माँ नर्मदा तट पर स्थित अति प्राचीन श्री शालिवाहन शिव मंदिर में पिछले 31 वर्ष से भोले बाबा का दरबार विभिन्न प्रकार के फूलो से सज रहा है छप्पन भोग लग रहा है ।यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रहती है। जप तप साधना का तपोस्थली केंद्र है। यहां दूर दूर से साधक साधना करते हैं पर्यावरण चारो ओर अछादीत है। मन को शकून मिलता है। जानकारी शनिवार शाम 4 बजे की