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मध्य प्रदेश - पृथ्वीपुर में जनसेवा का सिलसिला निरंतर जारी, पूर्व विधायक शिशुपाल यादव घर-घर पहुंचकर सुन रहे जनता की समस्य

Damoh, Damoh | Jun 21, 2026

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राजनगर तालाब में प्रेमी युगल के शव मिलने से सनसनी, दोनों परिवारों ने लगाया हत्या का आरोप, जिला अस्पताल में आपस में भिड़े परिजन

पोस्टमार्टम के बाद सौंपा गया शव

दमोह। देहात थाना क्षेत्र के जबलपुर नाका चौकी अंतर्गत राजनगर तालाब से प्रेमी युगल के शव मिलने से सनसनी फैल गई। सोमवार को कटनी जिले के रंगनाथ थाना क्षेत्र निवासी सत्या निषाद का शव तालाब से बरामद हुआ था। इसके बाद मंगलवार सुबह एसडीईआरएफ की टीम ने दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाकर दमोह की इंद्रा कॉलोनी निवासी अनमोल मुड़ा का शव भी उसी तालाब से निकाल लिया। दोनों को घटना से पहले एक ही स्कूटी पर जाते देखा गया था। तालाब किनारे स्कूटी, चप्पल और मोबाइल मिलने के बाद उनकी पहचान हुई।

घटना के बाद आज मंगलवार सुबह जिला अस्पताल में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर हत्या कर शव तालाब में फेंकने का आरोप लगाने लगे। विवाद बढ़ने पर पुलिस बल तैनात कर दोनों पक्षों को अलग किया गया। सोशल मीडिया पर दोनों की कथित मंदिर विवाह की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है।

मामले में देहात थाना प्रभारी अमित गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

राजनगर तालाब में प्रेमी युगल के शव मिलने से सनसनी, दोनों परिवारों ने लगाया हत्या का आरोप, जिला अस्पताल में आपस में भिड़े परिजन पोस्टमार्टम के बाद सौंपा गया शव दमोह। देहात थाना क्षेत्र के जबलपुर नाका चौकी अंतर्गत राजनगर तालाब से प्रेमी युगल के शव मिलने से सनसनी फैल गई। सोमवार को कटनी जिले के रंगनाथ थाना क्षेत्र निवासी सत्या निषाद का शव तालाब से बरामद हुआ था। इसके बाद मंगलवार सुबह एसडीईआरएफ की टीम ने दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाकर दमोह की इंद्रा कॉलोनी निवासी अनमोल मुड़ा का शव भी उसी तालाब से निकाल लिया। दोनों को घटना से पहले एक ही स्कूटी पर जाते देखा गया था। तालाब किनारे स्कूटी, चप्पल और मोबाइल मिलने के बाद उनकी पहचान हुई। घटना के बाद आज मंगलवार सुबह जिला अस्पताल में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर हत्या कर शव तालाब में फेंकने का आरोप लगाने लगे। विवाद बढ़ने पर पुलिस बल तैनात कर दोनों पक्षों को अलग किया गया। सोशल मीडिया पर दोनों की कथित मंदिर विवाह की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है। मामले में देहात थाना प्रभारी अमित गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

Damoh, Damoh | Jun 23, 2026

अपोलो हॉस्पिटल जबलपुर द्वारा मानस भवन में किया गया नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 40 से अधिक मरीजों की मिला स्वास्थ्य लाभ

दमोह। अपोलो हॉस्पिटल जबलपुर द्वारा आज सोमवार दोपहर 12 बजे से शहर के आंबेडकर चौक स्थित मानस भवन में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शिविर में एमडी मेडिसिन सहित अन्य विशेष विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की जांच कर परामर्श दिया।

शिविर में सुबह से ही मरीज पहुंचने लगे। वहीं दोपहर 2 बजे तक 40 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉक्टरों ने शुगर, ब्लड प्रेशर सहित अन्य सामान्य और पुरानी बीमारियों से संबंधित समस्याओं की जांच की। मरीजों को खानपान, नियमित जांच और आवश्यक सावधानियों के संबंध में भी जानकारी दी गई।

