*चंबा,
उद्योग विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के _रेजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (रैम्प)_ कार्यक्रम के अंतर्गत चंबा में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई एवं स्वयं सहायता समूहों की डिजिटल साक्षरता बढ़ाना, ब्रांड बिल्डिंग को सुदृढ़ करना तथा गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से सरकारी खरीद में उनकी भागीदारी बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला उद्योग केंद्र, चंबा से श्री अजीत कुमार रहे। कार्यशाला में 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्य तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी शामिल रहे।
कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र में सुश्री सकीना ठाकुर ने उद्यमिता विकास, ई-कॉमर्स एवं ब्रांड बिल्डिंग पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि डिजिटल भुगतान, व्हाट्सऐप बिजनेस, सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन मार्केटिंग के माध्यम से छोटे उद्यमी कम लागत में अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ा सकते हैं। इस दौरान बजट निर्माण, नकदी प्रवाह प्रबंधन, बैंकिंग सुविधाओं एवं सरकारी ऋण योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
द्वितीय सत्र में श्री संजय कुमार ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के सीपीपी मॉड्यूल पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जेम पोर्टल के माध्यम से एमएसएमई, एसएचजी एवं स्टार्टअप सीधे सरकारी विभागों को उत्पाद व सेवाएं बेच सकते हैं। इससे पारदर्शी भुगतान के साथ पूरे देश में बाजार उपलब्ध होता है। सत्र के दौरान ऑन-द-स्पॉट जेम पंजीकरण भी करवाया गया। कार्यशाला में 15 प्रतिशत से अधिक प्रतिभागियों ने मौके पर ही विक्रेता के रूप में पंजीकरण कराया।
मुख्य अतिथि श्री अजीत कुमार ने कहा कि रैम्प कार्यक्रम के तहत ऐसी कार्यशालाएं ग्रामीण एवं छोटे उद्यमियों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। डिजिटल साक्षरता और जेम जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़कर चंबा के स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे व्यवसाय को डिजिटल रूप से बढ़ाने और सरकारी खरीद में भाग लेने का मार्गदर्शन मिला है। उद्योग विभाग ने भरोसा जताया कि प्रशिक्षण से महिला उद्यमी एवं एसएचजी आर्थिक रूप से सशक्त होंगी और जिले में एमएसएमई क्षेत्र को गति मिलेगी।
Chamba, Chamba | Jun 29, 2026