⛔ ‘बेटी से छेड़खानी करने वालों के हाथ काटकर लाइये, 2 लाख इनाम के जाईये': खुर्दा महोत्सव में सांसद पप्पू यादव
मधेपुरा/कुमारखंड: पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड स्थित अपने पैतृक गांव खुर्दा में आयोजित दुर्गा महोत्सव के उद्घाटन के दौरान उन्होंने मंच से ऐलान किया कि जो व्यक्ति बेटी से छेड़खानी करने वाले का हाथ काटकर लाएगा, उसे वह दो लाख रुपये का इनाम देंगे। उनके इस बयान के बाद जहां कुछ लोग इसे महिलाओं की सुरक्षा को लेकर आक्रामक संदेश बता रहे हैं, वहीं इस तरह की भाषा और कानून को अपने हाथ में लेने की बात पर सवाल भी उठ रहे हैं।
‘बेटी की इज्जत से समझौता नहीं, छेड़खानी हुई तो महाभारत से बड़ा युद्ध होगा’
खुर्दा महोत्सव के मंच से पप्पू यादव ने बेटियों की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बेटियों की आबरू की रक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने दोहराया कि यदि कोई बेटी के साथ छेड़खानी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ा प्रतिरोध किया जाएगा। इसी क्रम में उन्होंने छेड़खानी करने वाले का हाथ काटकर लाने वाले को दो लाख रुपये देने की घोषणा की।
सांसद ने अपने संबोधन में यहां तक कहा कि बेटियों के साथ छेड़खानी करने वालों के खिलाफ महाभारत से भी बड़ा युद्ध छेड़ा जाएगा। उनके इस बयान में इस्तेमाल किए गए आक्रामक शब्द अब चर्चा का विषय बन गए हैं।
पप्पू यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता और सख्त रुख की चर्चा हो रही है, तो दूसरी ओर अपराध के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर हिंसा की घोषणा करने की भाषा पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
क्या है खुर्दा महोत्सव का इतिहास और खासियत?
दरअसल, खुर्दा गांव पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का पैतृक गांव है। यह मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड में स्थित है। दुर्गा पूजा के अवसर पर यहां भव्य मेले और महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस दौरान कुश्ती, कबड्डी समेत विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। इसके अलावा मुंबई से आने वाले कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाते हैं।
हर साल आयोजित होने वाला यह महोत्सव धार्मिक आयोजन के साथ-साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख आकर्षण रहता है। लेकिन इस बार महोत्सव के दौरान सांसद पप्पू यादव का बयान आयोजन की चर्चा से आगे निकलकर सोशल मीडिया पर बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है।
अब बयान को लेकर उठ रहे हैं कई सवाल
बेटियों की सुरक्षा निश्चित रूप से एक गंभीर सामाजिक मुद्दा है। छेड़खानी और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है। हालांकि, किसी अपराध के जवाब में हाथ काटने जैसी बात कहना कानून और न्याय की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े करता है।
📹 Murari Singh मधेपुरा टाइम्स Madhepura Times