रशांत परमार, अमित वर्मा, दीपक मेहता, सांवर कीर एवं राजू कीर सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि गोसेवा केवल सेवा नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची साधना है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे भी इस पुण्य कार्य में आगे आकर सहयोग करें, ताकि सेवा की यह लौ निरंतर प्रज्वलित रहती रहे। जब सेवा में श्रद्धा जुड़ जाती है, तो वही कार्य समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है और आज यह प्रेरणा स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के रूप में हमारे सामने है।