पानी में हजारों क्विंटल धान सड़ा, विधायक ने लिया संज्ञान– जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
डिंडौरी जिले के निगवानी वेयर हाउस में खुले में रखे सरकारी धान के बारिश और पानी की चपेट में आकर खराब होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बड़ी मात्रा में धान के खराब होने की तस्वीरें सामने आने के बाद सरकारी अनाज के रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले को प्रमुखता से सामने लाए जाने के बाद कांग्रेस विधायक ओमकार मरकाम ने संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर मामला बताया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से पूरे प्रकरण की जांच कराने तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
खुले में रखा अनाज बारिश में हुआ खराब
निगवानी वेयर हाउस के ओपन स्टेक में रखी धान की बोरियां बारिश और पानी से प्रभावित हुई हैं। कई बोरियों में धान खराब होने की जानकारी सामने आई है। बड़ी मात्रा में सरकारी अनाज के खराब होने से शासन को आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि बारिश के मौसम में इतनी बड़ी मात्रा में धान को खुले में रखने की जरूरत क्यों पड़ी? अनाज को सुरक्षित रखने के लिए जिम्मेदार विभाग ने क्या इंतजाम किए थे और समय रहते खराब हो रहे अनाज को सुरक्षित क्यों नहीं किया गया?
विधायक ने उठाई जिम्मेदारी तय करने की मांग
विधायक ओमकार मरकाम ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी अनाज की इस तरह बर्बादी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल धान के खराब होने की वास्तविक मात्रा और इससे हुए आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आकलन सामने आना बाकी है। अब निगाह प्रशासन की जांच पर है कि मामले में नुकसान का कितना आंकलन होता है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाती है या नहीं।
सरकारी अनाज की बर्बादी ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—धान बारिश में कैसे सड़ा और इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
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