बनखेड़ी में सियासत की आड़ में अतिक्रमण का खेल! गरीबों के हक पर कब्जा, रसूखदारों का कारोबार...? इसे कहते हैं राजनीति में रहकर लाभ उठाना!
बनखेड़ी में बीती रात एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर नेताओं की कथनी और करनी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, अस्पताल रोड स्थित साई मंदिर के पीछे, अस्पताल की नवनिर्मित लैब के पास एक रसूखदार नेता द्वारा कथित तौर पर रातों-रात भारी-भरकम लोहे का टप रखवा दिया गया। सवाल यह है कि आखिर सरकारी जमीन पर यह कब्जा किसकी अनुमति से किया गया?
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई नेताओं के टप मुख्य बाजार में किराए से संचालित हो रहे हैं। अब चर्चा यह भी है कि बाजार के लिए तैयार किए जा रहे टपों में कुछ भाजपा नेताओं के टप भी शामिल बताए जा रहे हैं। समय आने पर इससे जुड़े तथ्यों का भी खुलासा किया जाएगा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकारी जमीन पर गरीबों का हक किसके लिए सुरक्षित रखा गया है?
जो लोग करोड़ों की संपत्ति के मालिक बताए जाते हैं, क्या उन्हें भी सरकारी जमीन पर कब्जा कर अपना व्यवसाय चमकाने की जरूरत है? क्या सरकारी जमीन पर अधिकार केवल रसूखदारों का है, या फिर गरीब और जरूरतमंदों को भी बराबरी का अवसर मिलेगा?
जनता को विकास का सपना दिखाने वाले नेताओं से अब जनता यह पूछ रही है—
👉 क्या सरकारी जमीन पर कब्जा करना ही विकास है?
👉 क्या नियम केवल गरीबों के लिए हैं?
👉 क्या रसूखदारों के अतिक्रमण पर प्रशासन की नजर नहीं पड़ती?
अब देखना यह है कि प्रशासन इस कथित अतिक्रमण पर कार्रवाई करता है या फिर राजनीतिक रसूख के आगे सरकारी जमीन यूं ही कब्जे में जाती रहेगी।
सवाल जनता का है, जवाब प्रशासन को देना होगा!
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