शिमला पुलिस का नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार, तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार; अबूधाबी भाग रहा आरोपी एयरपोर्ट से दबोचा
शिमला पुलिस द्वारा नशे के संगठित नेटवर्क्स को प्रभावी तरीके से डिस्मेंटल करते हुए तीन बड़े अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
पहले मामले में, स्पेशल सेल, जिला शिमला द्वारा दिनांक 03 अगस्त 2026 को शोघी के निकट 1.120 किलोग्राम हाई ग्रेड हेरोइन के साथ आरोपी विजय कुमार को गिरफ्तार किया था। विजय से जुड़े बैकवर्ड लिंकज को सफलतापूर्वक वर्कआउट करते हुए पुलिस अब इस नेटवर्क की एक और महत्वपूर्ण कड़ी तक पहुंच गई है।
मामले की जांच के दौरान आरोपी विजय कुमार से पूछताछ तथा तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर सामने आया था कि उक्त हेरोइन की खेप उसे शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान पुत्र निर्मल सिंह, निवासी जिला तरनतारन, पंजाब द्वारा उपलब्ध करवाई गई थी। शुभकरमन सिंह को पुलिस द्वारा पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच में शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण आरोपी आजाद सिंह पुत्र जयपाल, निवासी नारायणगढ़, जिला अंबाला, हरियाणा की भूमिका सामने आई।
स्पेशल सेल की टीम द्वारा आजाद सिंह की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद फरार हो चुका था। जांच में पता चला कि आरोपी देश छोड़कर अबू धाबी भागने की तैयारी कर रहा था और उसने पासपोर्ट तथा टूरिस्ट वीजा भी बनवा लिया था। तकनीकी निगरानी के आधार पर स्पेशल सेल ने आरोपी की लोकेशन अहमदाबाद, गुजरात में ट्रेस की तथा गुजरात पुलिस के साथ एक ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर आरोपी आजाद को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर आबू धाबी भागते समय गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को अहमदाबाद कोर्ट मर पेश करके ट्रांजिट रिमांड हासिल किया गया, और उसे शिमला लाया गया जहां माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद उसका 03 दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि विजय कुमार, शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान तथा आजाद सिंह के बीच संपर्क के लिए Signal App का इस्तेमाल किया जाता था ताकि उनकी गतिविधियां जांच एजेंसियों की नजर से बची रहें।। जांच के अनुसार शुभकरमन सिंह द्वारा उपलब्ध कराई गई हेरोइन की खेप को नेटवर्क के विभिन्न सदस्यों के माध्यम से आगे पहुंचाया जाना था। शुभकर्मन से लेकर उक्त खेप को आज़ाद के माध्यम से विजय तक पोहंचाया गया तथा आरोपी विजय कुमार उक्त 1.120 किलोग्राम हेरोइन की खेप लेकर शिमला पहुंचा था। जिसे शिमला पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा इंटरसेप्ट कर बरामद किया गया।
आजाद सिंह की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे न केवल 1.120 किलोग्राम हाई ग्रेड हेरोइन की बरामदगी के मामले में आगे की कड़ियां सामने आई हैं, बल्कि एक संगठित अंतरराज्यीय नशा सप्लाई नेटवर्क की संरचना को उजागर करने में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
आरोपी विजय कुमार का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके विरुद्ध अभियोग संख्या 31/2025 धारा 78, 79, 126(2), 351(3) BNS, महिला थाना नारायणगढ़, जिला अंबाला, हरियाणा में दर्ज है।आरोपी आजाद सिंह का भी पूर्व आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके विरुद्ध FIR No. 25/2023, धारा 376 IPC, महिला थाना नारायणगढ़, जिला अंबाला, हरियाणा में अभियोग दर्ज है।
दूसरे मामले में, पुलिस थाना जुब्बल ने एक अंतरराज्यीय चिट्टा (हेरोइन) सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए इसके मुख्य सप्लायर/ऑपरेटर सन्नी सिंह को अंबाला से गिरफ्तार किया है। जांच में इस नेटवर्क के तार हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा तक जुड़े पाए गए हैं।
मामले की शुरुआत अभियोग संख्या 29/2026, दिनांक 15.07.2026, अधीन धारा 21 व 29 ND&PS Act, पुलिस थाना जुब्बल से हुई, जिसमें आरोपी रविन्द्र कुमार पुत्र सुरेन्द्र कुमार, निवासी घुमारवीं, जिला बिलासपुर के कब्जे से 9.57 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया गया था।
