• मजबूत सड़कें प्रगति का आधार, सड़कों से मिली सीहोर जिले को विकास की रफ्तार
• गांवों की पगडंडियों से आधुनिक फोरलेन और राष्ट्रीय राजमार्गों तक पहुंचा सड़क विकास, 1,873 किलोमीटर ग्रामीण सड़क नेटवर्क से मजबूत हुई कनेक्टिविटी
सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की पहली और सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता हैं। बेहतर सड़कें न केवल गांवों और शहरों को आपस में जोड़ती हैं, बल्कि लोगों की आवाजाही, व्यापार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को भी आसान बनाती हैं। अच्छी सड़क व्यवस्था से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने और आम नागरिकों को आवश्यक सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलती है।
सड़कें विकास की गति को आगे बढ़ाने का मजबूत आधार हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क से परिवहन सुगम होता है, समय और लागत की बचत होती है तथा नए उद्योग और व्यवसाय स्थापित होने के अवसर बढ़ते हैं। इसलिए किसी भी क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास के लिए सुरक्षित और सुगम सड़कों का निर्माण एवं उनका नियमित रखरखाव अत्यंत आवश्यक है।
सीहोर जिले में सड़क अधोसंरचना के लगातार हो रहे विस्तार ने विकास की इसी कड़ी को मजबूत आधार दिया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव-गांव तक सड़क नेटवर्क पहुंचाने के साथ ही प्रमुख मार्गों को आधुनिक स्वरूप देने, फोरलेन और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण तथा पुल-बायपास जैसी अधोसंरचनाओं के विकास से जिले की कनेक्टिविटी लगातार बेहतर हो रही है।
सीहोर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अब तक 387 सड़क परियोजनाओं का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इन परियोजनाओं पर 696.58 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है। इसके परिणामस्वरूप जिले में लगभग 1,873 किलोमीटर का ग्रामीण सड़क नेटवर्क विकसित हुआ है। यह आंकड़ा केवल निर्मित सड़कों की लंबाई नहीं बताता, बल्कि यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाओं का कितना व्यापक विस्तार हुआ है। जिन गांवों तक पहुंच पहले समय, मौसम और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर रहती थी, वहां अब बेहतर सड़क संपर्क विकास की गतिविधियों को आगे बढ़ाने का माध्यम बन रहा है।
ग्रामीण सड़कें गांवों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाती हैं। बेहतर सड़क संपर्क का सीधा लाभ किसानों को मिलता है। कृषि उपज को खेत और गांव से मंडी तक पहुंचाने में सुविधा होती है। ग्रामीणों के लिए आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं तक पहुंच आसान होती है। बच्चों के लिए स्कूल और विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंच बेहतर होती है। गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में समय की बचत होती है। सड़कें गांवों को अलग-थलग इकाइयों के बजाय जिले की व्यापक आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का काम करती हैं।
सीहोर में सड़क विकास के साथ पुल निर्माण को भी प्राथमिकता दी गई है। जिले में इस साल 30 पुलों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जिन पर लगभग 72.48 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। पुल किसी भी सड़क नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। नदी, नाले और अन्य जल संरचनाओं के कारण जहां वर्षा ऋतु में आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनती है, वहां पुलों का निर्माण संपर्क को अधिक सुगम और निरंतर बनाने में मदद करता है। इस तरह सड़क के साथ पुलों का विकास ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को वर्षभर बेहतर कनेक्टिविटी देने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार कर रहा है।
सड़क विकास की यह गति लगातार जारी है। जिले में वर्तमान में 27 सड़क परियोजनाएं प्रगतिरत हैं। इनकी कुल लागत 250.97 करोड़ रुपये है और इनके अंतर्गत 107.13 किलोमीटर लंबाई में सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के साथ सड़क नेटवर्क और विस्तृत होगा तथा अनेक क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाओं का विस्तार होगा। प्रगतिरत परियोजनाएं इस बात का संकेत हैं कि जिले में सड़क अधोसंरचना का विकास एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ रहा है।
सीहोर के प्रमुख धार्मिक, पर्यटन और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली परियोजनाओं में मालिबाया-सलकनपुर-नीलकछार फोरलेन मार्ग भी महत्वपूर्ण है। सीआरआईएफ योजना के अंतर्गत 147.92 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जा रहे इस मार्ग की लंबाई 14.40 किलोमीटर है और कार्य अंतिम चरण में है। फोरलेन मार्ग का विकास क्षेत्र में आवागमन की क्षमता बढ़ाने के साथ यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाएगा। सलकनपुर देवी धाम जिले का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में बेहतर सड़क संपर्क का महत्व और बढ़ जाता है। इस मार्ग के विकसित होने से श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के आवागमन को सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है। जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास से सड़क कनेक्टिविटी को व्यापक स्तर पर मजबूती मिल रही है। भैलंदा-रेहटी-बुधनी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक एनएच-146बी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है।
बेहतर सड़कें → बेहतर कनेक्टिविटी → तेज विकास 🇮🇳
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