गाजे-बाजे, आतिशबाजी के साथ निकली श्रीराम बारात, जनकपुरी बना माता मंदिर
रथ में विराजे रामजी, डांडिया करते निकले समिति के सदस्य; पुष्पवर्षा से हुआ बरात का स्वागत
रंगीन आतिशबाजी… धूमधाम से हुआ श्रीराम-सीता विवाहोत्सव
राम कलेवा के मंचन ने मोहा मन
बैतूल
गंज में गुरुवार को 69वें रामलीला व दशहरा उत्सव के तहत प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाहोत्सव की धूम रही। श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति, बैतूल द्वारा आयोजित महोत्सव की छठवीं शाम भव्य श्रीराम बारात निकाली गई। रथ में विराजे प्रभु श्रीराम, डांडिया करते समिति के सदस्य, ढोल-नगाड़ों की गूंज और रंगीन आतिशबाजी ने शोभायात्रा को आकर्षक बना दिया। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया। पूरा बैतूल गंज भक्तिमय माहौल में जनकपुरी जैसा नजर आया।
15 अक्टूबर, गुरुवार को रात 8 बजे श्री कृष्ण मंदिर से श्रीराम बरात का शुभारंभ हुआ। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और मनमोहक झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा में श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति के सदस्य डांडिया करते हुए शामिल हुए। सजे-धजे रथ में प्रभु श्रीराम विराजमान रहे। रंगीन आतिशबाजी और श्रद्धालुओं की पुष्पवर्षा के बीच बरात नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए माता मंदिर, पेट्रोल पंप, बैतूल गंज पहुंची। शोभायात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े और पूरे मार्ग पर उत्सव का माहौल बना रहा।
माता मंदिर पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ प्रभु श्रीराम और माता सीता का विवाह संपन्न कराया गया। इसके बाद रात 9 बजे रामलीला मैदान के मंच पर रीवा के प्रसिद्ध श्री गणेश रामलीला मंडल, मऊगंज के कलाकारों ने श्रीराम विवाह जुलूस और राम कलेवा के प्रसंगों का सजीव मंचन किया। जनकपुर की नारियों के परिहास, समधी-मिलन और राम कलेवा के दृश्यों को कलाकारों ने प्रभावशाली भाव-भंगिमाओं के साथ प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति, बैतूल द्वारा आयोजित 12 दिवसीय रामलीला व दशहरा उत्सव 69 वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। आयोजन में पंजाब युवा सेवा समिति और श्री कृष्ण पंजाबी महिला कीर्तन मंडल, बैतूल का संयुक्त सहयोग मिल रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रामलीला मैदान में महिलाओं के बैठने के लिए अलग व्यवस्था की गई है।
- आज होगा राम वनवास प्रसंग का मंचन
महोत्सव के सातवें दिन 16 अक्टूबर, शुक्रवार को रात 9 बजे रामलीला मैदान में दशरथ प्रतिज्ञा, कैकई संवाद, राम वनवास और केवट संवाद के प्रसंगों का सजीव मंचन किया जाएगा।