पेपरलेस रजिस्ट्री के विरोध में डीड राइटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी
दो दिनों में महज एक जमीन की रजिस्ट्री, सामान्य दिनों में रोज 80-85 रजिस्ट्री; सरकार के राजस्व पर भी पड़ा असर
परिवर्तन बिहार न्यूज़ के लिए विवेक की रिपोर्ट
जमुई में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में बिहार दस्तावेज नवीस संघ के आह्वान पर शुरू हुई डीड राइटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। जिला दस्तावेज नवीस संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा और सचिव मनोज कुमार सिन्हा के नेतृत्व में डीड राइटर और मुंशी कामकाज से दूर रहकर अपनी मांगों के समर्थन में डटे रहे। हड़ताल के कारण रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री का काम लगभग ठप हो गया है।
रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारी अजय कुमार ने बताया कि हड़ताल के कारण दो दिनों में महज एक जमीन की रजिस्ट्री हो सकी है। जबकि सामान्य दिनों में जमुई रजिस्ट्री कार्यालय में प्रतिदिन करीब 80 से 85 जमीन की रजिस्ट्री होती थी। इससे हड़ताल के कारण रजिस्ट्री कार्यालय के कामकाज पर पड़े व्यापक असर का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इससे सरकार के राजस्व संग्रह पर भी असर पड़ा है और प्रतिदिन करीब 20 लाख रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है।
डीड राइटर रामाशंकर प्रसाद ने कहा कि दस्तावेज नवीस वर्षों से आम लोगों को जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री की प्रक्रिया में सहयोग करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों को जमाबंदी, खसरा समेत जमीन से जुड़ी कई प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे में डीड राइटर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश देकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराने में मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने के बाद आम लोगों को कई प्रक्रियाओं के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। वहीं, वर्षों से इस कार्य से जुड़े डीड राइटरों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि डीड राइटरों के माध्यम से सरकार को भी लगातार राजस्व प्राप्त होता है। वर्तमान हड़ताल के कारण राजस्व संग्रह में भारी गिरावट आई है।
संघ से जुड़े डीड राइटरों ने कहा कि उन्हें जिला प्रशासन की ओर से लाइसेंस प्राप्त है और इसी पेशे के माध्यम से वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अचानक व्यवस्था में बदलाव किए जाने से उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और डीड राइटरों के हित में ठोस समाधान निकालने की मांग की।
डीड राइटरों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में जमीन की रजिस्ट्री प्रभावित होने के साथ सरकार के राजस्व पर भी इसका असर और बढ़ने की संभावना है।
Jamui, Jamui | Aug 18, 2026