🚨देहरादून में जन समाधान दिवस: 110 से अधिक शिकायतें पहुंचीं, अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश
भूमि विवाद और अवैध कब्जों से लेकर बिजली बिलों में सोलर यूनिट समायोजन तक उठे मामले, स्व. संदेश थापा की मौत की निष्पक्ष जांच के भी निर्देश
देहरादून। जिले में आयोजित जन समाधान दिवस में सोमवार को 110 से अधिक शिकायतें सामने आईं। अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार और संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर आयोजित इस जन समाधान दिवस में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद, अवैध कब्जे, ग्राम पंचायत की संपत्तियों और विद्युत विभाग से संबंधित रहे। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगाए गए सोलर पैनलों से उत्पादित बिजली की यूनिटों का बिलों में समायोजन नहीं होने की शिकायतें भी उठीं।
ग्राम पंचायत रामपुरकलां के ग्रामीणों ने पीठ बाजार की नीलामी अवधि समाप्त होने के बाद भी प्रत्येक शुक्रवार को कथित अवैध वसूली किए जाने का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने नई नीलामी होने तक वसूली पर रोक लगाने की मांग की। इस पर बीडीओ सहसपुर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
वहीं, संजय कॉलोनी निवासी मदनमोहन नेगी ने अपने घर में लगे 3 किलोवाट के सोलर पैनल से ग्रिड में भेजी गई कुल 7165 यूनिट में से अधिकांश का बिजली बिल में समायोजन नहीं होने की शिकायत की। ग्राम शेरपुर निवासी खीमा देवी ने अपनी निजी भूमि पर बिना सहमति तीन बिजली के पोल लगाए जाने का मामला उठाया। दोनों मामलों में विद्युत विभाग को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
भूमि विवाद से जुड़े मामलों में परवल और होपटाउन क्षेत्र के अमित कुमार सेठी ने अपने आवासीय भूखंड पर कब्जे की शिकायत की। वहीं रामपुरकलां निवासी संतोष पंडित ने जमीन खरीदने के बावजूद कब्जा नहीं मिलने और कथित फर्जी भूमि विक्रय का मामला उठाया। ग्राम पंचायत रामपुरकलां के शम्भू चोपड़ा ने प्राचीन खेड़ा और मंदिर की भूमि पर कथित अतिक्रमण की शिकायत की। इन मामलों में एसडीएम विकासनगर को भूमि अभिलेखों की जांच, पैमाइश और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
स्व. संदेश थापा की मौत की निष्पक्ष जांच के निर्देश
जन समाधान दिवस में मालदेवता स्थित पीपीसीएल में 9 सितंबर 2026 को हुई घटना में स्व. संदेश थापा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला भी उठाया गया। उनके पिता हरक बहादुर ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की। मामले का संज्ञान लेते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट ने पुलिस क्षेत्राधिकारी रायपुर को संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को महज औपचारिकता न समझा जाए। प्रत्येक मामले में तथ्यों की जांच कर शिकायतकर्ताओं को वास्तविक राहत पहुंचाई जाए। साथ ही संयुक्त जांच वाले मामलों में विभाग आपसी समन्वय से कार्रवाई करें और निस्तारण की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें।
इस दौरान अपर नगर मजिस्ट्रेट रविन्द्र जुवांठा, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित एमडीडीए, विद्युत, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।