रामगंगा के तेज बहाव में साइकिल समेत खंदक में गिरा बुजुर्ग, बाल-बाल बची जान
कुछ माह में ही बह गए सुरक्षा संकेतक, हादसे के बाद जागा प्रशासन; ग्रामीणों ने रस्सी डालकर खोजी साइकिल
अमृतपुर। रामगंगा का तेज बहाव अमैयापुर पुलिया से गुजरने वाले ग्रामीणों के लिए लगातार खतरा बढ़ा रहा है। बुधवार को राजपुर-गुंडेरा संपर्क मार्ग स्थित अमैयापुर पुलिया पर उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब करीब 60 वर्षीय लाखन पुत्र तिलक साइकिल समेत तेज बहाव की चपेट में आकर गहरी खंदक में जा गिरे। बुजुर्ग को पानी में बहता देख आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाकर नाव चालक को बुलाया। नाव चालक ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अमैयापुर पूर्वी निवासी लाखन किसी काम से साइकिल लेकर रतनपुर जा रहे थे। नाव उपलब्ध न होने पर उन्होंने पानी के बीच पुलिया से पैदल निकलने का प्रयास किया। इसी दौरान रामगंगा के तेज बहाव का दबाव बढ़ने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वह साइकिल समेत गहरी खंदक में जा गिरे। पानी में गिरते ही वह तेज बहाव में फंस गए। ग्रामीणों के अनुसार वह एक-दो बार पानी में डूबे भी, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मदद के लिए आवाज लगाई।
ग्रामीणों ने रस्सी डालकर तलाश की साइकिल
लाखन को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसी दौरान पता चला कि उनकी साइकिल भी पानी के तेज बहाव में बह गई है। ग्रामीणों ने रस्सी के सहारे पानी में साइकिल की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद साइकिल का पता चला और उसे रस्सी के सहारे बाहर निकाल लिया गया।
कुछ माह में ही बह गए सुरक्षा संकेतक
हादसे के बाद पुलिया की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी दिखाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया पर लोगों को खतरे से आगाह करने के लिए लगाए गए सुरक्षा संकेतक और चेतावनी चिन्ह कुछ ही महीनों में रामगंगा के तेज बहाव में बह गए। संकेतक गायब होने के बाद पुलिया पर पानी के बहाव और आसपास की गहरी खंदक का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सुरक्षा संकेतक लगाए जाने के बाद उनकी निगरानी और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। संकेतक बहने के बाद भी तत्काल वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी रूप से दिखाई नहीं दी। बुधवार को हादसा होने के बाद सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई।
हादसे के बाद प्रशासन ने संभाली कमान
घटना की जानकारी मिलने पर तहसील प्रशासन सक्रिय हुआ। एसडीएम श्वेता साहू ने पुलिया पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कराकर लोगों को पुलिया से आवागमन न करने की हिदायत दी। प्रशासन की ओर से पानी का बहाव कम होने तक जोखिम लेकर पुलिया पार नहीं करने की अपील की गई है।
बुधवार की घटना ने पुलिया की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बहाव के दौरान पुलिया पर मजबूत बैरिकेडिंग, स्पष्ट चेतावनी संकेत और लगातार निगरानी की जरूरत है। लाखन की जान ग्रामीणों की तत्परता और नाव चालक की समय पर मदद से बच गई, लेकिन अगली घटना में बचाव का मौका मिले, यह जरूरी नहीं। अमैयापुर पुलिया पर हुए हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोल दी है।
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