शिविर में जांच के बाद जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं। आयोजकों ने बताया कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। जिससे लोगों को सही और बेहतर उपचार मिल सके।

अपोलो हॉस्पिटल जबलपुर द्वारा मानस भवन में किया गया नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 40 से अधिक मरीजों की मिला स्वास्थ्य लाभ दमोह। अपोलो हॉस्पिटल जबलपुर द्वारा आज सोमवार दोपहर 12 बजे से शहर के आंबेडकर चौक स्थित मानस भवन में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शिविर में एमडी मेडिसिन सहित अन्य विशेष विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की जांच कर परामर्श दिया। शिविर में सुबह से ही मरीज पहुंचने लगे। वहीं दोपहर 2 बजे तक 40 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉक्टरों ने शुगर, ब्लड प्रेशर सहित अन्य सामान्य और पुरानी बीमारियों से संबंधित समस्याओं की जांच की। मरीजों को खानपान, नियमित जांच और आवश्यक सावधानियों के संबंध में भी जानकारी दी गई। शिविर में जांच के बाद जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं। आयोजकों ने बताया कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। जिससे लोगों को सही और बेहतर उपचार मिल सके।

Damoh, Damoh | Jun 22, 2026

हिनौता घाट सुनार नदी में झांकते समय पुल से नीचे गिरने पर युवक की इलाज के दौरान मौत, पोस्टमार्टम के बाद सौंपा शव

दमोह। पथरिया थाना क्षेत्र के हिनौता घाट पर सुनार नदी के पुल से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल युवक की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान गुड्डू पाठक पिता बद्री पाठक (30) निवासी घूराटा, थाना बटियागढ़ के रूप में हुई है।

परिजनों ने बताया कि गुड्डू पाठक अपनी बहन की लगुन लेकर परिवार के साथ बनड़ा गांव गए थे। लगुन कार्यक्रम के बाद सभी लोग रविवार सोमवार की दरमियानी रात वाहन से घूराटा लौट रहे थे। रास्ते में हिनौता घाट पर वाहन कुछ देर के लिए रुका। वाहन में सवार लोग शौंच क्रिया के लिए नीचे उतरे।

इसी दौरान गुड्डू पाठक पुल के पास पहुंचकर सुनार नदी में झांकने लगे। बताया गया कि अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे पुल से नीचे जा गिरे। हादसे में उनके सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं।

परिजन और मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें दमोह जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उपचार के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उनके शव को जिला अस्पताल के शव ग्रह में रखवा दिया था। वहीं आज सोमवार सुबह 11 बजे शव ग्रह से निकलवाकर पुलिस ने पंचनामा पोस्टमार्टम कार्यवाही के बाद परिजनों को सौंपते हुए मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है।

हिनौता घाट सुनार नदी में झांकते समय पुल से नीचे गिरने पर युवक की इलाज के दौरान मौत, पोस्टमार्टम के बाद सौंपा शव दमोह। पथरिया थाना क्षेत्र के हिनौता घाट पर सुनार नदी के पुल से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल युवक की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान गुड्डू पाठक पिता बद्री पाठक (30) निवासी घूराटा, थाना बटियागढ़ के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि गुड्डू पाठक अपनी बहन की लगुन लेकर परिवार के साथ बनड़ा गांव गए थे। लगुन कार्यक्रम के बाद सभी लोग रविवार सोमवार की दरमियानी रात वाहन से घूराटा लौट रहे थे। रास्ते में हिनौता घाट पर वाहन कुछ देर के लिए रुका। वाहन में सवार लोग शौंच क्रिया के लिए नीचे उतरे। इसी दौरान गुड्डू पाठक पुल के पास पहुंचकर सुनार नदी में झांकने लगे। बताया गया कि अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे पुल से नीचे जा गिरे। हादसे में उनके सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं। परिजन और मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें दमोह जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उपचार के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उनके शव को जिला अस्पताल के शव ग्रह में रखवा दिया था। वहीं आज सोमवार सुबह 11 बजे शव ग्रह से निकलवाकर पुलिस ने पंचनामा पोस्टमार्टम कार्यवाही के बाद परिजनों को सौंपते हुए मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है।

