153 में से 24 नामांकन खारिज, 129 स्वीकार।
भाजपा जिला मंत्री और पूर्व पालिका अध्यक्ष के पर्चे भी निरस्त, ACB मामलों को लेकर चर्चाएं तेज, रात 8:30 बजे तक चली जांच।
दैनिक वीरधरा राजस्थान।
रावतभाटा। नगरपालिका चुनाव को लेकर नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के साथ ही चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। मंगलवार को उपखंड कार्यालय में देर रात तक चली जांच प्रक्रिया में कुल 153 नामांकन पत्रों में से 129 स्वीकार किए गए, जबकि 24 नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए। जांच के दौरान कई प्रमुख राजनीतिक चेहरों के नामांकन खारिज होने से चुनावी माहौल भी गरमा गया है।
नामांकन पत्रों की जांच रिटर्निंग अधिकारी डॉ. कृति व्यास की मॉनिटरिंग में हुई। निर्वाचन कार्यालय में रात करीब 8:30 बजे तक प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों की आवाजाही बनी रही। अधिकारियों ने नामांकन पत्रों के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों का सत्यापन किया, जिसके बाद स्वीकार और निरस्त नामांकन की स्थिति स्पष्ट हुई।
भाजपा जिला मंत्री समेत पूर्व पालिका अध्यक्ष के पर्चे खारिज
जांच के दौरान वार्ड 39 से भाजपा जिला मंत्री कालीबाई मीणा का नामांकन भी निरस्त हो गया। वहीं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ममता बाई किन्नर द्वारा वार्ड 7 और वार्ड 32 से दाखिल किए गए दोनों नामांकन पत्र भी खारिज कर दिए गए।
नामांकन निरस्त होने के बाद इन दोनों राजनीतिक चेहरों को लेकर स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, नामांकन निरस्त होने के पीछे ACB से जुड़े पुराने प्रकरणों को वजह बताया जा रहा है। हालांकि निर्वाचन विभाग की ओर से नामांकन निरस्त करने का आधिकारिक कारण संबंधित आदेश और रिकॉर्ड के आधार पर ही अंतिम रूप से स्पष्ट होगा।
सूत्रों के मुताबिक, कालीबाई मीणा के सरपंच रहते हुए उनके कार्यकाल में रिश्वत लेने के आरोप में ACB की ट्रैप कार्रवाई हुई थी। वहीं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ममता बाई किन्नर के पालिका अध्यक्ष रहते हुए भी ACB से जुड़ा प्रकरण सामने आया था। अब दोनों के नामांकन निरस्त होने के बाद इन पुराने मामलों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नाम वापसी के बाद सामने आएगी असली चुनावी तस्वीर
नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद अब प्रत्याशियों की नजरें नामांकन वापसी की प्रक्रिया पर टिकी हैं। नाम वापसी के बाद ही प्रत्येक वार्ड में चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों की अंतिम संख्या स्पष्ट होगी।
24 नामांकन निरस्त होने के बाद राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशियों की रणनीति भी महत्वपूर्ण हो गई है। अब देखना होगा कि नाम वापसी के बाद किन वार्डों में सीधा मुकाबला, किनमें त्रिकोणीय और किन वार्डों में बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलता है।
फिलहाल 153 में से 24 नामांकन खारिज होने के बाद रावतभाटा नगरपालिका चुनाव की सियासी तस्वीर ने नया मोड़ ले लिया है और अब सभी की निगाहें नाम वापसी के बाद जारी होने वाली अंतिम प्रत्याशी सूची पर टिकी हैं।