चेहल्लुम: मातमी धुनों के बीच निकाले गए ताजिये
पुलिस व प्रशासनिक अफसरों भी सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत साथ रहे
कोंच। कर्बला में इंसानियत की रक्षा करते शहीद हुए इमाम हुसैन और उनके 72 अनुयायियों की याद में नम आंखों के साथ ढोलों की मातमी धुनों के बीच ताजियों का जुलूस निकाला गया। इस दौरान तमाम चौकों पर मजलिस हुई। कई लोगों ने जुलूस के लिए लंगर के इंतजाम भी किए। शांति और सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस व प्रशासनिक अफसर लगातार साथ में रहे।
मंगलवार की रात नगर में चेहल्लुम पर हजरत इमाम हुसैन की याद में ढोलों की मातमी धुनों पर ताजियों का जुलूस निकाला गया। यजीद के जुल्मों के खिलाफ लड़ते लड़ते शहीद हुए इमाम हुसैन के 72 साथियों को याद किया गया। चेहल्लुम पर उनकी शहादत को याद कर सारा माहौल गमगीन हो गया। बच्चा हो या बुजुर्ग हर किसी की आंखें नम थीं और सारा माहाैल गमगीन था। ताजिया जुलूस मंगलवार की रात चंदकुआं चौराहे से उठा और सागर तालाब, नई बस्ती, कटरा बाजार, लवली चौराहा, स्टेट बैंक होकर चौकों से ताजिये लेता हुआ सोमवार की सुबह बजरिया पावर हाउस पहुंचा जहां मेले के रूप में परिवर्तित हो गया। उस्तादों की सरपरस्ती में शागिर्द आग के खेल और बनैती खेलते रहे। इसके बाद ताजिये अपने अपने चौकों पर वापस चले गए। सुबह करीब साढ़े सात बजे कैलिया बस स्टैंड पर मोहम्मद अफजाल खान के आवास के बाहर फातिहा दी गई और लंगर का भी इंतजाम किया गया था। बुधवार अपरान्ह साढ़े तीन बजे एक बार फिर जुलूस शुरू हुआ, अंसारी विरादरी का ताजिया सबसे पहले उठा, इसके बाद निर्धारित रूट पर आगे बढ़ता हुआ जुलूस देर रात कर्बला पहुंचा जहां नम आंखों से ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से एसडीएम अभिनव कुमार यादव, सीओ परमेश्वर प्रसाद के निर्देशन में कोतवाल निगवेंद्र प्रताप सिंह सभी चौकी प्रभारियों व पुलिस बल के साथ ताजिया जुलूस में शामिल रहे। बारिश ने भी ताजिया जुलूस में खलल डाला।
Konch, Jalaun | Aug 5, 2026