Damoh, Damoh | Jun 22, 2026

दो मिनट की देरी, बायोमेट्रिक फेल और पुराने एडमिट कार्ड से छूटी री-नीट परीक्षा; पिता के सिर पटकने का वीडियो वायरल

विदिशा। री-नीट परीक्षा के दौरान रविवार को शासकीय कन्या महाविद्यालय परीक्षा केंद्र के बाहर भावुक दृश्य सामने आया। परीक्षा में शामिल होने पहुंची तीन छात्राएं प्रवेश नहीं मिलने से परीक्षा से वंचित रह गईं। इनमें विदिशा निवासी स्नेहा दुबे और कुरवाई निवासी रागिनी विश्वकर्मा करीब दो मिनट देरी से दोपहर 1.32 बजे केंद्र पहुंचीं, जबकि प्रवेश का समय 1.30 बजे तक निर्धारित था। परिजनों के अनुसार बारिश और रास्ते में हुई परेशानी के कारण देरी हुई।

वीडियो में रागिनी के पिता बेटी को परीक्षा में शामिल कराने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाते दिखाई दिए। निराशा में उन्होंने गेट पर सिर पटक लिया, जिससे उन्हें चोट आई और बेटी रोने लगी। नोडल अधिकारी एवं केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य गीता भदौरिया ने दोनों छात्राओं को केंद्र के अंदर भेजा, लेकिन बायोमेट्रिक अंगूठा सत्यापन नहीं होने से उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी।

तीसरी छात्रा अक्षिता श्रीवास्तव पुराने एडमिट कार्ड के साथ पहुंची थी, इसलिए उसे भी परीक्षा में शामिल नहीं किया गया। शहर में कुल चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

दो मिनट की देरी, बायोमेट्रिक फेल और पुराने एडमिट कार्ड से छूटी री-नीट परीक्षा; पिता के सिर पटकने का वीडियो वायरल विदिशा। री-नीट परीक्षा के दौरान रविवार को शासकीय कन्या महाविद्यालय परीक्षा केंद्र के बाहर भावुक दृश्य सामने आया। परीक्षा में शामिल होने पहुंची तीन छात्राएं प्रवेश नहीं मिलने से परीक्षा से वंचित रह गईं। इनमें विदिशा निवासी स्नेहा दुबे और कुरवाई निवासी रागिनी विश्वकर्मा करीब दो मिनट देरी से दोपहर 1.32 बजे केंद्र पहुंचीं, जबकि प्रवेश का समय 1.30 बजे तक निर्धारित था। परिजनों के अनुसार बारिश और रास्ते में हुई परेशानी के कारण देरी हुई। वीडियो में रागिनी के पिता बेटी को परीक्षा में शामिल कराने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाते दिखाई दिए। निराशा में उन्होंने गेट पर सिर पटक लिया, जिससे उन्हें चोट आई और बेटी रोने लगी। नोडल अधिकारी एवं केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य गीता भदौरिया ने दोनों छात्राओं को केंद्र के अंदर भेजा, लेकिन बायोमेट्रिक अंगूठा सत्यापन नहीं होने से उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी। तीसरी छात्रा अक्षिता श्रीवास्तव पुराने एडमिट कार्ड के साथ पहुंची थी, इसलिए उसे भी परीक्षा में शामिल नहीं किया गया। शहर में कुल चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

Damoh, Damoh | Jun 22, 2026

NEET री-एग्जाम छूटा तो परीक्षा केंद्र के बाहर फूट-फूटकर रो पड़ीं छात्राएं, बेंगलुरु का वीडियो वायरल

