*मिलाद-उन-नबी पर्व को लेकर विधि-व्यवस्था, शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था की डीएम ने की विस्तृत समीक्षा*
*शांति समिति के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थानीय परिस्थितियों एवं तैयारियों की ली जानकारी, सभी संबंधित पदाधिकारियों को पूरी सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश*
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सारण, 21 अगस्त 2026
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जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आज मिलाद-उन-नबी पर्व के अवसर पर जिले में विधि-व्यवस्था, शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों सहित विधि-व्यवस्था से जुड़े सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
प्रशासनिक बैठक से पूर्व जिला पदाधिकारी ने विभिन्न थाना क्षेत्रों की शांति समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पर्व को लेकर स्थानीय स्तर पर की जा रही तैयारियों, जुलूस के मार्ग, संवेदनशील स्थलों, संभावित चुनौतियों एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से प्रशासन एवं पुलिस के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने तथा पर्व के दौरान शांति, सौहार्द एवं सामाजिक सद्भाव कायम रखने में सक्रिय सहयोग की अपील की।
इसके पश्चात प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में पर्व के दौरान जिले में शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए की जा रही तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में पूरी सतर्कता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
*अनुमंडल एवं थाना स्तर पर शांति समिति की बैठक अनिवार्य*
जिला पदाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुमंडल से लेकर थाना स्तर तक शांति समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित कराई जाए। बैठक में संबंधित थाना क्षेत्र के शांति समिति के सदस्यों के साथ-साथ जुलूस के आयोजकों एवं उत्तरदायी व्यक्तियों की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने जुलूस के आयोजकों के साथ स्थानीय स्तर पर निरंतर संवाद स्थापित कर जुलूस को व्यवस्थित, अनुशासित एवं शांतिपूर्ण रखने के लिए आवश्यक प्रयास करने का निर्देश दिया। थाना अध्यक्षों को स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
**जुलूस के लाइसेंस, रूट सत्यापन एवं आयोजकों की जिम्मेदारी पर विशेष जोर
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जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जुलूस के लिए नियमानुसार लाइसेंस हेतु आवेदन प्राप्त किया जाए। आयोजक द्वारा प्रस्तुत आवेदन में जुलूस का निर्धारित रूट, समय, अनुमानित संख्या तथा जुलूस में शामिल होने वाले घोड़े, हाथी, ऊंट आदि की संख्या सहित सभी आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से अंकित कराया जाए।
आयोजक एवं उनके सहयोगियों की पहचान संबंधी आवश्यक जानकारी, आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर आदि का विधिवत संधारण करने तथा जुलूस के साथ पर्याप्त संख्या में उत्तरदायी वालंटियरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि भीड़ को नियंत्रित एवं व्यवस्थित रखने में सहयोग मिल सके।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जुलूस में डीजे का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा तथा इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही, आवेदन में निर्धारित जुलूस के समय और वास्तविक समय में किसी प्रकार का अंतर स्वीकार्य नहीं होगा। निर्धारित समय का उल्लंघन होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
जुलूस के रूट का पूर्व में ही भौतिक सत्यापन कराने तथा मार्ग में किसी प्रकार के भौतिक अवरोध, संकीर्णता अथवा अन्य समस्या को पर्व से पूर्व दूर कराने का निर्देश दिया गया।
**नए रूट के निर्धारण को लेकर स्पष्ट निर्देश*
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जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में किसी नए रूट का निर्धारण नहीं किया जाए। निर्धारित रूट में किसी प्रकार का विभाजन अथवा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो जिससे अनावश्यक व्यवधान की संभावना हो। स्थानीय संवेदनशीलता के आकलन के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर जुलूस के रूट को छोटा करने की कार्रवाई की जा सकती है।
