23 दिन की हड़ताल के बाद कूड़े पर आर-पार, पुलिस सुरक्षा में उठाने पहुंचा प्रशासन तो बरसा ‘सोना’
- सफाई कर्मचारियों ने कहा- कूड़ा हमारे लिए सोना, इसे उठाने की कोशिश हुई तो इसी तरह बरसाएंगे; सिरसा में पुलिस पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के आरोप
सिरसा।
हरियाणा में नगर पालिका सफाई कर्मचारियों की 23 दिन से जारी हड़ताल अब सरकार और कर्मचारियों के बीच सीधे टकराव में बदलती जा रही है। कर्मचारियों की हड़ताल खत्म करवाकर उनकी मांगों का समाधान निकालने की बजाय प्रशासन पुलिस सुरक्षा में प्रदेशभर के डंपिंग प्वाइंटों से कूड़ा उठाने का प्रयास कर रहा है। इसके विरोध में हड़ताली कर्मचारियों ने भी अपना आंदोलन उग्र कर दिया है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में कहीं नगर परिषद कार्यालयों में कूड़ा डाला जा रहा है तो कहीं कूड़ा उठाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीमों के सामने कर्मचारियों ने विरोध जताते हुए कूड़ा फेंका। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि “कूड़ा हमारे लिए सोना है। अगर हमारे सोने को कोई उठाने का प्रयास करेगा तो उसके ऊपर इसी तरह सोना बरसाया जाएगा।”
शनिवार को सिरसा में मुख्य डाकघर के पास स्थित डंपिंग प्वाइंट पर भी ऐसा ही टकराव देखने को मिला। कूड़ा उठाने के प्रयास का विरोध करने पहुंचे सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हड़ताली कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ सख्ती की और कुछ कर्मचारियों के सिर पर डंडे भी मारे गए। कर्मचारियों ने कई साथियों को गिरफ्तार किए जाने का भी आरोप लगाया। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि सरकार पुलिस के बल पर कूड़ा उठाकर समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर सकती। उनका आरोप है कि सरकार को कर्मचारियों की जायज मांगों पर बातचीत करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। प्रदेशभर में लगातार बढ़ रहे विरोध और टकराव के बीच अब हालात इस स्तर तक पहुंचते नजर आ रहे हैं कि आंदोलनकारी प्रशासनिक अधिकारियों और सत्ता पक्ष के नेताओं के कार्यालयों एवं आवासों के बाहर भी कूड़ा डालने का अभियान शुरू कर सकते हैं। हालांकि, ऐसा कदम उठाया जाता है या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा, लेकिन 23 दिन से सड़कों पर जमा कूड़ा अब केवल सफाई व्यवस्था का संकट नहीं रह गया है, बल्कि सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच बढ़ते टकराव का प्रतीक बनता जा रहा है।
सिरसा के कष्टों से इस माह दूरी?
-- दो माह से लगातार बैठक लेने वाले सीएम इस बार नहीं पहुंचे, दो दिन शेष; कूड़ा संकट के बीच बैठक पर संशय
सिरसा।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक को लेकर इस माह सिरसा को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समय का इंतजार ही रहा। पिछले दो माह से लगातार सिरसा में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने वाले मुख्यमंत्री इस माह अब तक समय नहीं निकाल पाए हैं। अगस्त के केवल दो दिन शेष रह गए हैं, ऐसे में अब इस माह बैठक होने की संभावना भी कम ही नजर आ रही है।
खास बात यह है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री गुरुग्राम में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे थे, लेकिन वहां के बिगड़े हालात और लोगों की समस्याओं को लेकर उन्हें सवालों का सामना करना पड़ा। सिरसा में तो हालात उससे भी ज्यादा बदतर हैं। 23 दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, जगह-जगह कूड़े के ढेर और लगातार बढ़ता टकराव प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सिरसा के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं, तो कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री इन समस्याओं का सामना कब करेंगे?
Sirsa, Sirsa | Aug 29, 2026