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जनहित

दिशा समिति की बैठक में जनसमस्याओं की गूंज, सड़क, बिजली, जाम और पेंशन के मुद्दे उठे...

गाजीपुर। राइफल क्लब, गाजीपुर में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जनपद की विभिन्न जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। बैठक की अध्यक्षता अफजाल अंसारी ने की। बैठक में जनपद के विधायकगण, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान क्षेत्रीय विकास कार्यों की समीक्षा के साथ आम जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों ने नोनहरा–यूसुफपुर मार्ग की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया और शीघ्र मरम्मत एवं समाधान की मांग की।
इसके अलावा विद्युत विभाग से संबंधित जर्जर बिजली तारों की समस्या, राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर लगातार लगने वाले जाम तथा पात्र लाभार्थियों को पेंशन योजनाओं का लाभ न मिलने जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से रखे गए।
बैठक में सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
#गाजीपुर #दिशा_बैठक #अफजाल_अंसारी #जनसमस्याएं #विकास_कार्य #PWD #विद्युत_विभाग #NH31 #पेंशन_समस्या #जनहित #जिला_विकास_समिति #गाजीपुर_समाचार DM_Ghazipur @highlight #newsghazipur #ghazipurnews61 #bharatnews61 #GhazipurNews #BreakingNews

दिशा समिति की बैठक में जनसमस्याओं की गूंज, सड़क, बिजली, जाम और पेंशन के मुद्दे उठे... गाजीपुर। राइफल क्लब, गाजीपुर में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जनपद की विभिन्न जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। बैठक की अध्यक्षता अफजाल अंसारी ने की। बैठक में जनपद के विधायकगण, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान क्षेत्रीय विकास कार्यों की समीक्षा के साथ आम जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों ने नोनहरा–यूसुफपुर मार्ग की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया और शीघ्र मरम्मत एवं समाधान की मांग की। इसके अलावा विद्युत विभाग से संबंधित जर्जर बिजली तारों की समस्या, राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर लगातार लगने वाले जाम तथा पात्र लाभार्थियों को पेंशन योजनाओं का लाभ न मिलने जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से रखे गए। बैठक में सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। #गाजीपुर #दिशा_बैठक #अफजाल_अंसारी #जनसमस्याएं #विकास_कार्य #PWD #विद्युत_विभाग #NH31 #पेंशन_समस्या #जनहित #जिला_विकास_समिति #गाजीपुर_समाचार DM_Ghazipur @highlight #newsghazipur #ghazipurnews61 #bharatnews61 #GhazipurNews #BreakingNews

Sevrai, Ghazipur | Jun 22, 2026

#श्रीनगर नगर निगम में बढ़ा विवाद! 
# वार्ड-40 के पार्षद संदीप सिंह रावत ने लगाए गंभीर आरोप

● श्रीनगर नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी को लेकर मामला गरमा गया है।

📄 पार्षद संदीप सिंह रावत ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
◆ प्रमुख आरोप: ▪️ विकास कार्यों और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी
▪️ RTI के तहत मांगी गई जानकारी न देना
▪️ शिकायतों पर कार्रवाई और जवाब न मिलना
▪️ निगम के कार्यों में कथित विसंगतियां
▪️ गौशाला संचालन में गड़बड़ियों के आरोप
▪️ जनहित के मुद्दे उठाने पर दबाव और उत्पीड़न
🗣️ पार्षद का कहना है कि नगर निगम की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

👉 अब सवाल यह है कि क्या आरोपों की जांच होगी और सच सामने आएगा?
#श्रीनगर #नगरनिगम #SandeepRawat #PauriGarhwal #UttarakhandNews #RTI #CorruptionAllegations #LocalGovernance #जनहित #उत्तराखंड_समाचार

