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News Mafiya

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ऋषिकेश में नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण पर एमडीडीए की कार्रवाई, मौके पर पहुंचकर किया सील
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को ऋषिकेश में बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बनाए जा रहे एक व्यावसायिक शोरूम को सील कर दिया।

एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार, हरिद्वार रोड स्थित भरत विहार के निकट निर्माणाधीन शोरूम में स्वीकृत नक्शे से हटकर निर्माण कार्य किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया और सेटबैक क्षेत्र में भी निर्माण किया गया, जो नियमों का उल्लंघन है।

अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर सीलिंग की कार्रवाई की। एमडीडीए ने साफ कहा है कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत विकसित की जा रही परियोजनाओं के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🚨लोकतंत्र सेनानियों को नमन: संविधान हत्या दिवस पर सीएम धामी ने किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जी. एम. एस. रोड स्थित एक होटल में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों का सम्मान करते हुए कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार द्वारा सत्ता बचाने के लिए नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन किया गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया तथा संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के त्याग, साहस और संघर्ष के कारण ही देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था पुनः स्थापित हो सकी। उन्होंने सभी लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि उनका योगदान वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए उनके संघर्ष को सदैव स्मरण रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान इन मूल अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया गया, किंतु देश की जागरूक जनता ने लोकतांत्रिक माध्यमों से इसका जवाब देते हुए लोकतंत्र की पुनर्स्थापना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण को केंद्र में रखकर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय, राष्ट्र प्रथम तथा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के आधार पर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान निधि को 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। साथ ही, आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके आश्रित जीवनसाथियों को विशेष पहचान-पत्र भी जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आह्वान किया कि लोकतंत्र की रक्षा, संविधान के सम्मान तथा राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखते हुए विकसित भारत और श्रेष्ठ उत्तराखंड के निर्माण में सभी अपना योगदान दें। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया तथा उनके संघर्ष और योगदान का स्मरण करते हुए कृतज्ञता व्यक्त की गई।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री  गणेश जोशी, खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर,   उमेश शर्मा काऊ, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बिष्ट, भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, महानगर अध्यक्ष  सिद्धार्थ अग्रवाल मौजूद थे।
🚨रुद्रपुर में साकार हुआ आशियाने का सपना, मात्र 3 लाख रुपये में मिलेगा आधुनिक फ्लैट

गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के संकल्प के साथ उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार मिलकर एक ऐसी आवासीय परियोजना को अंतिम रूप दे रही हैं, जो हजारों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के ग्राम बागवाला में 1872 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की सतत निगरानी में विकसित यह परियोजना राज्य में गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (उधमसिंह नगर) द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास अब तक पक्का मकान नहीं है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद हजारों लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है।

गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की नई बस्ती

‘अपना घर, अपना स्वाभिमान’ की भावना के साथ तैयार की गई इस परियोजना में कुल 1872 आवासों का निर्माण किया गया है। इनमें से 832 फ्लैट पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 512 अतिरिक्त फ्लैटों में अंतिम चरण के छोटे-मोटे कार्य तेजी से चल रहे हैं। सरकार की योजना शीघ्र ही परियोजना का लोकार्पण कर लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपने की है। सबसे बड़ी बात यह है कि छह लाख रुपये लागत वाले इन आधुनिक फ्लैटों के लिए लाभार्थी को मात्र तीन लाख रुपये ही देने होंगे। शेष राशि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी। इससे सीमित आय वाले परिवारों को भी सम्मानजनक आवास प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय परिसर

करीब 6.0281 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस आवासीय परियोजना का निर्माण क्षेत्रफल लगभग 39,220 वर्ग मीटर है। योजना में कुल 23 बहुमंजिला आवासीय ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें आधुनिक शहरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक फ्लैट में एक बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन, टॉयलेट, बाथरूम और बरामदा उपलब्ध कराया गया है। लगभग 28 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इन आवासों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि छोटे परिवारों को पर्याप्त सुविधा और बेहतर जीवन स्तर मिल सके। परियोजना की विशेषता यह है कि सभी भवन भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित किए गए हैं। इसके साथ ही चौड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर

बागवाला आवासीय परियोजना को केवल मकानों का समूह नहीं, बल्कि एक आधुनिक और टिकाऊ आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया गया है। परिसर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), सीवरेज सिस्टम और अत्याधुनिक एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था की गई है।परियोजना में हरे-भरे पार्क, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र और सौंदर्यीकरण के व्यापक कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं। हॉर्टिकल्चर का कार्य पूर्ण होने से परिसर का वातावरण आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बन गया है।

बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगी सुविधा

आवासीय परिसर का स्थान भी इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। बागवाला स्थित यह परियोजना मुख्य बाजार और प्रमुख मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर है। बस स्टेशन छह किलोमीटर और रेलवे स्टेशन आठ किलोमीटर दूर स्थित है। बेहतर सड़क संपर्क और शहर के प्रमुख क्षेत्रों से नजदीकी के कारण यहां रहने वाले परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।

पारदर्शी होगी आवंटन प्रक्रिया

सरकार ने आवास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। पात्र लाभार्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन के लिए आवेदक का प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक को 17 जून 2015 से पूर्व का उत्तराखंड निवासी होना चाहिए तथा उसकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। मात्र पांच हजार रुपये जमा कर आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। शेष राशि के भुगतान के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों पर खरा परिसर

