बणी गांव में हमले के आरोपी ‘तथाकथित सरपंच’ समेत अन्य भूमिगत, पुलिस से आंख-मिचोली जारी
-ओमप्रकाश, हरपाल व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार; एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने की चर्चा
- अंजनी गोयल बोले- आरोपियों को शरण देने वालों से भी हो पूछताछ
रानियां।
बणी गांव में मकान में जबरन घुसकर हमला करने, मारपीट, धमकी और महिला के साथ कथित अभद्र व्यवहार के मामले में नामजद आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि ओमप्रकाश, जो स्वयं को सरपंच बताता है, हरपाल तथा अन्य आरोपी भूमिगत होकर पुलिस से आंख-मिचोली खेल रहे हैं। इस मामले में रानियां थाना पुलिस ने 12 अगस्त 2026 को एफआईआर नंबर 361 दर्ज की थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 190, 351(3), 115(2), 74 और 333 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में ओमप्रकाश पुत्र चुन्नीलाल, हरपाल पुत्र बनवारी लाल सहित 10-15 अन्य लोगों का उल्लेख है।
एफआईआर में शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि आरोपी लाठी-डंडों के साथ मकान में घुसे और हमला किया। शिकायत के अनुसार ओमप्रकाश पर जान से मारने की धमकी देने तथा महिला के साथ कथित तौर पर गलत तरीके से छूने का भी आरोप लगाया गया है। सूचना मिलने पर 112 की गाड़ी मौके पर पहुंची और पुलिस ने स्थिति संभाली। पीड़िता के पति अंजनी गोयल ने बताया कि आरोपियों के गांव में ही अपने रिश्तेदारों के घर रुकने की जानकारी उन्होंने पुलिस को दे दी है। उनका कहना है कि पुलिस को इस दिशा में भी कार्रवाई करनी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि नामजद आरोपी कहां-कहां छिपे हुए हैं। उन्होंने मांग की कि आरोपियों को शरण देने वाले लोगों से भी पूछताछ की जाए, ताकि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके।
अंजनी गोयल का कहना है कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना पीड़ित परिवार के लिए चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपियों में से एक ने स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन उसकी अर्जी खारिज हो चुकी है।
पुलिस ने मामले की जांच एएसआई मंजू बाला को सौंपी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मामला दर्ज हो चुका है और एक आरोपी की अग्रिम जमानत भी खारिज होने की बात सामने आ रही है, तो पुलिस नामजद आरोपियों को कब तक गिरफ्तार करती है? पुलिस की अगली कार्रवाई पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।
14 मई के मामले में भी ओमप्रकाश समेत अन्य पर केस, जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त न करने पर उठे सवाल
रानियां।
बणी के इसी प्लॉट को लेकर विवाद नया नहीं है। 14 मई 2026 को अंजनी गोयल की शिकायत पर ओमप्रकाश व अन्य के खिलाफ प्लॉट पर कब्जा करने की नीयत से दीवार तोड़ने का मामला दर्ज हुआ था। उक्त मामले में आरोपी फिलहाल जमानत पर बताए जा रहा है। पीड़ित पक्ष का सवाल है कि उस मामले में 10-12 अन्य लोगों के नाम सामने आने के बावजूद उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? इतना ही नहीं, दीवार तोड़ने में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई जेसीबी मशीन और प्लॉट पर कब्जे की नीयत से खड़ी की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को करीवाला पुलिस ने जब्त क्यों नहीं किया?
अंजनी गोयल का कहना है कि यदि शिकायत में दीवार तोड़ने और कब्जे की नीयत से किए गए प्रयास के आरोप थे, तो जांच के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए वाहनों को कब्जे में लेकर उनकी भूमिका की जांच क्यों नहीं की गई? अन्य नामजद लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जबकि ट्राली अभी भी उसी प्लाट में खड़ी है।
शादी के बहाने प्लॉट की चाबी मांगने का वीडियो भी हुआ था वायरल
- अंजनी गोयल बोले- 2023 में ओमप्रकाश ने टेंट लगाने के लिए मांगी थी उसके प्लाट की चाबी, गांव वालों की सलाह पर नहीं दी; बाद में कब्जे का प्रयास करने का आरोप
रानियां।
बणी के प्लॉट विवाद को लेकर आरोपी ओमप्रकाश से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लेकर अंजनी गोयल ने बताया कि वर्ष 2023 में ओमप्रकाश ने उनसे फोन पर उक्त प्लॉट की चाबी मांगी थी। अंजनी गोयल के अनुसार ओमप्रकाश ने कहा था कि उसके घर में शादी है और प्लॉट में टेंट लगाना है। अंजनी गोयल ने बताया कि उन्होंने पहले फोन पर चाबी देने के लिए सहमति जता दी थी, लेकिन बाद में गांव के कुछ लोगों ने उन्हें ओमप्रकाश के बारे में कथित तौर पर सावधान करते हुए कहा कि “यह गंदा आदमी है, इसे चाबी मत देना।” इसके बाद उन्होंने ओमप्रकाश को प्लॉट की चाबी नहीं दी।
अंजनी गोयल का आरोप है कि चाबी नहीं मिलने के बाद में ओमप्रकाश ने गुपचुप तरीके से उनके प्लॉट पर कब्जा करने का प्रयास किया। उनका कहना है कि वायरल वीडियो में चाबी मांगने की बात इसी पूरे विवाद की एक कड़ी है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि प्लॉट का मालिक अंजनी गोयल ही है।
Sirsa, Sirsa | Aug 29, 2026