#श्रीनगर नगर निगम में बढ़ा विवाद! # वार्ड-40 के पार्षद संदीप सिंह रावत ने लगाए गंभीर आरोप ● श्रीनगर नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी को लेकर मामला गरमा गया है। 📄 पार्षद संदीप सिंह रावत ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ◆ प्रमुख आरोप: ▪️ विकास कार्यों और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी ▪️ RTI के तहत मांगी गई जानकारी न देना ▪️ शिकायतों पर कार्रवाई और जवाब न मिलना ▪️ निगम के कार्यों में कथित विसंगतियां ▪️ गौशाला संचालन में गड़बड़ियों के आरोप ▪️ जनहित के मुद्दे उठाने पर दबाव और उत्पीड़न 🗣️ पार्षद का कहना है कि नगर निगम की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। 👉 अब सवाल यह है कि क्या आरोपों की जांच होगी और सच सामने आएगा? #श्रीनगर #नगरनिगम #SandeepRawat #PauriGarhwal #UttarakhandNews #RTI #CorruptionAllegations #LocalGovernance #जनहित #उत्तराखंड_समाचार

Pauri, Garhwal | Jun 19, 2026

जो एम्बुलेंसें खुद 'वेंटिलेटर' पर हैं, वे मरीजों की जान क्या बचाएंगी?

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। रुद्रप्रयाग जनपद में संचालित 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा की खस्ताहाल स्थिति और उसमें कार्यरत कर्मचारियों के मानसिक एवं आर्थिक शोषण को लेकर युवा नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मोहित डिमरी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।

मोहित डिमरी ने कहा कि पहाड़ की संकरी, दुर्गम और जोखिम भरी सड़कों पर जहां एम्बुलेंसों को हर मौसम और हर परिस्थिति में लोगों की जान बचाने के लिए दौड़ना पड़ता है, वहीं सरकार ने इन जीवनदायिनी वाहनों को उनकी बदहाल स्थिति में छोड़ दिया है। कई एम्बुलेंसों के आगे और पीछे के हिस्से क्षतिग्रस्त हैं, वाहन जर्जर हो चुके हैं और उनकी स्थिति किसी कबाड़ से कम नहीं है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्वयं एम्बुलेंसें ही बदहाल हैं, तो वे गंभीर मरीजों की जान कैसे बचा पाएंगी?

युवा नेता ने 108 सेवा में कार्यरत ड्राइवरों और फार्मासिस्टों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी दिन-रात, बारिश, बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य विषम परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। वर्तमान महंगाई के दौर में इस आय से परिवार का भरण-पोषण तक मुश्किल हो गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एम्बुलेंस संचालन से जुड़ी कंपनियां और संबंधित विभाग कर्मचारियों का आर्थिक एवं मानसिक शोषण कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

मोहित डिमरी ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि तत्काल जर्जर एम्बुलेंसों को बदला जाए, सेवाओं को आधुनिक बनाया जाए तथा ड्राइवरों और फार्मासिस्टों को सम्मानजनक मानदेय और बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो जनता के हित में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।

#108एम्बुलेंस #स्वास्थ्यव्यवस्था #रुद्रप्रयाग #उत्तराखंड #मोहितडिमरी #जनहित #HealthServices #Uttarakhand

जो एम्बुलेंसें खुद 'वेंटिलेटर' पर हैं, वे मरीजों की जान क्या बचाएंगी? उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। रुद्रप्रयाग जनपद में संचालित 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा की खस्ताहाल स्थिति और उसमें कार्यरत कर्मचारियों के मानसिक एवं आर्थिक शोषण को लेकर युवा नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मोहित डिमरी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। मोहित डिमरी ने कहा कि पहाड़ की संकरी, दुर्गम और जोखिम भरी सड़कों पर जहां एम्बुलेंसों को हर मौसम और हर परिस्थिति में लोगों की जान बचाने के लिए दौड़ना पड़ता है, वहीं सरकार ने इन जीवनदायिनी वाहनों को उनकी बदहाल स्थिति में छोड़ दिया है। कई एम्बुलेंसों के आगे और पीछे के हिस्से क्षतिग्रस्त हैं, वाहन जर्जर हो चुके हैं और उनकी स्थिति किसी कबाड़ से कम नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्वयं एम्बुलेंसें ही बदहाल हैं, तो वे गंभीर मरीजों की जान कैसे बचा पाएंगी? युवा नेता ने 108 सेवा में कार्यरत ड्राइवरों और फार्मासिस्टों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी दिन-रात, बारिश, बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य विषम परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। वर्तमान महंगाई के दौर में इस आय से परिवार का भरण-पोषण तक मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एम्बुलेंस संचालन से जुड़ी कंपनियां और संबंधित विभाग कर्मचारियों का आर्थिक एवं मानसिक शोषण कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मोहित डिमरी ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि तत्काल जर्जर एम्बुलेंसों को बदला जाए, सेवाओं को आधुनिक बनाया जाए तथा ड्राइवरों और फार्मासिस्टों को सम्मानजनक मानदेय और बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो जनता के हित में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। #108एम्बुलेंस #स्वास्थ्यव्यवस्था #रुद्रप्रयाग #उत्तराखंड #मोहितडिमरी #जनहित #HealthServices #Uttarakhand