परियोजना में सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परिसर में आरसीसी बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। सभी ब्लॉकों में विद्युत कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा यूपीसीएल द्वारा इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जांच भी पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा फायर डिपार्टमेंट द्वारा फायर फाइटिंग सिस्टम का सफल परीक्षण किया जा चुका है। जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अंडरग्राउंड टैंक और ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए हैं, जबकि एसटीपी भी परीक्षण चरण में पहुंच चुका है।

धामी सरकार की समावेशी विकास सोच का उदाहरण

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित बागवाला परियोजना उत्तराखंड में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं को गति दे रही है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिल रहा है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की निगरानी में तेजी से आगे बढ़ी यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में जब हजारों परिवार अपने नए घरों में प्रवेश करेंगे, तब यह केवल मकानों का हस्तांतरण नहीं होगा, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की एक नई शुरुआत होगी। बागवाला की यह आवासीय बस्ती उत्तराखंड में गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बदलने वाली एक नई पहचान बनने जा रही है।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान

सचिव आवास एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के बागवाला में विकसित की गई यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना में गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए गए हैं। शीघ्र ही पात्र लाभार्थियों को आवासों का आवंटन कर चाबियां सौंपी जाएंगी, जिससे हजारों परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा।
🚨जिले में ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी बनाने हेतु, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिया गया व्यवहारिक प्रशिक्षण

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशों के अनुपालन में जनपद देहरादून के समस्त कार्यालयों में शासकीय कार्यों का संचालन पूर्णतः ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित किए जाने की दिशा में कार्यवाही तेज कर दी गई है। इसी क्रम में आज एनआईसी सभागार, कलेक्ट्रेट देहरादून में ई-ऑफिस कार्यप्रणाली के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के संचालन, फाइल प्रबंधन, पत्राचार, नोटशीट तैयार करने, फाइलों के ऑनलाइन अग्रसारण, डिजिटलीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यालयी कार्यों को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध, कागजरहित एवं प्रभावी बनाना है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए हैं कि जनपद के सभी विभागों में शासकीय कार्यों का निष्पादन ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी के दृष्टिगत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि तथा तकनीकी दक्षता विकसित करने के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण सत्र में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (NIC) अंकुश पाण्डेय एवं ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र शर्मा द्वारा प्रतिभागियों को वर्चुअल एवं फिजिकल माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने ई-ऑफिस पोर्टल पर लॉगिन प्रक्रिया, ई-फाइल निर्माण, दस्तावेज अपलोड, डिजिटल हस्ताक्षर, फाइल ट्रैकिंग तथा ऑनलाइन अनुमोदन प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन कर प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से कार्यों के निष्पादन से न केवल कार्यालयों में कार्य संस्कृति अधिक सुव्यवस्थित होगी, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी तेजी आएगी तथा अभिलेखों का सुरक्षित एवं सुगम रख-रखाव सुनिश्चित होगा। उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की कि वे निर्धारित समयावधि में ई-ऑफिस प्रणाली को पूर्ण रूप से अपनाते हुए शासन की मंशा के अनुरूप डिजिटल प्रशासन को मजबूत करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी वर्चुअल तथा प्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहे तथा ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक तकनीकी जानकारी प्राप्त की। जिला प्रशासन द्वारा आगामी दिनों में भी आवश्यकता अनुसार ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि जनपद के सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को  हरिद्वार बाईपास रोड स्थित एक निजी होटल में  आयोजित अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमर उजाला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से अभिनेता श्री राकेश बेदी को सम्मानित एवं अमर उजाला उत्तराखंड एचीवर्स विशेषांक का विमोचन किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार, विरासत और विकास को साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा हमने राज्य में जी.ई.पी ( ग्रॉस एनवायरमेंट प्रोडक्ट) के आंकलन की व्यवस्था शुरू की है। राज्य सरकार, इकोलॉजी- इकोनामी और टेक्नोलॉजी के समन्वय के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है। हमारा संकल्प है कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास को आगे बढ़ाया जाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा, आस्था और श्रद्धा की यात्रा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का भव्य निर्माण कार्य किया जा रहा है। ऑल वेदर सड़कों से यात्रा सुगम हुई है। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार, यात्रा समाप्त होते ही अगली यात्रा की तैयारी शुरू कर देती है।उन्होंने बताया इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओ ने यात्रा पूरी की है। सीमांत क्षेत्र आदि कैलाश में पहले महज 400 से 500 लोग यात्रा में पहुंचते थे। पर अब यह संख्या बढ़कर इस वर्ष 45 हज़ार हो गई है। इसके साथ अब श्रद्धालु शीतकालीन यात्रा में के लिए भी उत्तराखंड आ रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे। देवभूमि की आस्था श्रद्धा से कोई खिलवाड़ ना करें। उन्होंने कहा भविष्य के लिए उत्तराखंड को बचाना हमारी जिम्मेदारी है। आने वाली पीढियां को सुरक्षित उत्तराखंड मिलना चाहिए। उत्तराखंड में अवैध कब्जे नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई राजस्व अभिलेख देखकर होती है। मुख्यमंत्री ने कहा अतिक्रमण पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा समान नागरिक संहिता एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने की शुरुवात है। 2022 विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की जनता को वचन दिया था कि पुनः सरकार बनने पर यूसीसी लागू होगा। राज्य सरकार ने अपने संकल्प को पूरा किया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के साथ अन्य प्रदेशों में भी यूसीसी लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते चार सालों में 33 हज़ार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। यह सभी नियुक्तियां पूर्ण रूप से पारदर्शिता के आधार पर हुई है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है।जिसके बाद युवाओं में विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होमस्टे योजना जैसी तमाम योजनाओं से युवाओं को स्वरोजगार की ओर जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष नाता है। उत्तराखंड उनके हृदय में बसता है। 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, श्रीमती रेखा आर्या, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, प्रबंध निदेशक अमर उजाला तन्मय माहेश्वरी, अमर उजाला समूह के प्रेसिडेंट वरुण माहेश्वरी, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, प्रधान संपादक डॉ. इंदुशेखर पंचोली, स्थानीय संपादक अनूप वाजपेयी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
हल्द्वानी के मीरा मार्ग स्थित एक जूता दुकान में मंगलवार रात को अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, माशा शूज नामक दुकान में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।

