किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध, टीकमगढ़ पहुंची डीएपी की एक रैक, दूसरी जल्द आएगी
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खाद की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी, ऑनलाइन बुकिंग शीघ्र शुरू कराने के लिए कलेक्टर ने अधिकारियों से ली जानकारी
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किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन के हर संभव प्रयास, डीएपी के विकल्प के रूप में टीएसपी एवं एनपीके का उपयोग करने की भी अपील
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जिले के किसानों को रबी फसलों की बोवनी के लिए आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में टीकमगढ़ जिले में डीएपी खाद की एक रेलवे रैक पहुंच गई है, जबकि एक अन्य रैक भी जल्द आने की संभावना है। इससे जिले में डीएपी की उपलब्धता बढ़ेगी तथा किसानों को खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन खाद की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की निरंतर निगरानी कर रहा है, ताकि किसानों को खाद प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो।
कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने प्रातः मार्कफेड कार्यालय पहुंचकर उर्वरक कंपनी एवं मार्कफेड के अधिकारियों से जिले में खाद की उपलब्धता, किसानों की मांग तथा ई-विकास पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने रेलवे रैक पहुंचने के बाद खाद को किसानों के लिए ऑनलाइन बुकिंग हेतु उपलब्ध कराने में लगने वाले समय और संबंधित प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी करते हुए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें।
ऑनलाइन बुकिंग के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक
कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने बताया कि रेलवे रैक पहुंचने के बाद खाद को उतारकर संबंधित गोदामों अथवा सहकारी संस्थाओं तक पहुंचाया जाता है। इसके पश्चात प्राप्त खाद की वास्तविक मात्रा का मिलान कर मार्कफेड पोर्टल पर स्टॉक संबंधी प्रविष्टियां दर्ज की जाती हैं। इसके बाद भारत सरकार के पीएफएमएस पोर्टल पर खाद की प्राप्ति एवं स्टॉक का मिलान कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। इन प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद ही संबंधित खाद का स्टॉक ई-विकास पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग के लिए प्रदर्शित होने लगता है।
उन्होंने बताया कि खाद की वास्तविक उपलब्धता का सत्यापन, स्टॉक का मिलान तथा विभिन्न पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियां अद्यतन करने में समय लगता है। इसी कारण रेलवे रैक पहुंचने के तत्काल बाद खाद ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध नहीं हो पाती। वर्तमान स्थिति के अनुसार, डीएपी खाद के लगभग एक सप्ताह में ई-विकास पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध होने की संभावना है। प्रशासन का प्रयास है कि आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी हों, जिससे किसानों को खाद प्राप्त करने में सुविधा हो सके।
छोटे किसानों को प्राथमिकता से मिले सुविधा, बुकिंग प्रक्रिया में न छूटें पीछे
कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने किसानों से अपील की है कि वे खाद की ऑनलाइन बुकिंग करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे किसान तकनीकी जानकारी अथवा ऑनलाइन बुकिंग की कठिनाइयों के कारण पीछे न छूटें और उन्हें भी समय पर खाद उपलब्ध हो सके। इसके लिए किसान प्रातः 10 बजे से ई-विकास पोर्टल पर खाद की उपलब्धता देखकर बुकिंग का प्रयास करें। आवश्यकता होने पर व्हाट्सऐप के माध्यम से बुकिंग करें अथवा नजदीकी सीएससी ऑपरेटरों और ग्रामीण युवाओं की सहायता लें।
खाद की उपलब्धता बढ़ाने और किसानों को राहत दिलाने के लिए निरंतर प्रयास
जिला प्रशासन द्वारा खाद की उपलब्धता, आवक, भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। डीएपी की एक रैक जिले में पहुंच चुकी है तथा दूसरी रैक जल्द आने की संभावना है। साथ ही किसानों को उपलब्ध उर्वरकों का संतुलित एवं आवश्यकता के अनुरूप उपयोग करने के लिए डीएपी के विकल्प के रूप में टीएसपी एवं एनपीके उर्वरकों के उपयोग पर भी विचार करने की अपील की जा रही है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि किसानों को समय पर आवश्यक खाद उपलब्ध हो, वितरण व्यवस्था सुचारु बनी रहे तथा किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए संबंधित विभागों एवं उर्वरक एजेंसियों के साथ समन्वय कर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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9 views | Tikamgarh, Madhya Pradesh | Oct 19, 2026