ट्रैफिक जाम के कारण तय समय तक नहीं पहुंच सकीं कई अभ्यर्थी, दोपहर 1:30 बजे गेट बंद होने के बाद नहीं मिली प्रवेश की अनुमति

बेंगलुरु। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) री-एग्जाम के दौरान रविवार को बेंगलुरु के एक परीक्षा केंद्र के बाहर भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाने के कारण कई छात्राओं को प्रवेश नहीं मिला। इसके बाद परीक्षा केंद्र के बाहर फूट-फूटकर रोती छात्राओं का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ छात्राएं दोपहर 1:32 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचीं, जबकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के नियमों के अनुसार दोपहर 1:30 बजे के बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया था। छात्राओं ने गेट बंद मिलने पर अंदर जाने की काफी कोशिश की। बताया गया कि कुछ छात्राएं रेलिंग पार कर परिसर तक पहुंच गईं, लेकिन अंदर का गेट भी बंद होने के कारण उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली। 

परिजनों का आरोप है कि शहर में एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के कारण कई प्रमुख मार्गों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया था। वे समय पर घर से निकले थे, लेकिन जाम में फंसने के कारण परीक्षा केंद्र तक तय समय में नहीं पहुंच सके। अभिभावकों ने प्रशासन पर पर्याप्त ट्रैफिक प्रबंधन नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ मिनट की देरी ने बच्चों का पूरा साल बर्बाद कर दिया।

वायरल वीडियो में छात्राएं परीक्षा केंद्र के बाहर रोती और परिजन अधिकारियों से प्रवेश देने की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक वर्ग ने परीक्षा नियमों का पालन जरूरी बताया, जबकि दूसरे वर्ग ने ऐसी परिस्थितियों में कुछ मिनट की रियायत देने की मांग उठाई। 

NTA की परीक्षा गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाता। इसी नियम के चलते देर से पहुंचे अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित रहना पड़ा।

NEET री-एग्जाम छूटा तो परीक्षा केंद्र के बाहर फूट-फूटकर रो पड़ीं छात्राएं, बेंगलुरु का वीडियो वायरल ट्रैफिक जाम के कारण तय समय तक नहीं पहुंच सकीं कई अभ्यर्थी, दोपहर 1:30 बजे गेट बंद होने के बाद नहीं मिली प्रवेश की अनुमति बेंगलुरु। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) री-एग्जाम के दौरान रविवार को बेंगलुरु के एक परीक्षा केंद्र के बाहर भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाने के कारण कई छात्राओं को प्रवेश नहीं मिला। इसके बाद परीक्षा केंद्र के बाहर फूट-फूटकर रोती छात्राओं का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ छात्राएं दोपहर 1:32 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचीं, जबकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के नियमों के अनुसार दोपहर 1:30 बजे के बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया था। छात्राओं ने गेट बंद मिलने पर अंदर जाने की काफी कोशिश की। बताया गया कि कुछ छात्राएं रेलिंग पार कर परिसर तक पहुंच गईं, लेकिन अंदर का गेट भी बंद होने के कारण उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि शहर में एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के कारण कई प्रमुख मार्गों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया था। वे समय पर घर से निकले थे, लेकिन जाम में फंसने के कारण परीक्षा केंद्र तक तय समय में नहीं पहुंच सके। अभिभावकों ने प्रशासन पर पर्याप्त ट्रैफिक प्रबंधन नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ मिनट की देरी ने बच्चों का पूरा साल बर्बाद कर दिया। वायरल वीडियो में छात्राएं परीक्षा केंद्र के बाहर रोती और परिजन अधिकारियों से प्रवेश देने की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक वर्ग ने परीक्षा नियमों का पालन जरूरी बताया, जबकि दूसरे वर्ग ने ऐसी परिस्थितियों में कुछ मिनट की रियायत देने की मांग उठाई। NTA की परीक्षा गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाता। इसी नियम के चलते देर से पहुंचे अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित रहना पड़ा।

Damoh, Damoh | Jun 22, 2026