आग की चपेट में आने से दुकान में रखा लगभग पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया। हालांकि फायर कर्मियों की त्वरित कार्रवाई के चलते आग को आसपास की दुकानों और प्रतिष्ठानों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। फायर सर्विस की तत्परता से स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।
🚨हेमकुंट साहिब यात्रा: श्रद्धालु बोले, व्यूज के लिए उड़ाई जा रही है उफवाह, यात्रा में कोई दिक्कत नहीं 

हेमकुंट साहिब की यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों ने पुलिस - प्रशासन के सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा है कि यात्रा सकुशल चल रही है। कुछ लोग सिर्फ सोशल मीडिया व्यूज के लिए अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ रहे हैं। 

पंबाज से अपने परिवार के साथ हेमकुंट साहिब दर्शन के लिए आई श्रद्धालु सुखबीर कौर ने बताया कि वो 19 जून को यात्रा पर निकली थी। इस दौरान उन्हें कई लोगों ने यात्रा को लेकर सतर्क किया। मंगलवार को वापसी में गोविंदघाट पहुंची सुखवीर कौर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें पूरी यात्रा में कहीं कोई दिक्कत नहीं आई। स्थानीय प्रशासन से लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पूरी क्षमता से यात्रा संचालित कर रही है। चिकित्सा सुविधा से लेकर, रहने खाने तक की पर्याप्त सुविधा है। उन्होंने बताया कि यात्रा में स्थानीय लोग भी भरपूर सहयोग कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि कुछ लोग सिर्फ सोशल मीडिया व्यूज के लिए यात्रा को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य श्रद्धालुओं से भी यात्रा कर दर्शन लाभ करने की अपील की है। 

यात्रा सम्पन्न कर चुके अन्य तीर्थयात्रियों ने भी वीडियो बयान में कहा है कि यात्रा सकुशल चल रही है, भारी भीड़ के बावजूद सभी सुविधाएं मिल रही है। इसमें पुलिस प्रशासन पूरा सहयोग कर रहा है। तीर्थयात्रियों ने कहा कि यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ाई जा रही है, जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि यात्रा पहले की तरह शांतिपूर्वतक ढंग से चल रही है। जिसमेँ स्थानीय लोग भी पूरा सहयोग कर रहे हैं।
🚨चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचें: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का देवभूमि उत्तराखण्ड में हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की कि वे देवभूमि उत्तराखण्ड के शांत वातावरण में अपनी यात्रा का पूर्ण आनंद लें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं के संबंध में सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार, प्रशासन एवं पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया है, उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई है तथा सभी तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा के साथ-साथ हेमकुंट साहिब यात्रा भी सुचारु रूप से संचालित हो रही है। चारधाम यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंट साहिब यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार अधिक दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में सिख गुरुओं द्वारा स्थापित तीन प्रमुख पवित्र स्थल—हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब—स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि सभी का सम्मान करना देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप यहां आने वाले सभी लोगों का स्वागत एवं सत्कार किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों से अपील की कि वे समाज और समुदायों को बांटने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों ने मिल-जुलकर देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सभी धार्मिक स्थल आस्था, श्रद्धा और प्रेरणा के केंद्र हैं, जहां से समाज को सकारात्मक मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि देवभूमि उत्तराखण्ड में ऐसा कोई कृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचे या किसी धर्म एवं आस्था को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि संवाद, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण वातावरण के माध्यम से ही सभी समस्याओं का समाधान संभव है।

इस अवसर पर बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष  हेमंत द्विवेदी, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव  आर.के. सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डीजी अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा अपर सचिव श्रीमती तृप्ति भट्ट उपस्थित थे।
देहरादून के कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र अंतर्गत लालपुर के पास मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक सिटी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चल रहे लोगों को टक्कर मारते हुए निकल गई, जिससे 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। घायलों में दो मजदूर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस चालक को अचानक दौरा पड़ने के कारण वाहन पर नियंत्रण नहीं रहा, जिसके चलते यह दुर्घटना हुई। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और क्षेत्र में कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस द्वारा यातायात को सुचारू कराने के प्रयास किए गए। घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत मंगलवार को हरिद्वार के टीबड़ी क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक अवैध झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया।
बताया जा रहा है कि राजाजी नेशनल पार्क और रेलवे की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर झुग्गियां बनाई गई थीं। प्रशासन द्वारा कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कब्जाधारकों ने भूमि खाली नहीं की, जिसके बाद सुबह से बुलडोजर अभियान शुरू किया गया।
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में अवैध निर्माणों को हटाया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जनपद में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
🚨 कर्णप्रयाग विवाद में बड़ा एक्शन: दूसरी FIR दर्ज, दोनों मामलों की जांच हरिद्वार ट्रांसफर, IPS अधिकारी करेंगे जांच

