लहलादपुर, सारण। सारण जिले के लहलादपुर प्रखंड में जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद एक परिवार ने अपनी जमीन होने का दावा करते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि उक्त जमीन पर उनके पूर्वजों के समय से उनका कब्जा रहा है और उनके पास जमीन से संबंधित कागजात भी मौजूद हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा दिया, जिससे परिवार के सामने रहने और गुजर-बसर करने की समस्या खड़ी हो गई है।
पीड़ित परिवार ने जताई नाराजगी
परिवार के सदस्यों का कहना है कि यह जमीन उनके बाप-दादा के जमाने से उनके पास रही है। उनका दावा है कि जमीन से संबंधित कागजात उनके पास हैं और लंबे समय से उस पर उनका कब्जा भी था। इसके बावजूद अधिकारियों ने उनकी बात सुने बिना अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर दी।
परिवार ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब उनके पास जमीन के कागजात हैं, तो उनकी बात क्यों नहीं सुनी जा रही है? उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि वे गरीब हैं और अब उनके सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि वे अपनी फरियाद लेकर आखिर किसके पास जाएं।
अंचलाधिकारी ने क्या कहा?
इस मामले में लहलादपुर प्रखंड के अंचलाधिकारी का कहना है कि संबंधित जमीन आम गैरमजरुआ भूमि है। सारण के जिलाधिकारी के आदेशानुसार उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
जमीन के कागजात और प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल
एक ओर परिवार जमीन पर अपना पुराना अधिकार और कागजात होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अंचलाधिकारी ने जमीन को आम गैरमजरुआ बताते हुए कार्रवाई को जिलाधिकारी के आदेश के अनुरूप बताया है।
ऐसे में जमीन की वास्तविक स्थिति और परिवार के दावे की पुष्टि राजस्व अभिलेखों तथा उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही हो सकती है। अब देखना होगा कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
Rahui, Nalanda | Oct 17, 2026