भूमिहानो को जमीन देने के वादे से पीछे हट रही बिहार सरकार -सीपीएम
गरीबो के झोपड़ी पर चल रहे बुलडोजर और सत्ता धारी नेता कर रखे हैं सरकारी जमीनों पे कब्जे.
3 साल पहले विस्थापित किये गए दामूचौक के 22 गरीब परिवारों को अब तक नहीं मिला पर्चा
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी ) के बैनर तले गरीबो के घरों पर चलाये जा रहे बुलडोजर और दामूचक सरकारी क़्वार्टर, आदर्श नगर के 22 भूमिहीन परिवारों को बसगीत पर्चा देने के सवाल पर अंचल कार्यालय का घेराव किया गया. घेराव से पहले अम्बेडकर भवन से मार्च निकाला गया जो मुशहरी बाजार घूमते हुए अंचल कार्यालय पंहुचा.
घेराव का नेतृत्व कर रहे सीपीएम जिला सचिव दिनेश भगत ने कहा की बिहार की सरकार गरीबो को जमीन का पर्चा देने के जगह पर उनके घरों पर बुलडोजर चलवा रही हैं आज भी दलितों के दर्जनों मोहल्ले मे सड़क नहीं हैं हजारों गरीब परिवार बांध -पोखड़ और सड़क किनारे घर बना कर रह रहे हैं लेकिन उनको जमीन का बसगीत पर्चा अब तक नहीं दिया गया सरकार की मंशा बिहार की जनता समझ गई हैं इसलिए चारो तरफ आंदोलन खड़े हो रहे हैं.
अंचल कार्यालय पर आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए सीपीएम नेता सूरज कुमार सिंह ने कहा की दामूचौक सारकारी क्वार्टर के जमीन पर करीब 53 वर्षो से बसें 22 भूमिहीन गरीब परिवारों को 3 साल पहले हटाया गया जिलाधिकारी और अंचलधिकारी ने जामीन देने का ठोस वादा किया था उसके बाद गरीबो ने अपना मकान वहां से हटाया इन गरीब परिवारों को 3 जगह जमीन भी दिखलाया गया सारे कागजात भी जमा लिये गए लेकिन आजतक इनको जमीन का पर्चा तक नहीं मिला ये इन गरीब भूमिहीन परिवारों के साथ वादाखिलाफी हैं अभियान बसेरा -2 अभी चल रहा हैं जिसमे 15 अगस्त तक गरीबो को पर्चे दिए जायेंगे ये सात निश्चय मे शामिल एक निश्चय है इसलिए अंचलधिकारी को अविलम्ब इन गरीब परिवारों को पर्चा देना चाहिए अगर 13 अगस्त तक पर्चा नहीं मिला तो अंचल कार्यालय पर 14 अगस्त से इन गरीब परिवारों का आमरण अनशन शुरू होगा.
सीपीएम के पूर्व जिला सचिव कॉम. अब्दुल गफ्फार ने बिहार की सम्राट सरकार को गरीब विरोधी बताते हुए कहा की सरकार का एक भी घोषणा को इनके पदाधिकारी जमीन पर लागु नहीं करते है ऑफसर जनता से मिलता ही नहीं है वो दलालो के नेटवर्क से घिरा रहता है जब आप जनता की बात ही नहीं सुनेगे तो आप समस्या का समाधान कैसे निकाल पाएंगे. अफसर राज चल रहा है बिना पैसो के कोई भी काम नहीं हो पा रहा है.
सीपीएम जिला कमिटी सदस्य कॉम. जितेन्द्र चौधरी ने कहा की आज भी दलितों के मुहल्लो मे सड़के नहीं है स्कूल नहीं अस्पताल नहीं है और सरकार विकाश का ढिंढोरा पिट रही है अधिकारी -पदाधिकारी जनता से सवाद नहीं करते है सरकारी मोबाइल भी सिर्फ मंत्री और ठेकेदारों के ही फ़ोन उठाने के काम आता है. अगर इसी तरह चीजे चलती रही तो जनता उग्र हो जाएगी तब लोगों को रोकना मुश्किल हो जायेगा.