घायल सिख श्रद्धालु के पिताजी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज, दोनों प्रकरणों की विवेचना हरिद्वार जनपद को स्थानान्तरित पुलिस द्वारा कथित व्यवहार एवं आचरण के आरोपों की जांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी द्वारा की जाएगी

ज्ञात हो कि दिनाँक 16-06-2026 को जनपद चमोली के कर्णप्रयाग में
सिख श्रद्धालु एवं स्थानीय व्यक्तियों के मध्य विवाद के पश्चात् मारपीट की घटना हुई, जिसमें पर  सिख श्रद्धालुओं के विरुद्ध थाना कर्णप्रयाग में अभियोग पंजीकृत हुआ था। उक्त प्रकरण मेंआईजी गढ़वाल रेंज की संस्तुति के आधार पर पुलिस मुख्यालय स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

* *घटना में घायल सिख श्रद्धालु के पिताजी की शिकायत पर उनके साथ कथित मारपीट करने वाले अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध दिनांक 20.06.2026 को थाना कर्णप्रयाग में एफआईआर दर्ज की गई है* 
  
* *थाना कर्णप्रयाग पर पंजीकृत उपरोक्त दोनों अभियोगों की निष्पक्ष,पारदर्शी एवं स्वतंत्र विवेचना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विवेचनायें चमोली जनपद से हरिद्वार जनपद को स्थानांतरित की गई है। जहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार श्री नवनीत सिंह भुल्लर के निकट पर्यवेक्षण में विवेचनायें सम्पादित की जायेगी।*

इसके अतिरिक्त विभिन्न सिख संगठनों द्वारा सिख श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय पुलिस के कथित आचरण एवं व्यवहार के आरोपों की जांच डीआईजी श्री यशवंत सिंह के सुपुर्द करते हुए उन्हें 2 सप्ताह में आख्या प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है।

पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का पूर्ण सम्मान करती है तथा प्रत्येक प्रकरण में कानून के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी एवं न्यायसंगत कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है । उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी अत्यंत पवित्र यात्रा है, जो उत्तराखण्ड पुलिस एवं प्रशासन के समन्वित प्रयासों से सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है। यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सम्मान एवं सुविधा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
🚨कांवड़ यात्रा से पहले नीलकंठ, गरुड़चट्टी और बीन नदी क्षेत्र में तैयारियां तेज, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

यमकेश्वर। आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपद मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में नीलकंठ महादेव मंदिर क्षेत्र, यात्रा मार्गों, पार्किंग स्थलों, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता, विद्युत, यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा से जुड़े स्थायी प्रकृति के सभी कार्य 10 जुलाई तक हर हाल में पूर्ण किए जाएं, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विभागों को आपसी समन्वय के साथ गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में नीलकंठ क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों के स्थान पर मजबूत पुश्ते के निर्माण, पुलिया मरम्मत और मंदिर परिसर के ऊपरी हिस्से में स्थायी व्यू-कटर लगाने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए गए। वहीं गरुड़चट्टी से पीपलकोटी मोटर मार्ग पर बीएम कार्य, इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने और अन्य मरम्मत कार्यों को 10 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर पंचायत जोंक को अतिरिक्त शौचालयों की व्यवस्था के लिए 5.50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही मोबाइल टॉयलेट्स की शीघ्र स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के लिए मोटर व पैदल मार्गों का स्पष्ट चिन्हीकरण, बैरिकेडिंग, दिशा-सूचक बोर्ड और सुरक्षा संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए। स्वच्छता व्यवस्था को लेकर नीलकंठ क्षेत्र में पड़े लीगेसी वेस्ट के निस्तारण का कार्य 15 जुलाई तक पूरा करने तथा यात्रा के दौरान नियमित सफाई और कूड़ा प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में बीन नदी एवं घासीराम क्षेत्र की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने यहां सोलर लाइट स्थापित करने, पार्किंग स्थलों का समतलीकरण कराने तथा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, विद्युत और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पार्किंग स्थलों और पैदल मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