Rudraprayag, Rudraprayag | Jun 18, 2026

घूसखोरी के आरोप में दरोगा का वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप

चोरी के मुकदमे से नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप

जांच पूरी होने तक दरोगा लाइन हाजिर, विभागीय कार्रवाई शुरू

✒️रिपोर्ट यूपी हेड नागेंद्र पांडये 

सीतापुर, उत्तर प्रदेश। सीतापुर जिले के अटरिया थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक का कथित रूप से रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। वायरल वीडियो में चोरी के एक मुकदमे से नाम हटाने के बदले धनराशि लेने के आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है तथा जांच के आदेश दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अटरिया थाने में तैनात उपनिरीक्षक इन्द्रनारायण शुक्ला पर कथित रूप से चोरी के मुकदमे से नाम हटाने के एवज में रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है।

वायरल दावों के अनुसार पहले कथित तौर पर 10 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिसके बाद 5 हजार रुपये में सौदा तय होने की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कथित लेन-देन को लेकर चर्चाएं तेज हैं और लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद विभाग हरकत में

मामले के प्रकाश में आने के बाद सीतापुर पुलिस प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया। पुलिस विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार संबंधित उपनिरीक्षक को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया गया है।

साथ ही पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी सिधौली को सौंपी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सोशल मीडिया पर उठे पारदर्शिता के सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कानून व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था की छवि को प्रभावित करने वाला मामला है। वहीं कई लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल वीडियो की प्रामाणिकता और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

सीतापुर में सामने आया यह मामला सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करता है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप कितने तथ्यात्मक हैं और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी किस सीमा तक बनती है।

🟥 ND NEWS की जनहित अपील

🔹 भ्रष्टाचार के खिलाफ समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर कार्य करना होगा।
🔹 किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर उसकी शिकायत संबंधित विभाग और सतर्कता इकाइयों से करें।
🔹 बिना सत्यापन के किसी वीडियो या सूचना को वायरल करने से बचें।
🔹 विभागीय जांच पूरी होने तक निष्पक्षता बनाए रखना भी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है।
🔹 पुलिस एवं प्रशासन को पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाकर जनता का विश्वास मजबूत करना चाहिए।

"ईमानदार प्रशासन और जागरूक नागरिक ही भ्रष्टाचार मुक्त समाज की मजबूत नींव हैं।"
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@Uppolice
@sitapurpolice
@myogiadityanath
@CMOfficeUP
@dgpup
@HomeDepttUP
@InfoDeptUP
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#सीतापुर #अटरिया_थाना #भ्रष्टाचार #वायरल_वीडियो #उत्तरप्रदेश_पुलिस #जनहित #पारदर्शिता #NDNewsChannel #DailyNishpakshDhara #इन्द्रनारायणशुक्ला
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🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा
मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
✒️ रिपोर्ट : यूपी हेड नागेंद्र पांडये 
📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR)
📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP)
📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP)
📅 दिनांक: 18 जून 2026
📆 दिन: गुरुवार
📧 Email: ndnewschannel@gmail.com
📞 मोबाइल: 9696119696

