#हनुवा नदी पर ऊंचे पुल की मांग वर्षों से अधूरी, शिक्षक-डॉक्टर समेत कर्मचारी भी फंसने को मजबूर
मानिकपुर, चित्रकूट। विकासखंड मानिकपुर क्षेत्र के कौबरा-गढ़चपा मार्ग पर हनुवा नदी बरसात के दिनों में ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद इस पार से उस पार आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। कई बार लोगों को घंटों रास्ता खुलने का इंतजार करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार हनुवा नदी पर ऊंचे पुल के निर्माण की मांग दशकों से चली आ रही है, लेकिन आज तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। क्षेत्र में कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का आना-जाना हुआ, लेकिन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
नदी का जलस्तर बढ़ने पर सिर्फ ग्रामीण ही नहीं, बल्कि शिक्षक, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य सरकारी कर्मचारी भी आवागमन के दौरान फंस जाते हैं। स्कूलों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को भी नदी के जलस्तर कम होने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
सबसे बड़ी चिंता उन ग्रामीणों की है जिन्हें जरूरी काम से नदी पार करनी पड़ती है। स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों और मरीजों सहित अनेक लोगों को कई बार जान जोखिम में डालकर आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय यदि कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो जाए या किसी गर्भवती महिला को तत्काल अस्पताल ले जाना पड़े तो यह रास्ता बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि हनुवा नदी का स्थलीय निरीक्षण कराकर यहां तत्काल ऊंचे एवं सुरक्षित पुल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से कौबरा, गढ़चपा और आसपास के गांवों के लोगों को वर्षभर सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
दशकों पुरानी मांग आज भी अधूरी है। ग्रामीणों का सवाल है—आखिर हनुवा नदी पर ऊंचा पुल कब बनेगा? क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी?
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