किशाऊ बांध परियोजना पर समझौता निर्णायक एवं ऐतिहासिक : उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया
वाइल्ड फ्लावर हॉल के मालिकाना हक से प्रदेश को 450 करोड़ रुपये प्राप्त, हर वर्ष 20 करोड़ रुपये की होगी आय
चंबा टुडे चैनल
उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने आज आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश सरकार की विभिन्न विकासात्मक उपलब्धियों, लंबित वित्तीय अधिकारों तथा चम्बा जिला से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा, वित्तीय संसाधनों को सुदृढ़ करने तथा विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
किशाऊ बांध परियोजना को लेकर हुए समझौते को हिमाचल प्रदेश के लिए निर्णायक एवं ऐतिहासिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना से प्रदेश को बड़ा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि समझौते के अनुसार हिमाचल प्रदेश को किशाऊ बांध से उत्पादित होने वाली 211 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी। इस बिजली के उत्पादन पर हजारों करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित था, लेकिन अब यह खर्च हिमाचल प्रदेश को वहन नहीं करना पड़ेगा। पानी का उपयोग करने वाले संबंधित राज्य ही यह खर्च वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किशाऊ परियोजना से संबंधित समझौते में हिमाचल प्रदेश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और लंबे समय तक चली बातचीत के बाद प्रदेश के पक्ष में महत्वपूर्ण निर्णय सुनिश्चित किया। उन्होंने बताया कि आकलन के अनुसार किशाऊ विद्युत परियोजना से पहले लगभग 600 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना थी, जबकि परियोजना के पूरा होने के बाद वर्तमान अनुमान के अनुसार हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 1,200 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होने की संभावना है। इससे प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी और इसका लाभ प्रदेश के लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
वाइल्ड फ्लावर हॉल के संबंध में उप मुख्य सचेतक ने कहा कि यह होटल पिछले 23 वर्षों से मात्र एक रुपये की लीज पर था। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा लीज रद्द किए जाने के पश्चात प्रदेश को इसके मालिकाना हक प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश को लगभग 450 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जबकि हर वर्ष लगभग 20 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रदेश के संसाधनों के उचित उपयोग तथा आर्थिक हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है। प्रदेश के 75 लाख हिमाचलवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा लिए जा रहे ऐसे निर्णय राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे।
बीबीएमबी से लंबित राशि के संबंध में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड से हिमाचल प्रदेश की लंबित 7,200 करोड़ रुपये की राशि की वसूली के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रदेश के पक्ष में सकारात्मक संकेत देखने को मिल रहे हैं और सरकार राज्य के अधिकारों की प्राप्ति के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के वित्तीय एवं संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विषयों को उचित मंचों पर प्रभावी ढंग से उठाया जा रहा है, ताकि प्रदेश को उसके जायज अधिकार प्राप्त हो सकें।
शानन एवं बैरास्यूल परियोजनाओं के संबंध में उप मुख्य सचेतक ने कहा कि इन परियोजनाओं की निर्धारित 40 वर्ष की समय सीमा पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं पर प्रदेश के अधिकारों से संबंधित विषयों पर उचित निर्णय लिया जाना चाहिए तथा शानन परियोजना को हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के माध्यम से प्रदेश की जनता को समर्पित किया जाना चाहिए। उन्होंने बैरास्यूल परियोजना के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश की प्रारंभिक पनबिजली परियोजनाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि वाटर सेस, शानन एवं बैरास्यूल परियोजनाओं तथा बीबीएमबी से लंबित राशि जैसे महत्वपूर्ण मामलों में प्रदेश के हितों के अनुरूप निर्णय होने से हिमाचल प्रदेश के विकास को नई गति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इन अधिकारों एवं वित्तीय संसाधनों की प्राप्ति प्रदेश के विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के वित्त आयोग के माध्यम से वर्ष 1952 से प्रदेश को मिल रहे 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन वित्तीय चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश को आर्थिक संकट से बाहर निकालने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने, आर्थिक चुनौतियों का सामना करने तथा विकास कार्यों को गति प्रदान करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है।
चम्बा जिला में जलविद्युत परियोजनाओं से होने वाली पर्यावरणीय क्षति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि चमेरा परियोजना चरण-I, II एवं III के कारण पर्यावरणीय नुकसान का भार चम्बा जिला के लोगों को सहन करना पड़ रहा है, जबकि इन परियोजनाओं से प्राप्त होने वाले लाभ का अपेक्षित हिस्सा अन्य क्षेत्रों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चम्बा जिला को इन परियोजनाओं से होने वाले लाभों में उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने पर्यावरणीय संसाधनों के संरक्षण तथा परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि चम्बा जिला का आकांक्षी जिला की सूची में शामिल होना यहां की विकासात्मक चुनौतियों को दर्शाता है। ऐसे में जिले के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए विकासात्मक एवं वित्तीय लाभ सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है।
चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से से संबंधित विषय पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों को उचित मंचों पर उठाया जा रहा है और सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
इलेक्ट्रिक बसों के प्रावधान का उल्लेख करते हुए उप मुख्य सचेतक ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर विभिन्न आशंकाएं सामने आ रही थीं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हिमाचल प्रदेश के लिए एक हज़ार इलेक्ट्रिक बसों का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से हिमाचल पथ परिवहन निगम की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लिए जा रहे सभी निर्णायक एवं दूरदर्शी फैसले हिमाचल प्रदेश के 75 लाख हिमाचलवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के अधिकारों की रक्षा करना, वित्तीय संसाधनों को मजबूत करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा विकास की गति को तेज करते हुए हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे ले जाना है।
इस अवसर पर सदर विधायक नीरज नैय्यर, अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुरजीत भरमौरी, अध्यक्ष प्रदेश हज कमेटी दिलदार अली बट्ट व अध्यक्ष ब्लॉक कांगेस कमेटी ओम प्रकाश उपस्थित रहे।
Chamba, Chamba | Sep 22, 2026