प्राचार्य डायट एवं जिला विद्यालय निरीक्षक ने दीप प्रज्ज्वलित कर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का किया शुभारंभ
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), शिवरामपुर, चित्रकूट में माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्यों हेतु दक्ष मॉड्यूल आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण एवं मेंटल वेलनेस कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डायट प्राचार्य बी.के. शर्मा (P.E.S.) एवं जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रधानाचार्यों एवं प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए डायट प्राचार्य बी.के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय किसी भी समाज के शैक्षिक एवं सामाजिक विकास की आधारशिला होते हैं। विद्यालय के समग्र विकास में प्रधानाचार्य की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। प्रधानाचार्य केवल प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करने वाले अधिकारी नहीं, बल्कि विद्यालय के शैक्षिक नेतृत्वकर्ता, मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत भी होते हैं। दक्ष मॉड्यूल आधारित प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता में सुधार, नेतृत्व क्षमता का विकास, विद्यालय प्रबंधन को प्रभावी बनाना तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रधानाचार्यों को शैक्षिक नेतृत्व के साथ-साथ अपने मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक संतुलन पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। मानसिक रूप से स्वस्थ एवं सकारात्मक नेतृत्व ही विद्यालय में स्वस्थ शैक्षिक वातावरण का निर्माण कर सकता है।
जिला विद्यालय निरीक्षक रवि शंकर ने अपने संबोधन में कहा कि माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रधानाचार्यों का दक्ष, संवेदनशील एवं उत्तरदायी होना आवश्यक है। विद्यालय की शैक्षिक उपलब्धियाँ, अनुशासन, विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा शिक्षकों की कार्यक्षमता काफी हद तक प्रधानाचार्य के नेतृत्व एवं कार्यशैली पर निर्भर करती हैं।उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से अपेक्षा की कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान, नवीन शैक्षिक अवधारणाओं एवं प्रबंधन संबंधी कौशलों को अपने-अपने विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मानसिक स्वास्थ्य एवं मेंटल वेलनेस वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। प्रधानाचार्यों को स्वयं तनावमुक्त रहते हुए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक, सहयोगात्मक और संवेदनशील वातावरण तैयार करना चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान दक्ष मॉड्यूल के विभिन्न आयामों, विद्यालयी नेतृत्व एवं प्रबंधन, शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन, प्रभावी कार्ययोजना निर्माण, समस्या समाधान तथा मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गतिविधि आधारित सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य प्रधानाचार्यों को विद्यालय संचालन में अधिक दक्ष, प्रभावशाली एवं संवेदनशील नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित करना है।
तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानाचार्यों की नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक दक्षता एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा प्रशिक्षण को पूर्ण मनोयोग, सक्रिय सहभागिता एवं प्रतिबद्धता के साथ संपन्न करने का आह्वान किया गया।
Manikpur, Chitrakoot | Nov 2, 2026