पेयजल व्यवस्था के तहत पुण्डरासू पंपिंग योजना से निर्बाध जलापूर्ति बनाए रखने, वाटर एटीएम और पेयजल टंकियों को समय से स्थापित करने तथा शौचालयों में पानी की उपलब्धता की निगरानी के निर्देश दिए गए।
विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने, बैकअप व्यवस्था तैयार रखने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के तहत संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और पुलिस-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नीलकंठ और पुण्डरासू में 24 घंटे स्वास्थ्य शिविर संचालित रहेंगे, जबकि अन्य नौ स्थानों पर भी चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने पर्याप्त दवाइयों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा नालियों की सफाई, जलभराव रोकने के उपाय, आपदा प्रबंधन टीमों की सक्रियता, अग्निशमन सुरक्षा और आपातकालीन मार्गों को सुचारु बनाए रखने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत और यातायात से जुड़ी सभी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि यात्रा का संचालन सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
🚨मुख्यमंत्री ने बनबसा में किया सामूहिक योगाभ्यास, योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बनबसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित योग साधकों, सशस्त्र सीमा बल के जवानों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, मातृशक्ति एवं वरिष्ठ नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ शारदा की पावन भूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों के साथ योगाभ्यास करने का अवसर प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। उन्होंने योग दिवस के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी योग प्रशिक्षकों, साधकों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग मन को स्थिरता प्रदान करता है तथा व्यक्ति को सकारात्मक, संतुलित एवं सफल जीवन की ओर अग्रसर करता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अवसाद और अस्वस्थ जीवनशैली से उत्पन्न चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार प्रणाली के रूप में कार्य कर रहा है। योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता मजबूत होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने विश्वभर में मानवता को जोड़ने का कार्य किया है तथा भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के संदेश को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक पहचान मिली और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग से जुड़ चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड योग, अध्यात्म और साधना की प्राचीन परंपराओं की भूमि है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देश की पहली योग नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा योग, ध्यान एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध एवं अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं तथा सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य शारदा नदी तट पर भी योग एवं आध्यात्मिक साधना को व्यापक रूप से बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक एवं पर्यटन विकास की नई पहचान देने के लिए कार्य कर रही है। लगभग 3300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। प्रथम चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्यों का शुभारंभ किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी उत्तराखंड को योग का वैश्विक केंद्र बनाने के संकल्प को साकार करने में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे।

योग दिवस कार्यक्रम के अवसर पर  कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत आनंद सिंह अधिकारी,  सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत,सचिव आयुष श्रीमती रंजना राजगुरु,आईजी कुमाऊं श्रीमती निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर नितिन सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक उधमसिंह नगर अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी मौजूद थे।
🚨पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रीय सम्मान

उत्तराखण्ड पुलिस को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पासपोर्ट आवेदनों के सत्यापन में उत्कृष्ट एवं प्रभावी कार्य निष्पादन के लिए भारत सरकार द्वारा "Institutional Performance Award for State Police" से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान देशभर में पासपोर्ट आवेदनों के पुलिस सत्यापन संबंधी प्रदर्शन के आधार पर प्रदान किया गया।

नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के जवाहरलाल नेहरू भवन में शुक्रवार को आयोजित समारोह में माननीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से  ए. पी. अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन को यह सम्मान प्रदान किया गया।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि यह सम्मान उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने हेतु किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है।

माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड, पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह उपलब्धि उसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उत्तराखण्ड पुलिस नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाती रहेगी।
🚨मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4,400 श्रमिकों को वितरित किए 11 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार  को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये की धनराशि का अंतरण किया।

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड की विवाह उपरांत सहायता,  मृत्यु उपरांत अनुदान,  प्रसूति सुविधा तथा शिक्षा सहायता योजनाओं के लाभाथियों के खाते में वन क्लिक के माध्यम से यह राशि वितरित की। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें सुविधाजनक तरीके से लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनके आश्रित बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन तथा जीवनोपयोगी सामग्री के वितरण हेतु विशेष शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए। साथ कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिले। 

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है। 
इस अवसर पर कैलाश पंत (राज्य सलाहकार, संविदा बोर्ड), श्रीमती गीता रावत (अध्यक्ष, सतर्कता समिति), श्रीमती मोहिनी पोखरिया (उपाध्यक्ष, राज्य सतर्कता समिति), अपर सचिव विनीत कुमार, उप श्रम आयुक्त  विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त शैलेश सती, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन श्रम आयुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का द्वारा किया गया।
🚨कर्णप्रयाग में धारा 163 लागू, 27 जून तक जुलूस-धरना और भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध

कर्णप्रयाग में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)-2023 की धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश 20 जून शाम 7 बजे से 27 जून तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, धरना, रैली और प्रदर्शन पर रोक रहेगी। साथ ही हथियार, ज्वलनशील पदार्थ और भड़काऊ प्रचार-प्रसार पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🚨पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रीय सम्मान

उत्तराखण्ड पुलिस को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पासपोर्ट आवेदनों के सत्यापन में उत्कृष्ट एवं प्रभावी कार्य निष्पादन के लिए भारत सरकार द्वारा "Institutional Performance Award for State Police" से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान देशभर में पासपोर्ट आवेदनों के पुलिस सत्यापन संबंधी प्रदर्शन के आधार पर प्रदान किया गया।

नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के जवाहरलाल नेहरू भवन में शुक्रवार को आयोजित समारोह में माननीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से  ए. पी. अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन को यह सम्मान प्रदान किया गया।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि यह सम्मान उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने हेतु किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है।

माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड, पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह उपलब्धि उसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उत्तराखण्ड पुलिस नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाती रहेगी।
🚨मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4,400 श्रमिकों को वितरित किए 11 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार  को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये की धनराशि का अंतरण किया।

