सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मौखिक तौर पर यह बात दोहराई है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में मतदाता सूची से नाम कटने भर से किसी की नागरिकता अपने आप खत्म नहीं हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि वह बिहार एसआईआर पर अपने फैसले में ही यह बात स्पष्ट कर चुका है।
सुप्रीम कोर्ट में भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना ने प्रसेनजीत बोस नाम के याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह बात कही। लाइवलॉ के अनुसार वे कई याचिकाओं के माध्यम से एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट से बाहर हुए लोगों के लिए कई तरह की राहत चाहते हैं।
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Korba, Korba | Jul 17, 2026