🎤 एंकर स्क्रिप्ट (प्रोफेशनल न्यूज़ स्टाइल)
एंकर इंट्रो:
नमस्कार... मैं हूँ सर्वजीत सिंह और आप देख रहे हैं यूथ इंडिया न्यूज़।
फर्रुखाबाद की अमृतपुर तहसील से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर... जहां गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। चेतावनी बिंदु पार करते ही दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई गांवों में पलायन शुरू हो चुका है, किसानों की फसलें जलमग्न हैं, करनपुर घाट पर तेज कटान जारी है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक कई बाढ़ प्रभावित गांवों में न तो स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं और न ही राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंची हैं। देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट...
वीओ (रिपोर्ट)
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार सुबह जलस्तर 136.85 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.80 मीटर से ऊपर पहुंच चुका है। इसके बाद करनपुर घाट, मढ़ैया तौफीक, मंझा की मढ़ैया, फखरपुर, बनारसीपुर, सुभानपुर, कुडरी सारंगपुर सहित दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया।
बाढ़ के कारण कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है, जबकि सैकड़ों लोग आज भी चारों ओर पानी से घिरे अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। खेतों में खड़ी धान, मक्का और अन्य फसलें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
करनपुर घाट पर गंगा का कटान लगातार तेज हो रहा है। नदी किनारे रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो कई मकान भी कटान की जद में आ सकते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद अब तक कई प्रभावित गांवों में न तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप लगाए गए हैं और न ही दवाइयों का वितरण किया गया है। संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने के बावजूद लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं।
इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में लेखपाल, राजस्व विभाग की टीम और अन्य जिम्मेदार अधिकारी भी अभी तक नहीं पहुंचे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फसलों और संपत्ति के नुकसान का सर्वे नहीं किया जा रहा है और राहत कार्य भी अपेक्षित स्तर पर शुरू नहीं हो पाए हैं।
बाढ़ से विद्युत व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। सुरक्षा के मद्देनज़र माखन नगला, कालिका नगला, टपुआ, करनपुर घाट, कुडरी सारंगपुर, मंझा फखरपुर, बनारसीपुर, किचन और सुभानपुर सहित दो दर्जन से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है, जिससे हजारों ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
एंकर आउट्रो:
फिलहाल गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यदि यही स्थिति बनी रही तो बाढ़ का दायरा और बढ़ सकता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि राहत और बचाव कार्य कितनी तेजी से प्रभावित गांवों तक पहुंचते हैं और प्रशासन बाढ़ पीड़ितों को कब तक राहत दिला पाता है।
कैमरामैन के साथ सर्वजीत सिंह, यूथ इंडिया न्यूज़, अमृतपुर, फर्रुखाबाद।
Amritpur, Farrukhabad | Aug 2, 2026