घूसखोरी के आरोप में दरोगा का वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप चोरी के मुकदमे से नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप जांच पूरी होने तक दरोगा लाइन हाजिर, विभागीय कार्रवाई शुरू ✒️रिपोर्ट यूपी हेड नागेंद्र पांडये सीतापुर, उत्तर प्रदेश। सीतापुर जिले के अटरिया थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक का कथित रूप से रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। वायरल वीडियो में चोरी के एक मुकदमे से नाम हटाने के बदले धनराशि लेने के आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है तथा जांच के आदेश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अटरिया थाने में तैनात उपनिरीक्षक इन्द्रनारायण शुक्ला पर कथित रूप से चोरी के मुकदमे से नाम हटाने के एवज में रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। वायरल दावों के अनुसार पहले कथित तौर पर 10 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिसके बाद 5 हजार रुपये में सौदा तय होने की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कथित लेन-देन को लेकर चर्चाएं तेज हैं और लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद विभाग हरकत में मामले के प्रकाश में आने के बाद सीतापुर पुलिस प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया। पुलिस विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार संबंधित उपनिरीक्षक को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी सिधौली को सौंपी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सोशल मीडिया पर उठे पारदर्शिता के सवाल वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कानून व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था की छवि को प्रभावित करने वाला मामला है। वहीं कई लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। जांच रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल वीडियो की प्रामाणिकता और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सीतापुर में सामने आया यह मामला सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करता है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप कितने तथ्यात्मक हैं और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी किस सीमा तक बनती है। 🟥 ND NEWS की जनहित अपील 🔹 भ्रष्टाचार के खिलाफ समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर कार्य करना होगा। 🔹 किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर उसकी शिकायत संबंधित विभाग और सतर्कता इकाइयों से करें। 🔹 बिना सत्यापन के किसी वीडियो या सूचना को वायरल करने से बचें। 🔹 विभागीय जांच पूरी होने तक निष्पक्षता बनाए रखना भी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है। 🔹 पुलिस एवं प्रशासन को पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाकर जनता का विश्वास मजबूत करना चाहिए। "ईमानदार प्रशासन और जागरूक नागरिक ही भ्रष्टाचार मुक्त समाज की मजबूत नींव हैं।" 👇👇 @Uppolice @sitapurpolice @myogiadityanath @CMOfficeUP @dgpup @HomeDepttUP @InfoDeptUP @UPGovt 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Sitapur #AteriaThana #UPPolice #ViralVideo #Corruption #BreakingNews #PoliceInvestigation #UttarPradesh #सीतापुर #अटरिया_थाना #भ्रष्टाचार #वायरल_वीडियो #उत्तरप्रदेश_पुलिस #जनहित #पारदर्शिता #NDNewsChannel #DailyNishpakshDhara #इन्द्रनारायणशुक्ला 👇👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया ✒️ रिपोर्ट : यूपी हेड नागेंद्र पांडये 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 18 जून 2026 📆 दिन: गुरुवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jun 17, 2026

रिश्वत के आरोप के बीच बस कर्मचारी से मारपीट? नोएडा का वीडियो वायरल

परिवहन विभाग के पीटीओ पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

महामाया फ्लाईओवर पर हुई कथित घटना से विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

✒️रिपोर्ट स्टेट हेड रोशन लाल श्रीवास्तव एनसीआर

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के नोएडा स्थित महामाया फ्लाईओवर पर परिवहन विभाग के एक अधिकारी और बस कर्मचारी के बीच हुए कथित विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों के आचरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और मामले की आधिकारिक जांच की प्रतीक्षा है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार सुबह उस समय विवाद खड़ा हो गया जब गोरखपुर से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस को महामाया फ्लाईओवर के पास परिवहन विभाग की चेकिंग टीम ने रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चेकिंग के दौरान बस कर्मचारी और परिवहन विभाग के पीटीओ के बीच कहासुनी हो गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर बस कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार और थप्पड़ मारने की घटना दिखाई दे रही है। वायरल पोस्टों में आरोप लगाया जा रहा है कि कथित रिश्वत की मांग पूरी न होने पर विवाद बढ़ा और मामला मारपीट तक पहुंच गया। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम जांच एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले पूरे मामले की जांच आवश्यक है।

परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

वायरल वीडियो के बाद यह बहस तेज हो गई है कि सड़क परिवहन चेकिंग के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच व्यवहार की मर्यादा तथा पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला विभागीय अनुशासन और जवाबदेही से भी जुड़ सकता है।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल घटना को लेकर आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो और सोशल मीडिया दावों के आधार पर किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

नोएडा में सामने आई इस घटना ने प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और सार्वजनिक सेवाओं में आचरण संबंधी मानकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग मामले की जांच किस प्रकार करता है और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

