श्यामनगर से 551 कांवरियों का जत्था पहुंचा बाबा सिद्धनाथ धाम, किया जलाभिषेक
फतुहा से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा पर निकले कांवरियों का जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत, सेवा में जुटे रहे ग्रामीण व समितियां
गया। सावन की पावन बेला में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब श्यामनगर से 551 सदस्यीय कांवरियों का विशाल जत्था बाबा सिद्धनाथ मंदिर पहुंचा। कांवरियों ने विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ बाबा सिद्धनाथ का जलाभिषेक कर क्षेत्र, समाज और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
कांवरियों का यह जत्था पहले फतुहा पहुंचा, जहां पवित्र गंगा नदी से गंगाजल उठाया गया। इसके बाद सभी कांवरिया बोल बम के जयघोष के साथ अपनी धार्मिक यात्रा पर आगे बढ़े और सोमवार को बाबा सिद्धनाथ मंदिर पहुंचकर गंगाजल अर्पित किया। पूरे यात्रा मार्ग में ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ के जयकारों से वातावरण शिवमय बना रहा।
रास्ते भर सेवा में जुटे रहे श्रद्धालु
कांवरियों की सेवा और स्वागत के लिए यात्रा मार्ग में जगह-जगह स्थानीय लोगों एवं विभिन्न समितियों द्वारा शिविर लगाए गए। इस्लामपुर में हनुमान जी कमेटी के सदस्यों ने कांवरियों के लिए विशेष सेवा की। यहां कांवरियों को पानी, शरबत, फल, नाश्ता सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
इसके अलावा नई बाजार स्थित पेट्रोल पंप के पास तथा महुआरी में भी कांवरियों की सेवा एवं स्वागत किया गया। स्थानीय लोगों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कांवरियों की सेवा कर धार्मिक एकता और सामाजिक सहयोग की मिसाल पेश की।
नदी पार सुल्तानपुर के ग्रामीणों ने भी की सेवा
कांवरियों की यात्रा के दौरान नदी पार सुल्तानपुर गांव के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सेवा की। ग्रामीणों ने कांवरियों का स्वागत करते हुए उनके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। सेवा भाव से जुटे ग्रामीणों के प्रयास की कांवरियों ने सराहना की और उनका आभार जताया।
आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
551 कांवरियों की इस यात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था का संदेश दिया, बल्कि रास्ते में विभिन्न गांवों और बाजारों के लोगों द्वारा की गई सेवा ने सामाजिक सहयोग और भाईचारे की भावना को भी मजबूत किया। यात्रा के दौरान कांवरियों की सुरक्षा, सुविधा और सेवा को लेकर स्थानीय लोग लगातार सक्रिय नजर आए।
बाबा सिद्धनाथ मंदिर पहुंचने के बाद कांवरियों ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने बाबा सिद्धनाथ से सभी लोगों के सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की मंगलकामना की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की धार्मिक यात्राएं क्षेत्र में आपसी भाईचारा, सेवा और सामाजिक एकता को मजबूत करती हैं। श्यामनगर से निकली 551 सदस्यीय कांवर यात्रा में जिस तरह से रास्ते भर लोगों ने सेवा की, वह क्षेत्र की धार्मिक आस्था और मानव सेवा की भावना को दर्शाता है।