सभी जुलूस मार्गों का पूर्व सत्यापन एवं संवेदनशीलता का आकलन अनिवार्य रूप से कराने तथा थाना स्तर पर संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर आवश्यक निरोधात्मक एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
*छोटे जुलूसों के बड़े जुलूस में सम्मिलित होने पर विशेष निगरानी*
जिला पदाधिकारी ने कहा कि कई स्थानों पर पंचायत अथवा स्थानीय स्तर से निकलने वाले छोटे जुलूस आगे चलकर बड़े जुलूस में सम्मिलित हो जाते हैं। ऐसे संभावित स्थानों एवं पॉइंट्स को थाना स्तर पर पूर्व से चिन्हित कर विशेष निगरानी रखने तथा आवश्यकता के अनुसार निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
थाना अध्यक्षों को स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर ऐसे संभावित मामलों में स्पष्ट संवाद एवं समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
*जुलूस मार्ग की विद्युत एवं भौतिक व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश*
जिला पदाधिकारी ने विद्युत विभाग को जुलूस मार्ग का पूर्व निरीक्षण करने तथा विद्युत पोल, तार अथवा अन्य विद्युत संरचनाओं से दुर्घटना की किसी भी संभावना को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया। जुलूस मार्ग में विद्युत तारों की स्थिति की विशेष रूप से जांच कराने को कहा गया।
नगर निकायों, भवन निर्माण विभाग एवं पुल निर्माण निगम के संबंधित पदाधिकारियों को जुलूस मार्ग में जलजमाव, कीचड़, गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़क अथवा अन्य किसी प्रकार की समस्या होने पर पर्व से पूर्व सफाई एवं आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
*ट्रैफिक प्लान एवं डायवर्सन की पूर्व तैयारी*
यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति, महत्वपूर्ण स्थानों पर बल की तैनाती तथा आवश्यकतानुसार यातायात नियंत्रण की व्यवस्था पूर्व से निर्धारित करने का निर्देश दिया।
ट्रैफिक एसपी को बड़े जुलूस वाले क्षेत्रों के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार करने तथा 25 एवं 26 अगस्त को आवश्यकता के अनुसार डायवर्सन प्लान पूर्व से तैयार कर लागू करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि आम नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो।
*अफवाह एवं आपत्तिजनक गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई*
जिला पदाधिकारी ने सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं एवं आपत्तिजनक सामग्री पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। संवेदनशील स्थानों पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि अथवा सूचना प्राप्त होने पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
सभी अनुमंडलों में पूर्व से किए गए निरोधात्मक उपायों एवं बॉन्ड डाउन की स्थिति की गंभीरता से समीक्षा करने तथा जहां आवश्यक हो, लंबित कार्रवाई को तत्परतापूर्वक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
*विधि-व्यवस्था को रूटीन मैटर के रूप में न लें, व्यावहारिक दृष्टिकोण से करें तैयारी*
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मिलाद-उन-नबी पर्व के अवसर पर विधि-व्यवस्था को केवल रूटीन मैटर के रूप में नहीं लिया जाए, बल्कि स्थानीय परिस्थितियों एवं संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक एवं पूर्व-नियोजित दृष्टिकोण के साथ तैयारी की जाए।
उन्होंने कम्युनिटी के साथ ट्रस्ट बिल्डिंग पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। स्थानीय लोगों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर सकारात्मक वातावरण बनाने, आपसी विश्वास एवं सहयोग बढ़ाने तथा संभावित समस्याओं का समाधान समय रहते संवाद के माध्यम से करने पर जोर दिया।
जिला पदाधिकारी ने विशेष रूप से युवा वर्ग एवं स्थानीय युवाओं के समूहों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें सकारात्मक रूप से जोड़ने एवं विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से इंगेज करने का निर्देश दिया, ताकि पर्व के दौरान शांति, सौहार्द एवं अनुशासन बनाए रखने में युवाओं की रचनात्मक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने सभी प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया।
जिला प्रशासन का उद्देश्य सभी समुदायों के सहयोग, समन्वय एवं आपसी विश्वास के साथ मिलाद-उन-नबी पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना है।
3 views | Saharsa, Bihar | Aug 21, 2026