प्रवासी समाज के सम्मान से समझौता नहीं, दोषी अधिकारी को बर्खास्त करे सरकार: नीरज शर्मा
नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी के नाम से वायरल कथित ऑडियो में बिहार और पूर्वांचल के लोगों के प्रति आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर तिलपत स्थित शगुन वाटिका में पूर्व विधायक नीरज शर्मा के आह्वान पर प्रवासी महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में प्रवासी समाज के लोगों ने एकजुट होकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
महापंचायत को संबोधित करते हुए नीरज शर्मा ने कहा कि प्रवासी समाज फरीदाबाद के विकास और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी सरकारी अधिकारी को किसी राज्य या समाज के लोगों के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की जांच जल्द पूरी कर दोषी अधिकारी को सेवा से बर्खास्त किया जाए और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाए।
इस मामले को लेकर इससे पहले भी नीरज शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग कर चुका है। वायरल ऑडियो में नगर निगम के अधीक्षण अभियंता ओमवीर सिंह की आवाज होने का दावा किया गया है। हालांकि ऑडियो की प्रामाणिकता जांच का विषय है।
छठ पूजा पर सरकारी अवकाश घोषित करने की मांग
नीरज शर्मा ने केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के उस सार्वजनिक बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने पूर्वांचल समाज के लोगों को अपने कलेजे का टुकड़ा बताया था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में प्रवासी समाज को सम्मान देती है, तो छठ पूजा जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर सरकारी अवकाश घोषित किया जाना चाहिए, ताकि समाज के लोग अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मानपूर्वक मना सकें।
हर विधानसभा में बने प्रवासी भवन, तिगांव में बनें 10 सरकारी छठ घाट
महापंचायत में प्रवासी समाज की सुविधाओं और राजनीतिक भागीदारी को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। नीरज शर्मा ने कहा कि नगर निगम में चुने हुए प्रवासी पार्षद को सीनियर डिप्टी मेयर बनाया जाना चाहिए, ताकि प्रवासी समाज की आवाज को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय पंडित शिवचरण लाल शर्मा ने फरीदाबाद में सरकारी छठ घाटों के निर्माण की शुरुआत की थी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए तिगांव विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 10 सरकारी छठ घाट बनाए जाने चाहिए, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को छठ पूजा के दौरान सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधाएं मिल सकें।
इसके अलावा एनआईटी-86 विधानसभा क्षेत्र में बनी भोजपुरी धर्मशाला की तर्ज पर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रवासी भवन बनाने की मांग भी उठाई गई। इसकी शुरुआत तिगांव विधानसभा क्षेत्र से करने की बात कही गई। इन भवनों में प्रवासी समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
पल्ला-बसंतपुर रोड पर कार्रवाई को लेकर भी उठाई आवाज
महापंचायत में पल्ला-बसंतपुर रोड पर तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए। नीरज शर्मा ने कहा कि यदि कहीं सरकारी जमीन पर अतिक्रमण या अन्य अनियमितता है तो कार्रवाई सरकारी रिकॉर्ड, कानून और समान मापदंडों के आधार पर होनी चाहिए। किसी विशेष क्षेत्र या समुदाय को निशाना बनाकर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी जाति, क्षेत्र या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और प्रशासनिक जवाबदेही की मांग को लेकर है। फरीदाबाद के निर्माण और विकास में हरियाणा के साथ बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों का योगदान रहा है। ऐसे में प्रवासी समाज के सम्मान की रक्षा करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
महापंचायत में सरकार से मांग की गई कि वायरल ऑडियो प्रकरण की निष्पक्ष जांच जल्द पूरी की जाए और दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
महापंचायत में उठाई गई प्रमुख मांगें
- वायरल ऑडियो प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारी की बर्खास्तगी।
- छठ पूजा के अवसर पर सरकारी अवकाश घोषित किया जाए।
- चुने हुए प्रवासी पार्षद को नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर बनाया जाए।
- तिगांव विधानसभा क्षेत्र में 10 सरकारी छठ घाटों का निर्माण कराया जाए।
- प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रवासी भवन बनाया जाए, जिसकी शुरुआत तिगांव से हो।
- पल्ला-बसंतपुर रोड पर कार्रवाई सरकारी रिकॉर्ड और समान कानूनी मापदंडों के आधार पर की जाए।
महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि प्रवासी समाज के सम्मान, धार्मिक आस्था और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।