पुलिस रिमांड के दौरान रविन्द्र कुमार से पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने चिट्टा सन्नी सिंह से जीरकपुर में प्राप्त किया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि नेटवर्क में चिट्टे की डिलीवरी के लिए एक लोकेशन-बेस्ड डिलीवरी मॉड्यूल अपनाया जा रहा था। इसके तहत चिट्टे की खेपों को NH-705 पर सनाभा, खड़ा पत्थर से लेकर सरस्वती नगर तक विभिन्न स्थानों पर छिपाया जाता था तथा इन स्थानों की जानकारी मुख्य सप्लायर को WhatsApp के माध्यम से साझा की जाती थी।
आरोपी रविन्द्र कुमार के मोबाइल फोन से प्राप्त लोकेशन संबंधी जानकारी तथा उसके खुलासे के आधार पर उसकी निशानदेही करवाई गई। आरोपी ने कुल 13 अलग-अलग स्थानों की निशानदेही की। इनमें से तीन स्थानों से क्रमशः 4.85 ग्राम, 4.79 ग्राम तथा 4.89 ग्राम चिट्टा, कुल 14.53 ग्राम, बरामद किया गया। इन स्थानों की पुष्टि आरोपी के मोबाइल फोन में उपलब्ध लोकेशन डेटा से भी हुई।इनकी छोटी छोटी मात्रा से पता चलता है कि आरोपी खुद को ndps एक्ट के अंतर्गत गिरफ्तार होने से बचने के लिए ही सिर्फ इन मात्राओं में स्थानीय युवाओं को चिट्ठा बेचा करते थे।
इस प्रकार अभियोग संख्या 29/2026 में अब तक कुल 24.10 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया जा चुका है।
मामले की बैकवर्ड लिंकज जांच के दौरान मुख्य सप्लायर/ऑपरेटर सन्नी सिंह की पहचान की गई। पुलिस द्वारा उसे अंबाला से गिरफ्तार किया गया है।
सन्नी सिंह का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। सन्नी सिंह के हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में चिट्टे से संबंधित कुल 7 मामले जुड़े पाए गए हैं—
* पंचकूला – 1 मामला
* अबोहर, फाजिल्का – 2 मामले
* फाजिल्का सिटी – 1 मामला
* ठियोग, हिमाचल प्रदेश – 2 मामले
* जुब्बल, हिमाचल प्रदेश – 1 मामला
पुलिस थाना सेक्टर-20, पंचकूला में दर्ज एक ND&PS मामले में उसके कब्जेसे 304 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ।
इससे सन्नी सिंह द्वारा संचालित नेटवर्क के अंतरराज्यीय स्वरूप तथा चिट्टे की आपूर्ति एवं वितरण के लिए अपनाए जा रहे संगठित लोकेशन-बेस्ड डिलीवरी मॉड्यूल का पता चलता है।
इसके अतिरिक्त, आरोपी रविन्द्र कुमार को अभियोग संख्या 30/2026, दिनांक 15.07.2026, पुलिस थाना जुब्बल, अधीन धारा 21 व 29 ND&PS Act में भी गिरफ्तार किया गया है, जिसमें उसके द्वारा आरोपी मोहित कुमार को चिट्टा सप्लाई किया जाना सामने आया है।
मामले की आगामी जांच जारी है।
तीसरे मामला में, पुलिस थाना सदर शिमला ने चिट्टा तस्करी के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी करण पुत्र चंचल कुमार, निवास अमृतसर, पंजाब को गिरफ्तार किया है।
मामला अभियोग संख्या 110/2025, दिनांक 25.12.2025, अधीन धारा 21 व 29 ND&PS Act, पुलिस थाना सदर शिमला से संबंधित है। उक्त मामले में आरोपी अंकुश उर्फ सुदामा के कब्जे से 6.360 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया गया था। पूछताछ के दौरान अंकुश ने उक्त चिट्टा सागर से प्राप्त करना बताया था। मामले की जांच के दौरान अंकुश उर्फ सुदामा, प्रवीण चौहान उर्फ बाबी तथा सागर को गिरफ्तार किया गया था।
मामले की वित्तीय जांच के दौरान आरोपी सागर के बैंक खातों की जांच की गई। बैंक लेन-देन के विश्लेषण से सामने आया कि सागर द्वारा करण के HDFC बैंक खाते तथा अन्य खातों में 3 lakh की धनराशि भेजी गई थी। इस वित्तीय लिंक के आधार पर सामने आया कि करण इस चिट्टा तस्करी नेटवर्क का मुख्य सरगना था।
पुलिस टीम द्वारा करण की तलाश की गई, लेकिन वह लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप आरोपी करण को दिनांक 25.08.2026 को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया गया।
शिमला पुलिस नशा तस्करी के नेटवर्क को केवल बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए उसके फाइनेशियल नेटवर्क एवं सप्लाई नेटवर्क्स की गहन जांच कर पूरे नेटवर्क को चिन्हित एवं ध्वस्त करने की दिशा में लगातार कार्रवाई कर रही है।