मोदी-शाह और ज्ञानेश के खिलाफ इंडिया गठबंधन का आक्रोश
इंडिया गठबंधन के द्वारा घोषित देश व्यापी विरोध मार्च के तहत फतुहा दनियावां और खुसरुपुर में महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध मार्च किया। मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने सड़को पर विरोध मार्च के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया। महागठबंधन कार्यकर्ताओं ने अपने अपने दलों का झंडा लिए सड़कों पर मार्च किया और सरकार के विरोध में नारे भी लगाए। कार्यकर्ता CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर ज्यादा आक्रोशित थे।
देश के चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने अपने कार्यकाल में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के वोटरों का नाम कथित तौर पर वोटर लिस्ट से हटा दिया है। SIR के तहत 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ड्राफ्ट वोटरलिस्ट से 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। हालांकि इसमें सभी नाम अंतिम रूप से वोटर लिस्ट से बाहर नहीं हुए। इसी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि चुनाव आयोग ऐसे आरोपों से इनकार करता रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने से इनकार करते हुए केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।
सबसे गंभीर आरोपों में से एक यह है कि ज्ञानेश कुमार ने दूसरे दो इलेक्शन कमिश्नर की सहमति के बिना कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए। अंग्रेजी दैनिक अखबार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार दोनों इलेक्शन कमिश्नर सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने चुनाव आयोग के कार्यकलापों पर पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं, जो SIR से संबंधित है। विपक्ष ने इन्हीं कथित मतभेदों के आधार पर CEC को हटाने, जांच कराने और SIR की प्रक्रिया को वापस लेने जैसी मांगें की हैं।
फिरोज
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Fatwah, Patna | Oct 7, 2026