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड की विवाह उपरांत सहायता,  मृत्यु उपरांत अनुदान,  प्रसूति सुविधा तथा शिक्षा सहायता योजनाओं के लाभाथियों के खाते में वन क्लिक के माध्यम से यह राशि वितरित की। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें सुविधाजनक तरीके से लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनके आश्रित बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन तथा जीवनोपयोगी सामग्री के वितरण हेतु विशेष शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए। साथ कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिले। 

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है। 
इस अवसर पर कैलाश पंत (राज्य सलाहकार, संविदा बोर्ड), श्रीमती गीता रावत (अध्यक्ष, सतर्कता समिति), श्रीमती मोहिनी पोखरिया (उपाध्यक्ष, राज्य सतर्कता समिति), अपर सचिव विनीत कुमार, उप श्रम आयुक्त  विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त शैलेश सती, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन श्रम आयुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का द्वारा किया गया।
🚨हरिद्वार भूमि खरीद प्रकरण में बड़ा एक्शन, 10 लोगों पर दर्ज होगा अभियोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प के तहत हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। विजिलेंस की विस्तृत जांच में आपराधिक षड्यंत्र एवं धोखाधड़ी के माध्यम से भूमि क्रय-विक्रय कर नगर निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति पर मामले में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा भूमि विक्रेताओं के विरुद्ध अभियोग दर्ज किए जाने का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन किया गया है। जांच में दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

अभियोग दर्ज किए जाने वाले व्यक्तियों में तत्कालीन नगर आयुक्त  वरुण चौधरी, तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त  रविन्द्र कुमार दयाल, तत्कालीन कर अधीक्षक  लक्ष्मीकान्त भट्ट, तत्कालीन सहायक अभियन्ता एवं प्रभारी अधिशासी अभियन्ता आनन्द सिंह मिश्राण, तत्कालीन सम्पत्ति लिपिक वेदपाल तथा तत्कालीन मानचित्रकार श्री दिनेश काण्डपाल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त भूमि विक्रेता एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों में श्रीमती सुमन देवी, जितेन्द्र कुमार, अभिषेक यादव तथा  सुजीत कुमार सिंह के विरुद्ध भी अभियोग दर्ज किया जाएगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। शासन की प्राथमिकता पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करना है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।
🚨हरिद्वार भूमि खरीद प्रकरण में बड़ा एक्शन, 10 लोगों पर दर्ज होगा अभियोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प के तहत हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। विजिलेंस की विस्तृत जांच में आपराधिक षड्यंत्र एवं धोखाधड़ी के माध्यम से भूमि क्रय-विक्रय कर नगर निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति पर मामले में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा भूमि विक्रेताओं के विरुद्ध अभियोग दर्ज किए जाने का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन किया गया है। जांच में दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

अभियोग दर्ज किए जाने वाले व्यक्तियों में तत्कालीन नगर आयुक्त  वरुण चौधरी, तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त  रविन्द्र कुमार दयाल, तत्कालीन कर अधीक्षक  लक्ष्मीकान्त भट्ट, तत्कालीन सहायक अभियन्ता एवं प्रभारी अधिशासी अभियन्ता आनन्द सिंह मिश्राण, तत्कालीन सम्पत्ति लिपिक वेदपाल तथा तत्कालीन मानचित्रकार श्री दिनेश काण्डपाल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त भूमि विक्रेता एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों में श्रीमती सुमन देवी, जितेन्द्र कुमार, अभिषेक यादव तथा  सुजीत कुमार सिंह के विरुद्ध भी अभियोग दर्ज किया जाएगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। शासन की प्राथमिकता पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करना है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन, देहरादून में 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रन फॉर योगा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और योग को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त अभियान है।  यह कार्यक्रम योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और प्राकृतिक वातावरण मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करने वाली वैज्ञानिक एवं जीवनोपयोगी पद्धति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके प्रस्ताव के उपरांत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त हुई और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अवसाद और विभिन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने युवाओं से नियमित योग एवं व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही राज्य एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई योग नीति के माध्यम से योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहन, योग प्रशिक्षकों को सहयोग तथा योग एवं वेलनेस आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग को अपनाने, स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने, नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने तथा योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा योग को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक  विनोद चमोली, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव आयुष श्रीमती रंजना राजगुरु, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोभाल मौजूद थे।
<nis:link nis:type=tag nis:id=ब्रेकिंग nis:value=ब्रेकिंग nis:enabled=true nis:link/> देहरादून : नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले के बाद झंडा बाजार क्षेत्र में तनाव, पुलिस अलर्ट

राजधानी देहरादून के झंडा बाजार क्षेत्र में एक नाबालिग से कथित दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। घटना की सूचना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हुए, जिसके चलते पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी।

पुलिस ने मामले में आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें। मामले की जांच जारी है तथा पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
🚨कैबिनेट द्वारा लिये गये अहम निर्णय’

1. गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना को मंत्रीमण्डल ने दी अनुमति।

पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु उच्च आनुवंशिकी के पशु शीघ्रता से उत्पादित हो। इस दृष्टि से प्रदेश में गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना प्रस्तावित की गई, जिसे मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति दी गई।

2. चार धाम यात्रा में प्रयोग किये जाने वाले अश्ववंशीय पशुओं का बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि राज्य सैक्टर के अन्तर्गत वहन किये जाने पर कैबिनेट ने लगाई मोहर।

