*प्रशासनिक उदासीनता का शिकार: कभी नगर की शान रहा राजमाता सिंधिया पार्क*
अमरीन खान
निंबाहेड़ा। राज माता सिंधिया पार्क आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा हे। नगर निंबाहेड़ा का एक समय का सबसे खूबसूरत और प्रमुख केंद्र रहा 'राजमाता विजयाराजे सिंधिया पार्क' आज नगर परिषद् और प्रशासनिक अनदेखी के कारण अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। जिस पार्क में कभी लोग सुकून के दो पल बिताने और बच्चे खेलने आते थे, वह पार्क अब देखरेख के अभाव में जंगली घास और अवारा झाड़ियों का मैदान बनकर रह गया है सब से ज्यादा खतरा जहरीले जानवरों का बना हुआ है।राजमाता की प्रतिमा के सामने ही उपेक्षा का खेलपार्क के मुख्य द्वार के समीप लगी स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया की भव्य प्रतिमा इस बात की गवाह है कि यह पार्क नगर के गौरव से जुड़ा हुआ है। लेकिन विडंबना देखिए, जिस महापुरुष के नाम पर इस पार्क का जीर्णोद्धार या निर्माण हुआ, आज उन्हीं की प्रतिमा के ठीक सामने पार्क का कोना-कोना प्रशासनिक लापरवाही की कहानी बयां कर रहा है।जंगली घास ने पार्क की अनदेखी साफ जाहिर होती हे ना ही साफ सफाई ना ही कोई मेंटिनेंस होता हैं।
और जानकारी में आया है कि पार्क के गेट पर लिखा है कि आप सीसीटीवी की नजर में है जब इसकी सच्चाई जानने की कोशिश की तो पता चला कि सीसीटीवी कैमरे लगे थे लेकिन अभी वो वर्तमान स्थिति में मौजूद नहीं हैं। बच्चों के झूले पड़े बेजान तस्वीरें साफ तौर पर दिखाती हैं कि पार्क के भीतर नियमित सफाई और घास की कटाई न होने से हर तरफ घुटनों तक ऊंची गाजर घास और जंगली झाड़ियां उग आई हैं।खतरे में बचपन बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए फिसलपट्टी (स्लाइड्स) और क्लाइंबिंग वॉल जैसी आधुनिक खेल सामग्रियां अब इस ऊंची घास के बीच गुम हो चुकी हैं।मलबे के ढेर: पार्क के बीचों-बीच सूखे पेड़ों के अवशेष और कचरे का ढेर लगा हुआ है, जिससे यहाँ जहरीले जीव-जंतुओं और सांपों का खतरा लगातार बना रहता है।मॉर्निंग वॉकर्स और स्थानीय निवासियों में भारी रोषस्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन केवल कागजों में रखरखाव के दावे करता है। जमीनी हकीकत यह है कि रखरखाव के बजट का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। ऊंची और अनियंत्रित घास के कारण सुबह-शाम टहलने आने वाले बुजुर्गों और महिलाओं ने अब पार्क में आना लगभग बंद कर दिया है। लाखों रुपये की लागत से बने ओपन जिम और झूले इस बदहाली के कारण कबाड़ होने की कगार पर हैं।जनता की मांग: जल्द सुधरे व्यवस्था नगर वासियों ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के आला अधिकारियों से मांग की है कि राजमाता विजयाराजे सिंधिया पार्क की गरिमा को ध्यान में रखते हुए तुरंत यहाँ विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, झाड़ियों की छंटाई हो और बच्चों के खेलने वाले हिस्से को सुरक्षित बनाया जाए। यदि जल्द ही इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो नगर की यह अमूल्य धरोहर पूरी तरह नष्ट हो जाएगी।