🟥 ND NEWS की अपील

🔹 सभी सरकारी विभागों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सम्मानजनक व्यवहार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
🔹 किसी भी शिकायत या आरोप की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच होनी चाहिए ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
🔹 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवा आचरण नियमों का पालन करते हुए जनता से संवाद करना चाहिए।
🔹 परिवहन विभाग को चेकिंग प्रक्रिया में बॉडी कैमरा, डिजिटल रिकॉर्डिंग और पारदर्शी व्यवस्था को बढ़ावा देना चाहिए।
🔹 नागरिकों से भी अपील है कि किसी घटना का वीडियो साझा करते समय अफवाहों से बचें और सत्यापित जानकारी को ही प्रसारित करें।

"पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेह व्यवस्था ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।"
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✒️ रिपोर्ट : स्टेट हेड रोशन लाल श्रीवास्तव एनसीआर
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📆 दिन: गुरुवार
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रिश्वत के आरोप के बीच बस कर्मचारी से मारपीट? नोएडा का वीडियो वायरल परिवहन विभाग के पीटीओ पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग तेज महामाया फ्लाईओवर पर हुई कथित घटना से विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ✒️रिपोर्ट स्टेट हेड रोशन लाल श्रीवास्तव एनसीआर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के नोएडा स्थित महामाया फ्लाईओवर पर परिवहन विभाग के एक अधिकारी और बस कर्मचारी के बीच हुए कथित विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों के आचरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और मामले की आधिकारिक जांच की प्रतीक्षा है। उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार सुबह उस समय विवाद खड़ा हो गया जब गोरखपुर से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस को महामाया फ्लाईओवर के पास परिवहन विभाग की चेकिंग टीम ने रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चेकिंग के दौरान बस कर्मचारी और परिवहन विभाग के पीटीओ के बीच कहासुनी हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर बस कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार और थप्पड़ मारने की घटना दिखाई दे रही है। वायरल पोस्टों में आरोप लगाया जा रहा है कि कथित रिश्वत की मांग पूरी न होने पर विवाद बढ़ा और मामला मारपीट तक पहुंच गया। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम जांच एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले पूरे मामले की जांच आवश्यक है। परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल वायरल वीडियो के बाद यह बहस तेज हो गई है कि सड़क परिवहन चेकिंग के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच व्यवहार की मर्यादा तथा पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला विभागीय अनुशासन और जवाबदेही से भी जुड़ सकता है। जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई फिलहाल घटना को लेकर आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो और सोशल मीडिया दावों के आधार पर किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नोएडा में सामने आई इस घटना ने प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और सार्वजनिक सेवाओं में आचरण संबंधी मानकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग मामले की जांच किस प्रकार करता है और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। 🟥 ND NEWS की अपील 🔹 सभी सरकारी विभागों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सम्मानजनक व्यवहार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। 🔹 किसी भी शिकायत या आरोप की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच होनी चाहिए ताकि जनता का विश्वास बना रहे। 🔹 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवा आचरण नियमों का पालन करते हुए जनता से संवाद करना चाहिए। 🔹 परिवहन विभाग को चेकिंग प्रक्रिया में बॉडी कैमरा, डिजिटल रिकॉर्डिंग और पारदर्शी व्यवस्था को बढ़ावा देना चाहिए। 🔹 नागरिकों से भी अपील है कि किसी घटना का वीडियो साझा करते समय अफवाहों से बचें और सत्यापित जानकारी को ही प्रसारित करें। "पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेह व्यवस्था ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।" 👇👇 @UPGovt @InfoDeptUP @UPTransportDept @myogiadityanath @CMOfficeUP @ChiefSecyUP @dmgbnagar @noidatraffic @Uppolice @noidapolice 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Noida #GautamBuddhNagar #TransportDepartment #ViralVideo #BreakingNews #UPNews #PublicAccountability #RoadTransport #नोएडा #परिवहन_विभाग #उत्तरप्रदेश_सरकार #वायरल_वीडियो #जनहित #प्रशासनिक_जवाबदेही #NDNewsChannel #DailyNishpakshDhara 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया ✒️ रिपोर्ट : स्टेट हेड रोशन लाल श्रीवास्तव एनसीआर 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ (226001) (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर (212601) (UP) 📅 दिनांक: 18 जून 2026 📆 दिन: गुरुवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jun 17, 2026