राज्य सरकार ने केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुण्ड साहिब यात्रा मार्ग पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों (अश्ववंशीय पशुओं) के स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि खुद वहन करने का निर्णय लिया है, जबकि शेष 80 प्रतिशत धनराशि पशु स्वामियों द्वारा दी जाएगी। इस योजना के तहत वर्ष 2026 की यात्रा के लिए अनुमानित 15,000 पंजीकृत घोड़े-खच्चरों को कवर किया जाएगा, जहां प्रति पशु ₹ 70,000 की कीमत पर 5 प्रतिशत बीमा दर के अनुसार कुल ₹525 लाख के प्रीमियम में से राज्य सरकार अपने हिस्से के ₹ 105 लाख का वित्तीय भार उठाएगी। इस पर मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।

3. उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान चिन्हित आन्दोलनकारियों तथा उनके आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में प्राप्त 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के तहत अधिसूचना संख्या 244 दिनांक 18.08. 2024 के प्रख्यापन तथा एतत् सम्बन्धी शासनादेश संख्या 139, दिनांक  24.11.2024 के जारी होने के मध्य उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विज्ञाप्ति तीन भर्ती परीक्षाएं कनिष्ठ सहायक एवं अन्य पदों हेतु भर्ती परीक्षा, 2024, आरक्षी जनपदीय पुलिस (पुरूष) तथा आरक्षी पीएसी/आईआरबी (पुरूष) भर्ती परीक्षा, 2024 एवं अपर निजी सचिव, वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक एवं अन्य पदों की भर्ती परीक्षा, 2024 में आवेदन जमा किये जाने की अंतिम तिथि के पश्चात् निर्धारित प्रारूप पर राज्य आंदोलनकारी आरक्षण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने वाले अभ्यर्थियों को सन्निरीक्षा (Document Verification) के दौरान एक बार के लिए अनुमन्य किये जाने का मंत्रीमण्डल द्वारा निर्णय लिया गया।

4. बिटुमिनस् की कीमतों में हुई अत्यधिक वृद्धि के दृष्टिगत बिटुमिनस् कार्यों हेतु अनुबंधों में मूल्य समायोजन किये जाने के संबंध में मंत्रिमण्डल ने दी सहमति।

मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से भारत में पेट्रोलियम प्रोडेक्ट की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि से बिटुमिन की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो जाने के फलस्वरूप मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु कार्यहित में निर्धारित प्राविधानों के अनुसार उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग में दिनांक 01-04-2026 से पूर्व गठित बिटुमिनस् कार्य के ऐसे सभी अनुबन्धों, जिनमें अनुबन्ध की समयावधि उपलब्ध है तथा बिटुमिनस् कार्य किये जाने शेष हैं, में संशोधन करते हुये, दिनांक 01-05-2026 से दिनांक 30-06-2026 तक की अवधि के लिये मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु मूल्य समायोजन (price adjustment)  किये जाने के संबंध में दिशा-निर्देश निर्गत किये जाने पर मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई है।

5. आबकारी नीति विषयक नियमावली, 2025-26, 2026-27 व 2027-28 (त्रिवर्षीय आबकारी नीति) से सम्बन्धित शासन की अधिसूचना संख्याः 112/दिनांक 31 मार्च, 2026 के परिशिष्ट ‘क‘ एवं ‘ख‘ में अंकित उपकर को वैट अधिनियम, 2005 के प्राविधानों के अन्तर्गत वैट गणना का भाग बनाए जाने एवं नियम 12.2 सम्बन्धी तालिका में होलोग्राम शुल्क के दोहराव की स्थिति उत्पन्न होने के दृष्टिगत उक्त अधिसूचना के परिशिष्ट ‘ख‘ के क्रमांक 4 में सम्मिलित किए गए होलोग्राम शुल्क को विलोपित करते हुए संशोधन/प्रतिस्थापन किए जाने पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।

6. Trade Infrastructure for Export Scheme (TIES)  योजनान्तर्गत सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच हेतु सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में अत्याधुनिक Accelerator Mass Spectrometry (AMS) Machine  के संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 पद सृजित किए जाने हेतु त्रीमण्डल ने दी स्वीकृति।

राज्य के प्राकृतिक उत्पादों यथा-ऑयल्स/एक्स्ट्रैक्ट एवं अन्य प्रकार के सगन्ध/हर्बल/ फार्मास्यूटिकल्स उत्पादों में मिलावट की जांच उपरान्त सिंथेटिक एवं प्राकृतिक उत्पादों के मध्य प्रमाणिकता को सिद्ध करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को बढ़ावा दिए जाने के लिए सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में कृषकों/उद्योगों/संस्थानों से क्रय किये जाने वाले विभिन्न प्रकार के सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच Accelerator Mass Spectrometry (AMS) Machine  से की जानी है। इस मशीन संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 विशेषज्ञ पद (Project Scientist-III, Senior Project Associate, Project Associate-II, 02 Technical Assistant) सृजित किए जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई स्वीकृति।

7. उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के उददेश्य से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन किया जाना अतिआवश्यक है, जिससे उत्तराखण्ड राज्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन की दृष्टिकोण से अपना स्थान बना सकें। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय हिमालयन कार रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिस हेतु अनुभवी संस्था का चयन किया जाना अतिआवश्यक है। उक्त रैली में कुल 120 से अधिक एन्ट्री को शामिल किये जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 25 अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिभागी, 25 एशिया कॉस कन्ट्री रैली, 20 क्लासिक कार रैली, 50 भारतीय राष्ट्रीय रैली चौम्पियनशिप शामिल हैं। हिमालयन कार रैली के आयोजन हेतु संस्था का चयन एकल स्रोत के माध्यम से किये जाने को लेकर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति प्रदान की गई।

8. मा. उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल  द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.04.2026 के क्रम में उपनल के माध्यम से योजित कार्मिकों को समान कार्य हेतु समान वेतन प्रदान किये जाने हेतु पूर्व में निर्धारित पात्रता की कट ऑफ डेट की तिथि (12.11.2018) को संशोधित कर मा. सर्वाेच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश दिनांक 15.10.2024 तिथि निर्धारित किये जाने के प्रस्ताव पर मा. मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।

9. ‘उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026‘ के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।

मा. सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.10.2024 के अनुपालन में उत्तराखण्ड कारागार नियमावली, 2023  में अभ्यस्त अपराधी, जिसे इस नियमावली के प्रारंभ होने से पूर्व या पश्चात् उत्तर प्रदेश अभ्यस्त अपराधी प्रतिरोध, अधिनियम, 1952 की अनुसूची में उल्लिखित किसी एक या अन्य अपराध के लिये कम से कम तीन पृथक-पृथक अवसरों पर मौलिक अवधि के कारावास का दण्ड दिया गया हो और ऐसा दण्डादेश अपील अथवा पुनरीक्षण में अपास्त  न कर दिया गया हो, में संशोधन हेतु उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति प्रदान की गई।

10. उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।

कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उत्तराखण्ड की संरचना में अधीनस्थ कारागारों हेतु कारापाल के कुल 14 पद सृजित हैं, जो स्थायी उप कारापालों से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने वाले पद हैं। वर्तमान में कारागार विभाग में उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जेल कारागार कार्यपालक अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 1980) अनुकूलन उपान्तरण आदेश, 2002 लागू है। उत्तराखण्ड राज्य गठन के पश्चात कारागार विभाग में पृथक से कारापाल सेवा नियमावली को प्रख्यापित नहीं किया गया है। विभागीय एवं कर्मचारी हित में उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गयी।

11.  उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल की सहमति।

राज्य में संस्कृत विद्यालयों को मान्यता प्रदान करने, पाठ्यक्रम निर्धारण एवं परीक्षा संचालन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद् को विधि द्वारा गठित संस्था के रूप में स्थापित करने के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा अधिनियम, 2014 प्रख्यापित किया गया। उक्त अधिसूचना के कार्यान्वयन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा विनियमावली, 2023 प्रख्यापित की गयी, जिसमें कतिपय संशोधन/परिर्वतन के दृष्टिगत उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल सहमति प्रदान की गई।

12. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप साक्षरता के मानकों के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य को पूर्णतः साक्षर राज्य (Fully Literate State) घोषित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल ने सहमति प्रदान की।

13. राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत विभिन्न चिकित्सालयों में लम्बित बिलों के भुगतान के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायेगी।

वर्षों से लंबित‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर संबंधित राज्यों में सहमति बनाए जाने पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।
🚨मोदीपुरम से लक्ष्मणझूला तक हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन का रास्ता साफ, जल्द होगा सर्वे

मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के पास लक्ष्मणझूला तक हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) का सपना सच होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से, उत्तराखण्ड, यूपी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच आरआरटीएस ट्रेन के मौजूदा नेटवर्क को मेरठ से ऋषिकेश तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना की डीपीआर के लिए जल्द सर्वे होने जा रहा है। 

इसी वर्ष फरवरी माह में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। इस हाईस्पीड ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश तक विस्तार देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयासरत रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर प्रस्ताव भी सौंपा था। इसके बाद इस ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है।

 परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर चुकी है, इसी तरह एनसीआरटीसी ने अपना नोडल नियुक्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार भी परियोजना पर सहमति दे चुकी है। इसके बाद अब कुल 150 किलोमीटर प्रस्तावित ट्रैक की डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे शुरु होने जा रहा है। 

प्रस्तावित परियोजना के मुताबिक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से नया ट्रैक शुरू होगा, जो मुजफ्फरनगर होते हुए, उत्तराखण्ड की सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद ये ट्रैक रुड़की, हरिद्वार में हर की पैड़ी होते हुए, ऋषिकेश के अंतिम छोर लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। इसका 72 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में और 78 किमी का हिस्सा उत्तराखण्ड में आएगा। 

इससे उत्तराखण्ड आने वाले तीर्थयात्रियों सहित दिल्ली जाने वाले उत्तराखण्ड के लोगों का भी नया आधुनिक ट्रांसपोर्ट विकल्प मिल पाएगा। वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश जाने में सड़क मार्ग से करीब पांच से छह घंटे का समय लगता है। नमो भारत ट्रेन (160 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार) के शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और एनसीआरटीसी के साथ लगातार समन्वय कर रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड में बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के माध्यम से विकास तथा रोजगार के नए अवसर सृजित हों
🚨NEET (UG)-2026 अभ्यर्थियों को उत्तराखंड सरकार का बड़ा तोहफा, रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा