अधिकारियों को देखकर लोगों के दिलों में उम्मीद की आस जगाती हैं
अधिकारियों को जब एक जगह पर इकट्ठा देख दूर दराज के लोग जानकारी पाते हैं तो दौड़े चले आते हैं
साहब के दरबार में इसलिए कि उनको न्याय मिल जाए
और इसलिए भी कि उनकी जो पीड़ा है वह बड़े साहब है समझ लेंगे तो दूर हो जाएगी
इसलिए सब ग्रामीण दूर दराज इलाके से समाधान दिवस की ओर दौड़ पड़ता है
लेकिन जैसे ही वह समाधान दिवस पहुंचता है और वहां पर अपनी बारी का इंतजार करता है
क्योंकि समाधान दिवस में लगी लंबी-लंबी लाइन यह साबित करती है कि जिले में कुछ तो गड़बड़ चल रहा है
वरना गांव से, पंचायत भवन, ब्लॉक ,फिर थाना, फिर तहसील तक ऐसे इतनी लंबी-लंबी लाइन नहीं लगती
जब उसकी बारी आती है अपनी पीड़ा सुनाने की जहां पर अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनते, देखते हैं और समाधान का भरोसा देते हैं लेकिन क्या होता है जब उन्हें शिकायतकर्ताओं या पीड़ितों को न्याय के लिए एक दरवाजे से दूसरे दरवाजे भटकना पड़ता है
सवाल ऐसा क्यों होता है ऐसा किस किस के साथ हो रहा और क्यों
Jalaun, Jalaun | Sep 6, 2026